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भारत
राजनीति
दिल्ली नगर निगम उपचुनाव परिणाम: आप 4, कांग्रेस 1, बीजेपी 0
निगम के पांच वार्ड में हुए उपचुनाव का बड़ा संदेश है। इनमें से आप ने चार सीटें ज़रूर जींती लेकिन अपनी एक अहम सीट कांग्रेस के हाथों गंवा बैठी, जबकि बीजेपी अपने कब्ज़े की एक सीट भी नहीं बचा पाई और उसपर आप ने कब्ज़ा कर लिया।
मुकुंद झा
03 Mar 2021
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दिल्ली नगर निगम के पांच वार्ड उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने चार और कांग्रेस ने एक सीट जीती। ये चुनाव काफी महत्वपूर्ण बताए जा रहे थे और इन्हें अगले साल होने वाले निगम चुनावो का सेमीफाइनल कहा जा रहा था।

इस चुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया वो अपनी सिटिंग सीट भी गंवा बैठी जबकि चार वार्डों में आप ने जीत हासिल की है। हालांकि उसके पास पहले भी इन पांचों में से चार सीट थीं। लेकिन वह अपनी एक अहम सीट कांग्रेस के हाथों गंवा बैठी। कांग्रेस ने यह एक सीट सबसे ज्यादा अंतर से जीती।

इन चुनावों के कई मायने हैं जिसे समझने की जरूरत है। कई लोग इस परिणाम को भविष्य में बीजेपी की निगम में काबिज़ एकछत्र राज की विदाई बता रहे हैं। जबकि कांग्रेस द्वारा पिछले साल दंगे प्रभावित मुस्लिम इलाके में भारी अंतर से जीत को अल्पसंख्यको की कांग्रेस की तरफ वापसी और केजरीवाल से नाराज़गी बता रहे हैं। जो कि दिल्ली में कांग्रेस वापसी के शुभ संकेत हो सकते हैं।

क्या रहा चुनाव परिणाम, कौन सी सीट किसके खाते में

त्रिलोकपुरी, शालीमार बाग वार्ड, रोहिणी-C और कल्याणपुरी सीट पर आम आदमी पार्टी उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. जबकि पूर्वी दिल्ली की चौहान बांगड़ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार विजयी हुए हैं।

त्रिलोकपुरी वार्ड से आप उम्मीदवार विजय कुमार ने 4986 वोट से जीत दर्ज की। कुल वोट 12845 मिले। जबकि उनके निकटम प्रतिद्वंदी बीजेपी उम्मीदवार ओम प्रकाश को 7859 वोट मिले। ये सीट पहले से ही है आप के पास थी।

शालीमार बाग वार्ड से आप उम्मीदवार सुनिता मिश्रा ने 2705 वोट से जीत दर्ज की। कुल वोट मिले 9764। बीजेपी उम्मीदवार सुरभि जाजू को 7059 वोट मिले। ये सीट पहले बीजेपी के पास थी। यानी आप ने ये सीट बीजेपी से छीन ली।

रोहिणी-C सीट से आप के उम्मीदवार रामचंद्र 2985 वोट से जीते। आप उम्मीदवार रामचंद्र को 14,388 वोट मिले जबकि उनके निकटम प्रतिद्वंदी बीजेपी उम्मीदवार राकेश को 11,343 वोट मिले। ये सीट भी पहले से ही आप के पास थी।

पूर्वी दिल्ली सीलमपुर विधानसभा की चौहान बांगड़ सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार जुबेर अहमद विजयी हुए। जुबेर 10,642 वोट से जीते हैं। कांग्रेस उम्मीदवार को कुल 16,203 वोट मिले। जबकि दूसरे नंबर पर रहे आप के मोहम्मद इशराक को 5561 वोट मिले। ये सीट पहले आप के पास थी। यहां से इसबार आप ने अपने पूर्व विधायक को उतरा था।

कल्याणपुरी में आप उम्मीदवार धीरेंद्र कुमार ने 7043 वोट से जीत दर्ज की, उन्हें कुल 14302 वोट मिले हैं। जबकि निकटम प्रतिद्वंदी रहे बीजेपी उम्मीदवार सिया राम को 7259 मिले हैं। ये सीट पहले भी आप के पास ही थी।

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया है, 'एमसीडी उपचुनाव में 5 में से 4 सीटें जीतने पर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई। बीजेपी के शासन से दिल्ली की जनता अब दुखी हो चुकी है। अगले साल होने वाले MCD चुनाव में जनता अरविंद केजरीवाल जी की ईमानदार और काम करने वाली राजनीति को लेकर आएगी।''

परिणाम के क्या हैं मायने

इस चुनाव परिणाम को अगर हम व्यापक तौर पर देखे तो अंक गणित के हिसाब से आप को कोई नुकसान नहीं हुआ है। वो पहले भी चार सीट जीती थी और अभी भी वो उसे बचाने में कामयाब रही है जबकि बीजेपी अपनी एक सीट जो थी उसे भी न बचा सकी। जबकि शून्य पर रही कांग्रेस ने पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर के चौहान बांगर सीट को बड़े मार्जिन से जीता। जोकि उसके लिए एक अच्छे संकेत हैं।

जहाँ बाक़ी वार्ड में नगर निगम में भ्रष्टाचार और इलाक़े की साफ सफ़ाई मुद्दा था वही चौहान बांगर सीट पर इसके साथ ही पिछले साल दिल्ली में हुए दंगे और कोरोना के समय तब्लीगी जमात और मरकज़ का मुद्दा भी अहम् था। आपको बता दें कि यह सीट एक मुस्लिम बहुल इलाका है। यहां तीनों ही बड़ी पार्टी ने मुसलमान उम्मदीवार उतारे थे। इस चुनाव में दोनों ही मुख्य पार्टी कांग्रेस और आप ने मरकज़ से लेकर दंगे के सवाल उठाए। आप ने यहां अपने सबसे बड़े मुस्लिम चहरे अमानतुल्ला खान को प्रचार की जिम्मेदारी दी थी उसके साथ ही खुद केजरीवाल ने रोड शो किया था। जबकि कांग्रेस ने यहां पुराने कद्दावर नेता मतीन अहमहद के बेटे जुबैर को मैदान में उतारा था। वो लगातर अपने प्रचार में केजरीवाल और उनकी पार्टी से सवाल कर रहे थे कि आप लोगो दंगे के समय कहाँ थे? आज हमारे बेक़सूर नौजवान जेल में है आपने क्या किया? कोरोना के समय तब्लीग़ी के मामलों की अलग से लिस्ट क्यों दी जाती थी? जिससे देश में मुसलमानों के खिलाफ माहौल बना और उनके साथ मारपीट हुई। इन सवालों के जबाब आप के नेता नहीं दे सके। कांग्रेस इस पूरे इलाक़े में ये संदेश देने में कामयाब रही कि आप ने विधानसभा में वोट तो मुसलमानों का लिया लेकिन उनके हक़ के लिए कुछ नहीं किया।

कई लोग इसे इस प्रकार देखे रहे है कि भविष्य में कांग्रेस एकबार फिर दिल्ली में मुस्लिम समुदाय को अपनी तरफ़ करने में कामयाब होगी और अगर ऐसा होता है तो यह केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए भारी नुकसान होगा।

इस परिणाम से गदगद कांग्रेस  दिल्ली के अध्यक्ष अनिल चौधरी  ने कहा निगम उप चुनाव में दिल जीता है 2022 में दिल्ली जीतेंगे और इस परिणाम को बदलाव का संकेत बताया। 

बता दें कि पांच वार्डों की सीटों पर गत 28 फरवरी को 44 केंद्रों पर उपचुनाव हुआ था। इसमें सभी वार्डों के कुल 2,42,414 मतदाताओं में से 1,23,299 मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया था। इस वजह से कुल 50.86 फीसदी मतदान हुआ था। सबसे अधिक मतदान कल्याणपुरी वार्ड में 59.19 फीसदी दर्ज किया गया था जबकि सबसे कम शालीमार बाग 43.33 फीसदी रहा था। दिल्ली के तीनों नगर निगमों पर 2017 में भाजपा पुन: काबिज हुई थी और आप दूसरे स्थान पर रही थी। एकबार फिर 2022 में नगर निगम के पूर्णकालिक चुनाव होंगे।  

Delhi Municipal Bypolls
AAP wins
BJP Loses
Delhi Civic Polls
Congress

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