NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
दिल्ली विश्वविद्यालय : शिक्षकों की हड़ताल जारी
शनिवार को डूटा ने बैठक की और यह निर्णय लिया गया कि चूंकि उनकी प्रमुख मांग अभी भी नहीं मानी गई है इसलिए प्रदर्शन जारी रहेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Dec 2019
DU Teachers to Continue Strike

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने शनिवार को अपनी जनरल बॉडी मीटिंग में अस्थाई शिक्षकों(एडहॉक) को समाहित करने की मांग को ले कर अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखने का निर्णय किया है। शिक्षक संघ ने बताया कि डूटा के पदाधिकारियों की एचआरडी मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को एक बैठक हुई। उसमें शिक्षकों को राहत देने की बात कही गई और 28 अगस्त के आदेश में सुधार की बात भी कही गई थी। लेकिन शनिवार को डूटा ने बैठक की और यह निर्णय लिया गया कि चूंकि उनकी प्रमुख मांग अभी भी नहीं मानी गई है इसलिए प्रदर्शन जारी रहेगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने एग्ज़ाम का बहिष्कार किया, क्योंकि यह गेस्ट और एडहॉक शिक्षकों के भविष्य का सवाल है। 

28 अगस्त के सर्कुलर में संशोधन करते हुए, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 5 दिसंबर को जारी अपने पत्र में कहा, “कॉलेज/संस्थान अगले शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले स्थायी रिक्तियों को भरे। जब तक यह नहीं होता तब तक, कॉलेजों/संस्थानों के सुचारू शैक्षणिक कामकाज चलाने के लिए , तदर्थ यानि एडहॉक/अस्थायी/अनुबंध/अतिथि संकाय में नियुक्त किया जा सकता है।” 

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए, डूटा कार्यकारी परिषद के सदस्य जितेंद्र मीणा ने कहा कि जीबीएम ने प्रस्ताव पास किया है कि जब तक अवशोषण संबंधी उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मीना ने अवशोषण कैसे लागू होगा इसके तरीक़े पर सवाल का जवाब देते हुए कहा, "यह संसद या दिल्ली विश्वविद्यालय के माध्यम से किया जा सकता है। हालांकि, शिक्षकों ने सटीक तरीके से फ़ैसला नहीं किया है क्योंकि इसकी एक अन्य बैठक में चर्चा की जाएगी। हमने सोमवार को एमएचआरडी तक के लिए शिक्षक मार्च का भी प्रस्ताव पास किया है।"

ज़ाकिर हुसैन कॉलेज में हिंदी के शिक्षक लक्ष्मण यादव ने कहा कि इस मुद्दे को संसद के माध्यम से हल करके पारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं पिछले 8 वर्षों से दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ा रहा हूं।

जैसे-जैसे हम बूढ़े होते जा रहे हैं, हमारे मौक़े सीमित होते जा रहे हैं, इस दौरान केवल हमारा अनुभव गिना जाएगा और कुछ नहीं। वो भी सिर्फ़ दिल्ली विश्वविद्यालय में, जब हम अन्य विश्वविद्यालयों से जाते हैं, तो हमें उचित महत्व नहीं दिया जाता है। यहां तक कि, हमें कई बार कहा गया है कि आपको अपने ही विश्वविद्यालय में स्थायी पद मिल जाएगा, आप यहां आवेदन करके ख़ुद को क्यों परेशान कर रहे हैं।" 

गुमनामी का अनुरोध करने वाले एक अन्य शिक्षक ने कहा कि कुछ साल पहले एक शिक्षक की मौत डेंगू से हो गई थी। चूँकि उनके पास मुश्किल से कोई बचत थी, हमने लगभग 12 लाख रुपये एकत्र किए और उनके परिवार को दिया। 

दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में एक शिक्षक डॉ ऋतु सिंह ने दलित शिक्षकों के अनुभव को बताया, "जिन्हें भर्ती नहीं किया जा सका क्योंकि पदों पर अस्पष्टता बनी हुई है। यह समझने की ज़रूरत है कि ये शिक्षक पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी थे और पढ़ाई इसके लिए एक मुक्ति का रास्ता था। सबसे पहले, हमने 13 बिंदु रोस्टर का मुक़ाबला किया क्योंकि यह एक तरीक़े से संवैधानिक प्रावधानों को नकारता है।

फिर हम नोटिफ़िकेशन का सामना करते हैं जिसमे सभी अस्थाई पदों को अतिथि शिक्षकों के माध्यम से रखा जाएगा। अब, इन पदों पर भर्ती के दौरान किसी भीतर आरक्षण का कोई भी अनुपालन नहीं किया जाता है। इन सभी क़दमों से सरकार हमें ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना से वंचित कर रही है। लेकिन हमने अपनी लड़ाई के माध्यम से सरकार को उन्हें 200 पॉइंट रोस्टर पर वापस लौटने को मजबूर कर दिया है। इस तरह हम अपनी लड़ाई से अवशोषण को भी लागू करने पर मजबूर होंगे।” 

DUTA
Delhi University
DUTA Strike
One Time Absorption
MHRD

Related Stories

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

डीयू के छात्रों का केरल के अंडरग्रेजुएट के ख़िलाफ़ प्रोफ़ेसर की टिप्पणी पर विरोध

डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध

प्रत्यक्ष कक्षाओं की बहाली को लेकर छात्र संगठनों का रोष प्रदर्शन, जेएनयू, डीयू और जामिया करेंगे  बैठक में जल्द निर्णय

डूटा ने ‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस’ दस्तावेज़ के ख़िलाफ़ कुलपति कार्यालय पर किया प्रदर्शन

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में की हड़ताल

डीयू खोलने की मांग को लेकर छात्रों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, पुलिस ने हिरासत में लिया

बीएचयू: सोते हुए छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई, थाना घेराव के बाद गिरफ़्तार छात्र हुए रिहा

दिल्ली : विश्वविद्यालयों को खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में  लिया

बीएचयू: प्रवेश परीक्षा के ख़िलाफ़ ‘छात्र सत्याग्रह’ जारी, प्रशासन का किसी भी विरोध से इंकार


बाकी खबरें

  • modi
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: खांटी बनारसियों को ही नहीं पसंद आया मोदी का ‘इवेंट’, पुजारी और भक्त भी ख़ुश होने की जगह आहत
    15 Dec 2021
    "मोदी ने नई परंपरा यह गढ़ी है कि बाबा के दरबार में अब जूता पहनकर गर्भगृह तक आसानी से जाया जा सकता है। कांवड़ के बजाय लक्जरी वाहन में बैठकर चांदी के लोटे में गंगाजल ढोया जा सकता है और बाबा गर्भगृह के…
  • एम.के. भद्रकुमार
    बाइडेन-पुतिन की बैठक के एक हफ़्ते बाद संकट गहरा रहा है
    15 Dec 2021
    रूस अपनी उन 'लाल रेखाओं' को फिर से दोहरा रहा है
  • hindutva
    अजय कुमार
    हिंदुत्व की बहस के बीच बेरोज़गारी और महंगाई की मार झेलती ग़रीब जनता
    15 Dec 2021
    बनारस में प्रधानमंत्री मोदी की मज़दूरों के साथ बैठकर खाना खाने की फोटो बहुत अधिक वायरल हो रही है। लेकिन वहीं एक ख़बर शहरी बेरोज़गारी को लेकर आई है। जिस पर कोई चर्चा नहीं है। जिसकी सबसे अधिक मार उसी…
  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,984 नए मामले, ओमिक्रॉन से अब तक 57 लोग संक्रमित
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,984 नए मामले, ओमिक्रॉन से अब तक 57 लोग संक्रमित
    15 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.25 फ़ीसदी यानी 87 हज़ार 562 हो गयी है। इस बीच महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के 8 और दिल्ली व राजस्थान में 4-4 नए मामले सामने आए हैं।
  • GDP
    प्रभात पटनायक
    भारत की महामारी के बाद की आर्थिक रिकवरी अस्थिर है
    15 Dec 2021
    2021-22 की दूसरी तिमाही में जीडीपी की 2019-20 की दूसरी तिमाही के स्तर पर बहाली होने के पीछे उपभोग की बहाली नहीं, बल्कि निवेश में बढ़ोतरी कारण है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License