NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: सफाई कर्मचारियों के संघर्ष की की बड़ी जीत, निकाले गए कर्मचारियों को वापस दी गईं नौकरियां!
मुख्यमंत्री आवास पर हुए सफाई कर्मियों के प्रदर्शन के बाद निकाले गए कर्मचारियों को नौकरियां वापस दे दी गईं हैं। विश्विद्यालय ने लिखित आश्वासन दिया है कि टेंडर बदलने की स्थिति में भी सफाई कर्मियों को नहीं निकाला जाएगा। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Oct 2021
workers

सफाई कामगार यूनियन(एस.के.यू) और इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर विमेन(आईजीडीटीयूडबल्यू) के सफाई कर्मचारियों के संघर्ष की आज बड़ी जीत हुई और विश्विद्यालय प्रशासन को उनकी नौकरियां वापस देने को विवश होना पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया है, जिसमें कहा गया है कि टेंडर बदलने की स्थिति में भी किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। यह ज्ञात हो कि सफाई कर्मचारियों और एस.के.यू को यह जीत तब हासिल हुई जब उन्होंने कपड़े उतार कर दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास के सामने आज यानी गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया।

प्रशासन द्वारा जारी नोटिस 

एसकेयू के प्रेस रिलीज़ के अनुसार सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद, सफाई कामगार यूनियन को दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय से बातचीत के लिए बुलाया गया। मीटिंग में तय हुआ कि मुख्यमंत्री कार्यालय विश्वविद्यालय को यह निर्देश देगा कि वो कर्मचारियों को यह लिखित आश्वासन दे कि उन्हें टेंडर के बदलने पर काम से नहीं निकाला जाएगा। यह सब कर्मचारियों के मुखर संघर्ष के बाद ही संभव हो पाया है।

ज्ञात हो कि कल कर्मचारियों को विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चान्सलर और रजिस्ट्रार द्वारा मीडिया के सामने मौखिक आश्वासन दिया गया था। मगर जब कर्मचारियों ने अपनी भूख हड़ताल को जारी रख कर लिखित आश्वासन की मांग रखी तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने नौकरी में केवल 2 महीने की अवधि बढ़ाने का काम किया।

यूनियन की इस जीत के साथ सफाई कर्मचारियों ने अपना धरना वापस ले लिया है। और उन्होंने यूनियन के अपने संघर्ष को आगे बढ़ाने और उसे पूरे प्रदेश में ले जाने का निर्णय लिया। साथ ही, तब तक अपना संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया है जब तक सभी कांट्रैक्ट कामगारों को आप सरकार के चुनावी वादे के अनुसार नियमित नहीं कर दिया जाता है।

आपको बता दें कि 14 सितंबर 2021 को सफाई कर्मचारियों को उनकी नौकरी से निकाल दिया गया था और वे तब से ही लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। दिल्ली सरकार के झूठे आश्वासनों के विपरीत नए ठेकेदार को लाया जा चुका है।

इसे भी पढ़े: दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालय के सफ़ाई कर्मचारियों ने कपड़े उतार कर मुख्यमंत्री आवास पर किया प्रदर्शन!

SKU
Delhi
Sanitation Workers
Delhi Government University
workers protest
IGDTUW
Indira Gandhi Delhi Technical University for Women
Arvind Kejriwal
AAP
delhi police
gopal ray

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License