NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली पुलिस सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में पकड़े गये आरोपियों का ब्योरा दे : माकपा
माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने कहा कि हिंसा फैलाने के आरेाप में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के नाम और पते तथा इन्हें गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारियों के नाम एवं पद का ब्योरा सार्वजनिक करना अनिवार्य है। 
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
02 Mar 2020
Vrinda karat

माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने दिल्ली पुलिस से राष्ट्रीय राजधानी में पिछले दिनों भड़की सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में गिरफ्तार किए गए लोगों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। 

करात ने सोमवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव को पत्र लिखकर कहा कि हिंसा के मामलों में गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए लोगों का ब्योरा सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हिंसा के मामलों में 148 प्राथमिकी दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। करात ने कहा कि दिल्ली में हिंसा पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान उन्हें बताया गया कि पीड़ित पक्ष न तो प्राथमिकी दर्ज कराने में सक्षम थे और ना ही पुलिस द्वारा पीड़ित परिवारों को एफआईआर दर्ज किए जाने की कोई जानकारी दी गई। 

Delhi Solidarity & Relief Committee volunteers went to the affected areas today.Brinda Karat met the grieving family of Faizan who had been beaten & made to sing the national anthem while he was critically injured. Delhi Police denied him treatment & he succumbed to his injuries. pic.twitter.com/xAFr1Nz32G

— CPI (M) (@cpimspeak) March 1, 2020

करात ने स्थिति को स्पष्ट करने के लिये कहा कि दिल्ली पुलिस को हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए या हिरासत में लिए गए लोगों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के हालात में कानूनी स्थिति स्पष्ट है और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 के तहत प्रत्येक जिले में पुलिस नियंत्रण कक्ष शुरू करना और हिंसा फैलाने के आरेाप में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के नाम और पते तथा इन्हें गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारियों के नाम एवं पद का ब्योरा सार्वजनिक करना अनिवार्य है। 

करात ने कहा कि दिल्ली में हिंसा के मामलों में अब तक दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों का ब्योरा पुलिस नियंत्रण कक्ष और पुलिस थानों में सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से दिल्ली के मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए इस प्रावधान का पालन सख्ती से सुनिश्चित करने की मांग की।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Delhi Violence
communal violence
Communal riots
CPM
CPIM
Vrinda Karat

Related Stories

कानपुर हिंसा: दोषियों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमे का आदेश... नूपुर शर्मा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं!

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

मध्य प्रदेश : खरगोन हिंसा के एक महीने बाद नीमच में दो समुदायों के बीच टकराव

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

रुड़की : दंगा पीड़ित मुस्लिम परिवार ने घर के बाहर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है', पुलिस-प्रशासन ने मिटाया

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'


बाकी खबरें

  • कुशाल चौधरी, गोविंद शर्मा
    बिहार: रोटी-कपड़ा और ‘मिट्टी’ के लिए संघर्ष करते गया के कुम्हार-मज़दूर
    21 May 2022
    गर्मी के मौसम में मिट्टी के कुल्हड़ और मिट्टी के घड़ों/बर्तनों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इससे ज्यादा रोज़गार पैदा नहीं होता है। सामान्य तौर पर, अधिकांश कुम्हार इस कला को छोड़ रहे हैं और सदियों पुरानी…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन के स्ट्रेन BA.4 का पहला मामला सामने आया 
    21 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटो में कोरोना के 2,323 नए मामले सामने आए हैं | देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 31 लाख 34 हज़ार 145 हो गयी है। 
  • विनीत तिवारी
    प्रेम, सद्भाव और इंसानियत के साथ लोगों में ग़लत के ख़िलाफ़ ग़ुस्से की चेतना भरना भी ज़रूरी 
    21 May 2022
    "ढाई आखर प्रेम के"—आज़ादी के 75वें वर्ष में इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा के बहाने कुछ ज़रूरी बातें   
  • लाल बहादुर सिंह
    किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है
    21 May 2022
    इस पूरे दौर में मोदी सरकार के नीतिगत बचकानेपन तथा शेखचिल्ली रवैये के कारण जहाँ दुनिया में जग हंसाई हुई और एक जिम्मेदार राष्ट्र व नेता की छवि पर बट्टा लगा, वहीं गरीबों की मुश्किलें भी बढ़ गईं तथा…
  • अजय गुदावर्ती
    कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है
    21 May 2022
    कांग्रेस पार्टी ख़ुद को भाजपा के वास्तविक विकल्प के तौर पर देखती है, लेकिन ज़्यादातर मोर्चे के नीतिगत स्तर पर यह सत्तासीन पार्टी की तरह ही है। यही वजह है कि इसका आधार सिकुड़ता जा रहा है या उसमें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License