NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली विधानसभा और महिला सशक्तिकरण: बस समाज को और मौके देने की ज़रूरत है
महिला सशक्तिकरण के नज़रिये से अगर इन चुनावों का विश्लेषण किया जाए तो न बहुत उम्मीद बंधती है और न बहुत निराशा मिलती है। विधानसभा में जहां महिला सदस्यों की संख्या बढ़ गई है। लेकिन वहीं अभी भी राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव में महिलाओं के लिए अवसर की बात करें तो वो अभी नगण्य ही हैं।
मुकुंद झा
13 Feb 2020
Delhi election

दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम आ गए, एकबार फिर आम आदमी पार्टी की बंपर जीत हुई। लेकिन एकबार फिर इस रिज़ल्ट ने साफ किया कि भारतीय राजनीति में अगर महिलाओं को अवसर दिए जाएं तो वो भी किसी से कम नहीं हैं। महिला सशक्तिकरण के नज़रिये से अगर इन चुनावों का विश्लेषण किया जाए तो न बहुत उम्मीद बंधती है और न बहुत निराशा मिलती है। विधानसभा में जहां महिला सदस्यों की संख्या बढ़ गई है। लेकिन वहीं अभी भी राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव में महिलाओं के लिए अवसर की बात करें तो वो अभी नगण्य ही हैं।

दिल्ली की 70 सदस्यीय नवनिर्वाचित विधानसभा में इस बार 8 महिलाएं होंगी। इनमें 4 मौजूदा महिला विधायक शामिल हैं। दिल्ली में 2015 के मुकाबले इस बार महिला विधायकों की संख्या बढ़ी है। तब विधानसभा चुनाव में 6 महिलाएं निर्वाचित हुई थीं।

दिल्ली में मतदाताओं की संख्या देखें तो महिला मतदाता लगभग 45% हैं परन्तु अगर हम चुनावों में अवसर की बात करें तो किसी राजनीतिक दल ने 14% से अधिक टिकट महिलाओं को नहीं दिया है। हालांकि 2015 के मुकाबले तीनों प्रमुख दलों ने ज़्यादा महिला प्रत्याशियों को टिकट दिये। महिलाओं की भागीदारी तो बढ़ी है, लेकिन सवाल वही क्या यह पर्याप्त हैं ?

भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने कुल 70 विधानसभा सीटों में से 25 पर महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा।

इन तीनों दलों की बात करें तो टिकट देने में कांग्रेस सबसे आगे रही। वो अलग बात है कि उसका कोई भी उम्मीदवार जीत न सका न महिला न पुरुष। कांग्रेस ने सबसे अधिक 10 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। आम आदमी पार्टी ने 9 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने 6 महिला प्रत्याशियों मैदान में उतरा था।

अगर हम 2015 में से तीनों दलों ने 19 महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा था, उस समय बीजेपी ने 8, आप ने 6 और कांग्रेस ने 5 को टिकट दिये थे। अगर हम तीनो दलों को महिलाओं को टिकट देने की तुलना करे तो साफ दीखता है की बीजेपी को छोड़कर सभी दलों में महिला उम्मदीवारों की संख्या बढ़ी थी। कांग्रेस ने 2015 के मुकाबले अपने महिला प्रत्याशियों की संख्या लगभग डबल कर दी थी। आप ने भी अपने महिला उम्मीदवार की संख्या बढ़ी है।

सभी महिला प्रत्याशियों के नतीजे देखें तो जितने भी महिला उम्मीदवार जीतीं वे आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार हैं। आप ने कुल 9 महिलाओं को टिकट दिया जिनमें से उन्होंने 8सीटों पर जीत दर्ज की। सिर्फ़ रोहतास नगर की सीट पर आप की महिला प्रत्याशी की हार हुई। यह सीट भाजपा के खाते में गयी है। इस सीट पर भाजपा के जितेंद्र महाजन ने 13 हज़ार से ज़्यादा अंतर से आप की सरिता सिंह को हराया। हालांकि सरिता सिंह ने 60 हज़ार से अधिक वोट हासिल किए।

कांग्रेस और बीजेपी से चुनाव लड़ रहीं सभी महिला प्रत्याशी चुनाव हार गई हैं। इसका अगर ध्यान से देखे इन दोनों पार्टियों के पुरुष प्रत्याशी भी बड़ी संख्या में हारे हैं। आप में शालीमार बाग की वंदना कुमारी को छोड़कर सभी विजयी महिला प्रत्याशियों को मिलने वाले वोटों की संख्या 52 फीसदी या उससे अधिक रहा है।

विजयी आप महिला प्रत्याशी विधानसभा मत प्रतिशत (%)

1. आतिशी- कालकाजी- 52.28

2. भावना गौड़- पालम- 59.15

3. धनवती चंदाला- रजौरी गार्डन- 55.70

4. राखी बिड़ला- मंगोलपुरी- 58.53

5. प्रमिला टोकस- आरके पुरम- 52.45

6.राजकुमारी ढिल्लन- हरिनगर- 53.67

7. प्रीति तोमर- त्रिनगर- 52.38

8. वंदना कुमारी- शालीमार बाग- 49.41

जीती महिला प्रत्याशी कौन हैं जानिए

आतिशी

आतिशी कालकाजी विधानसभा सीट से चुनाव जीत गई हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी धर्मवीर सिंह को 11393 वोटों से हराया है। आतिशी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हैं और आप के राजनीतिक मामलों की समिति की सदस्य रहीं हैं। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार भी रह चुकी हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के पीछे 38 साल की आतिशी का कमाल ही माना जाता है। कहा जाता है कि आतिशी के सुझाव पर ही मनीष सिसोदिया ने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव किए। दिल्ली सरकार के सलाहकार के तौर पर काम करने के लिए वो एक रुपये की सैलरी लिया करती थी।

Atishi.jpg

भावना गौड़

पालम सीट पर आम आदमी पार्टी की भावना गौड़ ने एक बार फिर से जीत हासिल की है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार विजय पंडित को हराया। वो साल 2015 में आप उम्मीदवार के तौर पर जीतीं थीं। उस समय उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार धरम सिंह सोलंकी को पराजित किया था।

Bhawna Guar.jpg

धनवती चंदेल

राजौरी गार्डन सीट से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार धनवती चंदेल की जीत हुई थी। उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी रमेश खन्ना को हराया है। आपको बता दे यह सीट आम आदमी पार्टी ने बीजेपी से छीनी हैं।

बता दें कि यहां साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जरनैल सिंह को जीत मिली थी। जिसके बाद वो अचानक पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने चले गए जिसके बाद यह सीट खाली हुई ,जिसके बाद उपचुनावों में इस सीट पर बीजेपी और अकाली दल के साँझा उम्मीदवार मनजिंदर सिंह सिरसा की जीत हुई थी।

dhanwati.jpg

राखी बिड़ला

मंगोलपुरी विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की राखी बिड़ला ने एक बार फिर बंपर जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा ने करम सिंह कर्मा को हराया। आपको बता दें यह उनकी लगतार तीसरी जीत है इससे पहले वो 2013 और 2015 में चुनाव जीत चुकी है। केजरीवाल की 49 दिन की सरकार में दिल्ली सरकार में कैबिनट मंत्री भी थी। इसके बाद पिछली विधनसभा में वो विधानसभा की उपाध्यक्ष भी रही हैं।

image_3.png

प्रमिला टोकस

दिल्ली की आरके पुरम विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी की प्रमिला टोकस ने फिर से बाजी मारी। उन्होंने इस चुनाव में बीजेपी के अनिल कुमार शर्मा को हराया। वो 2015 में भी चुनाव जीत चुकी हैं।

parmila tokesh.jpg

राजकुमारी ढिल्लन

दिल्ली की हरिनगर सीट से नवनिर्वाचित विधायक राजकुमारी ढिल्लन, वे कांग्रेस की पार्षद थीं। टिकट की घोषणा से 24 घंटे पहले आम आदमी पार्टी का दामन थामा। टिकट मिला तो भाजपा के दिग्गज नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को कारारी मात दी और अब विधानसभा पहुंच गईं। आपको बता दें इस सीट पर सभी की नज़रें थीं क्योंकि यहाँ से सोशल मीडिया पर फेमस ट्रोल अपने विरोधियों पर हमले करने के लिए चर्चित बग्गा चुनाव लड़ रहे थे। जिसे राजकुमारी ने हराया उन्होंने 53 % वोटो के साथ यह जीत हासिल की।

Rajkumari Dhillon.jpg

प्रीति तोमर

दिल्ली की त्रिनगर सीट से आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी प्रीति तोमर ने जीत हासिल की है। वह 10710 वोटों से जीती हैं। यह जीत आप के लिए काफी अहम है क्योंकि यहां से जीतने वाली प्रीति तोमर आप सरकार में मंत्री रह चुके जितेंद्र तोमर की पत्नी हैं। जितेंद्र तोमर आप सरकार में कानून मंत्री रह चुके हैं और फर्जी डिग्री के चलते वह जेल भी जा चुके हैं। इस बार भी पार्टी ने उन्हें ही टिकट दिया था लेकिन विवादों के बाद इस बार आम आदमी पार्टी ने जितेंद्र की बजाय उनकी पत्नी प्रीति को मैदान में उतारा है। उनके सामने भाजपा के तिलकराम गुप्ता और कांग्रेस के कमलकांत गुप्ता चुनाव मैदान में थे।

preeti tomar.PNG

वंदना कुमारी

शालीमार बाग विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी ने जीत हासिल की है। वंदना कुमारी ने 3440 वोटों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रेखा गुप्ता को शिकस्त दी। वंदना कुमारी सभी महिला जीते उम्मीदवारों में सबसे कम अंतर् से जीती हैं। वो इससे पहले 2015 में भी चुनाव जीती थीं।

वंदना कुमारी एक समान्य गृहणी हैं,उन्होंने इस नतीजे के बाद न्यूज़क्लिक से बात की और कहा कि इन नतीजों ने साबित कर दिया की महिलाएं पीछे नहीं है बस अवसरों की जरूरत हैं। उन्होंने इस बात पर भी ख़ुशी ज़ाहिर की इस बार पिछली बार से अधिक महिलाएं चुनाव लड़ीं और जीती हैं।

Vandana Kumrai_0.jpg

आगे उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए सार्वजानिक जीवन में आना आसान नहीं होता हैं क्योंकि हमे पहले अपने घर की जिम्मेदारियों को पूरा करना होता है। उसके बाद ही हम कुछ कर सकते हैं। इन सबके लिए घरवालों का सपोर्ट सबसे ज्यादा ज़रूरी होता हैं। आज देश में हर क्षेत्र में महिलाएं बेहतरीन काम कर रही हैं। बस समाज को और मौके देने की ज़रूरत है।

Delhi Assembly Election 2020
AAP
women empowerment
Women Leadership
Women in Politics
Atishi
Bhavna Gaur
Dhanwati Chandala
Rakhi Birla
Pramila Tokas
Sarita Singh
Preeti Tomar
Vandana Kumari
Arvind Kejriwal

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

विशेष: क्यों प्रासंगिक हैं आज राजा राममोहन रॉय

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

हार्दिक पटेल का अगला राजनीतिक ठिकाना... भाजपा या AAP?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?


बाकी खबरें

  • bank strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बैंक हड़ताल: केंद्र द्वारा बैंकों के निजीकरण के ख़िलाफ़ यूनियनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी
    16 Dec 2021
    कांग्रेस, एआईटीसी, डीएमके, सीपीआई, सीपीएम और वाईएसआरसी, टीआरसी, शिवसेना, आप के नेताओं सहित कई राजनीतिक दलों और संसद सदस्यों ने भी दो दिवसीय बैंक हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।
  • UP
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी: महामारी में टूटे निस्वार्थ शिक्षक और उनके गांव के सपने
    16 Dec 2021
    एक ऐसे राज्य में जहां राजनेता चुनाव जीतने के लिए अपनी जाति का या फिर सांप्रदायिक कार्ड खेलते हैं, प्यारेलाल ने अपने गांव के बच्चों को पढ़ाकर एकजुट कर दिया था. पर महामारी ने उन्हें बेरोजगार कर दिया और…
  • SP PSP
    रवि शंकर दुबे
    दूर हुए चाचा-भतीजे के गिले-शिकवे, 'साथ चुनाव लड़ेगी सपा-प्रसपा'
    16 Dec 2021
    अखिलेश यादव ने मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मुलाकात हुई और गठबंधन की बात तय हुई। क्षेत्रीय दलों को साथ लेने की नीति सपा को लगातार मजबूत कर रही है।"
  • Modi
    अजय कुमार
    हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व का फ़र्क़
    16 Dec 2021
    अगर कॉरपोरेट्स का साथ ना मिले तो हिंदुत्व की बगिया हिंदू धर्म के मर्म से उजड़ जाएगी।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग तेज़, शाहीन बाग़ आंदोलन के 2 साल और अन्य ख़बरें
    16 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग तेज़, शाहीन बाग़ आंदोलन के 2 साल और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License