NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में की हड़ताल
‘हम नहीं चाहते कि हमारे छात्रों को परेशानी हो, इसलिए हमने यह कदम लंबे समय तक नहीं उठाया, लेकिन अब हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था क्योंकि बहुत से कर्मचारियों-शिक्षक और गैर शिक्षण कर्मचारियों को पिछले छह माह से न तो वेतन मिला है और न ही पेंशन।’
भाषा
11 Mar 2021
दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में की हड़ताल

नयी दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के हजारों शिक्षकों ने पिछले छह माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में बृहस्पतिवार को हड़ताल की।

विश्वविद्यालय ‘बंद’ का आह्वान दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डीयूटीए) ने मंगलवार को किया था। दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े 12कॉलेज के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि पिछले छह माह से उन्हें न तो वेतन मिला है और न ही अन्य बकाए का भुगतान किया गया है।

डीयूटीए के अध्यक्ष राजीव रे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया ,‘‘ हम नहीं चाहते कि हमारे छात्रों को परेशानी हो, इसलिए हमने यह कदम लंबे समय तक नहीं उठाया, लेकिन अब हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था क्योंकि बहुत से कर्मचारियों-शिक्षक और गैर शिक्षण कर्मचारियों को पिछले छह माह से न तो वेतन मिला है और न ही पेंशन।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हम बस इतना चाहते हैं कि संबंधित प्राधिकार हमारे लिए निधि जारी करे और हमारे वेतन का भुगतान करे। अन्य मुद्दों के लिए हम बैठ कर बात कर सकते हैं।’’

डीयूटीए ने कहा कि महाशिवरात्रि पर शुरू हुई यह हड़ताल आगे आने वाले दिनों में और तेज होगी और शिक्षक 15मार्च को सड़कों पर उतरेंगे।

रे ने कहा कि डीयूटीए दिल्ली विश्वविद्यायल एवं कर्मचारी यूनियन (डीयूसीकेयू) और डीयू छात्र यूनियन (डूसू) के साथ 13मार्च को बैठक करेंगे।

डीयूटीए की ओर से जारी एक बयान के अनुसार,‘‘ डीयूटीए 15मार्च को कुलपति कार्यालय से मुख्यमंत्री के आवास तक एक ‘‘अधिकार रैली’’ निकालेगी और 18 मार्च को एक और रैली कुलपति कार्यालय से उप राज्यपाल के कार्यालय तक निकाली जाएगी।’’

Delhi University
College of Art
DUTA
DUSU
Rajib Ray
delhi government
Delhi High court

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

दिल्ली: ट्रेड यूनियन के साइकिल अभियान ने कामगारों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा शुरू करवाई

डीयू के छात्रों का केरल के अंडरग्रेजुएट के ख़िलाफ़ प्रोफ़ेसर की टिप्पणी पर विरोध

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

युवाओं ने दिल्ली सरकार पर बोला हल्ला, पूछा- 'कहां है हमारा रोज़गार?'

डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध

प्रत्यक्ष कक्षाओं की बहाली को लेकर छात्र संगठनों का रोष प्रदर्शन, जेएनयू, डीयू और जामिया करेंगे  बैठक में जल्द निर्णय


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार के 24 नए एमएलसी में 15 दाग़ी : एडीआर रिपोर्ट
    15 Apr 2022
    नए एमएलसी में 63 फ़ीसदी पर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं अर्थात 15 एमएलसी दाग़ी हैं जबकि सभी करोड़पति हैं।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक : वाकई, ये संयोग नहीं प्रयोग चल रहा है!
    15 Apr 2022
    मध्यप्रदेश के खरगोन में हुई हिंसा अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को भी प्रयोग लगने लगी है। हालांकि ये प्रयोग किसकी ओर से किया गया ये बताने में मंत्री जी ज़रा हिचकिचा गए।
  • रबींद्र नाथ सिन्हा
    बढ़ती हिंसा और सीबीआई के हस्तक्षेप के चलते मुश्किल में ममता और तृणमूल कांग्रेस
    15 Apr 2022
    बढ़ती राजनीतिक हिंसा और इसमें ममता की पार्टी कई सदस्यों के शामिल होने के चलते, कोलकाता हाईकोर्ट ज़्यादा से ज़्यादा मामलों को सीबीआई को भेज रहा है।
  • डॉ. माधव गडबोले
    लोकतंत्र की ताक़त इसकी संस्थाओं में निहित है
    15 Apr 2022
    यह आवश्यक है कि संविधान में ‘सुशासन’ को एक मौलिक अधिकार के रूप में स्वीकार करने के लिए जनमत का दबाव बनाया जाए।
  • वर्षा सिंह
    व्यासी परियोजना की झील में डूबा जनजातीय गांव लोहारी, रिफ्यूज़ी बन गए सैकड़ों लोग
    15 Apr 2022
    “हमारी ऐसी फोटो खींचना जो सीधे मोदी जी तक पहुंचे। हमारी ऐसी फोटो खींचना जिससे दुनिया को पता चले कि हमारे साथ क्या-क्या अन्याय हुआ। ...अपनी यात्रा में गंगोत्री-जमुनोत्री-केदारनाथ में उन्होंने कई करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License