NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
दिल्ली पुलिस ने शब-ए-बारात के दिन लोगों से घरों में रहने का आग्रह किया
बुधवार, आठ अप्रैल को शब-ए-बारात है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के सदस्य अपने रिश्तेदारों को याद करने के लिए कब्रिस्तान जाते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में उनसे ऐसा न करने की अपील की गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Apr 2020
दिल्ली पुलिस
Image Courtesy: Hindustan Times

दिल्ली: कोरोना के प्रकोप के बीच बहुत लोगों ने ‘लक्ष्मण रेखा’ तोड़ते हुए अप्रैल में दिवाली भले ही मना ली लेकिन यही गलती आठ अप्रैल को नहीं दोहरानी है। आठ अप्रैल को शब-ए-बारात के दिन मुस्लिमों से अपने ही घर में रहने का आग्रह किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से कोरोना वायरस के ख़तरे को देखते हुए आगामी आठ अप्रैल, शब-ए-बारात पर अपने घरों में रहने का आग्रह किया। इस दिन मुस्लिम समुदाय के सदस्य अपने रिश्तेदारों को याद करने के लिए कब्रिस्तान जाते हैं।

दिल्ली पुलिस ने ट्विटर पर एक पोस्टर साझा किया जिसमें लोगों को घर के अंदर रहकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में उनका समर्थन करने का आग्रह किया गया था।

पुलिस ने अपनी अपील में कहा कि शब-ए-बारात के दिन भी लॉकडाउन लागू रहेगा।

पोस्टर में लिखा था, '' मोटरसाइकिल पर बाहर आकर और दिल्ली की सड़कों पर अराजकता फैलाने का प्रयास न करें। गैरकानूनी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। त्योहार को शांति से प्यार से मनाएं।”

पुलिस ने लॉकडाउन को बनाए रखने के लिए धार्मिक नेताओं और आरडब्ल्यूए से भी सहयोग मांगा।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 5 अप्रैल को मनाई गई 9 मिनट की दिवाली में कई जगह लॉकडाउन के उल्लंघन की शिकायतें सामने आईं हैं। इस दौरान घर में ही रहकर बत्ती बुझाकर दीये, मोमबत्ती, टॉर्च इत्यादि जलाने को कहा गया था, लेकिन कई जगह लोगों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए न सिर्फ़ पटाख़े छोड़े बल्कि मशाल जुलूस और मोटरसाइकिल रैली भी निकाली।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Shab-e-Baaraat
Lockdown
delhi police
Coronavirus
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License