NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उमर खालिद ने दिल्ली दंगों को “साजिश” बताया, तो शरजील इमाम ने कहा उनका भाषण “राजद्रोह” नहीं
खालिद ने न्यायालय से कहा कि पुलिस की प्राथमिकी मनगढ़ंत और अनावश्यक है। वहीं शरजील ने न्यायालय में कहा कि उनके भाषण के किसी भी हिस्से में उन्होंने किसी भी तरह की हिंसा करने की बात नहीं कही थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Aug 2021
उमर खालिद
फाइल फोटो

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुये दंगों के सिलसिले में गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किये गये, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता उमर खालिद ने सोमवार को दिल्ली की एक अदालत में कहा कि पुलिस के दावों में कई विरोधाभास हैं । खालिद ने इसे एक साजिश करार दिया ।

खालिद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था । उन पर फरवरी 2020 में हुये दंगों की साजिश रचने का आरोप है। इन दंगों में 53 लोगों की जान गयी थी जबकि 700 से अधिक घायल हुये थे । खालिद ने मामले में जमानत मांगी है ।

खालिद के अधिवक्ता त्रिदीप पैस ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत से कहा कि प्राथमिकी मनगढंत और अनावश्यक है और जिसका उपयोग उनके मुवक्किल को चयनित आधार पर निशाना बनाने के लिए किया गया। अधिवक्ता ने दिल्ली पुलिस के दावों में दो विरोधाभासों की तरफ संकेत किया । उन्होंने सबसे पहले अदालत को महाराष्ट्र में खालिद के भाषण का 21 मिनट का एक वीडियो दिखाया जिसे अभियोजन पक्ष ने कथित तौर पर भड़काऊ करार दिया था।

वीडियो दिखाने के क्रम में वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल ने भाषण के माध्यम से हिंसा का कोई आह्वान नहीं किया और वास्तव में लोगों को एकता का संदेश दिया। पैस ने कहा, ‘‘उस दिन उमर खालिद ने गांधी जी पर आधारित एकता का संदेश दिया था। इसे आतंकी गतिविधि करार दिया गया। सामग्री देशद्रोही नहीं है। वह लोकतांत्रिक सत्ता की बात कर रहे थे और उन्होंने गांधी का जिक्र किया।’’

दूसरा, उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस के मामले के अनुसार खालिद ने आठ जनवरी को अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यात्रा के दौरान दंगा भड़काने की साजिश रची ।

हालांकि, ट्रम्प की यात्रा संबंधी खबर की घोषणा फरवरी में की गई थी। पैस ने कहा, ‘‘ये इस तरह के झूठ हैं जो वे फैला रहे हैं। यह एक मजाक है। यह प्राथमिकी मनगढंत है।  किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अभियोजन क्या इतना आसान है? क्या अभियोजन पक्ष के रूप में आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं है?’’

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में कहा था कि जमानत की अर्जी में कोई दम नहीं है और और वह मामले में दायर आरोप पत्र का हवाला देते हुये अदालत के समक्ष उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पेश करेगी। इस साल अप्रैल में जेएनयू के पूर्व छात्र को दंगों से जुड़े एक मामले में जमानत मिली थी।

अदालत ने जमानत देते हुये यह कहा था कि घटना के दिन वह प्रत्यक्ष रूप से अपराध स्थल पर मौजूद नहीं थे। खालिद के अलावा जेएनयू की छात्रा नताशा नरवाल और देवांगना कालिता, जामिया समन्वय समिति की सदस्य सफूरा जर्गर, आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन तथा अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

भाषण में हिंसा करने को नहीं कहा, राजद्रोह का मामला नहीं बनता: शरजील इमाम

दिल्ली की एक अदालत में सोमवार को दलील दी गयी कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने पर गिरफ्तार किए गए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र शरजील इमाम पर राजद्रोह का आरोप नहीं लगाया जा सकता क्योंकि उन्होंने भाषण में हिंसा करने के लिए नहीं कहा था।

इमाम ने 2019 में दो विश्वविद्यालयों में दिए भाषणों से जुड़े मामले में जमानत की अर्जी दी है। उन भाषणों में उन्होंने असम तथा बाकी के पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश से ‘काटने’ की कथित तौर पर धमकी दी थी। उन्हें राजद्रोह तथा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।

इमाम की ओर से पेश अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत को बताया कि उनके मुवक्किल के भाषण के किसी भी हिस्से में किसी भी तरह की हिंसा करने की बात नहीं कही गई।

मीर ने कहा, ‘‘जब शरजील इमाम ने कहा कि कानून का यह हिस्सा (सीएए/एनआरसी) असंवैधानिक है व मांग की कि सरकार इस पर पुन:विचार करे और कहा कि यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो हम सड़कों पर उतर आएंगे, ऐसा कहने पर उन पर राजद्रोह का मामला नहीं बनता है।’’ उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार, नाकाबंदी का अधिकार और देश को ठप करने का अधिकार राजद्रोह के समान नहीं है।

मीर ने कहा, ‘‘भाषण में हिंसा करने को नहीं कहा गया। उन्होंने केवल सड़कें अवरूद्ध करने को कहा। उन्होंने यह नहीं कहा कि पूर्वोत्तर को अलग राज्य बनाया जाना चाहिए और स्वतंत्र घोषित करना चाहिए।’’ मीर ने कहा कि इमाम किसी प्रतिबंधित संगठन के सदस्य नहीं हैं, न ही किसी आतंकवादी गिरोह से जुड़े हैं, वह तो महज एक छात्र हैं। इमाम ने कथित भड़काऊ भाषण 13 दिसंबर, 2019 को दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में और 16 दिसंबर, 2019 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दिए थे। वह 28 जनवरी, 2020 से न्यायिक हिरासत में है।

राजधानी में 23 फरवरी 2020 को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़प ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया था जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग जख्मी हुए थे।

Umar khalid
Sharjeel Imam
Delhi Violence
Anti-CAA Protests
delhi police

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

राजद्रोह मामला : शरजील इमाम की अंतरिम ज़मानत पर 26 मई को होगी सुनवाई

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’


बाकी खबरें

  • prashant kishor
    अनिल सिन्हा
    नज़रिया: प्रशांत किशोर; कांग्रेस और लोकतंत्र के सफ़ाए की रणनीति!
    04 Dec 2021
    ग़ौर से देखेंगे तो किशोर भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ तोड़ने में लगे हैं। वह देश को कारपोरेट लोकतंत्र में बदलना चाहते हैं और संसदीय लोकतंत्र की जगह टेक्नोक्रेट संचालित लोकतंत्र स्थापित करना चाहते हैं…
  • All five accused arrested in the murder case
    भाषा
    माकपा के स्थानीय नेता की हत्या के मामले में सभी पांच आरोपी गिरफ्तार
    04 Dec 2021
    घटना पर माकपा प्रदेश सचिवालय ने एक बयान जारी कर आरएसएस को हत्या का जिम्मेदार बताया है और मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है.पुलिस के अनुसार, घटना बृहस्पतिवार रात साढ़े आठ बजे हुई थी और संदीप…
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    MSP की कानूनी गारंटी ही यूपी के किसानों के लिए ठोस उपलब्धि हो सकती है
    04 Dec 2021
    पंजाब-हरियाणा के बाहर के, विशेषकर UP के किसानों और उनके नेताओं की स्थिति वस्तुगत रूप से भिन्न है। MSP की कानूनी गारंटी ही उनके लिए इस आंदोलन की एक ठोस उपलब्धि हो सकती है, जो अभी अधर में है। इसलिए वे…
  • covid
    भाषा
    कोरोना अपडेट: देशभर में 8,603 नए मामले सामने आए, उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से कम हुई
    04 Dec 2021
    देश में कोविड-19 के 8,603 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,46,24,360 हो गई है।  
  • uttarkhand
    सत्यम कुमार
    देहरादून: प्रधानमंत्री के स्वागत में, आमरण अनशन पर बैठे बेरोज़गारों को पुलिस ने जबरन उठाया
    04 Dec 2021
    4 दिसंबर 2021 को उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। लेकिन इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए आमरण अनशन पर बैठे बेरोजगार युवाओं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License