NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली हिंसा: डाक्टरों और दर्द से कराहते घायलों के बीच हुआ रुख्सार का निकाह
परवीन की बेटी रुख्सार की शादी तीन मार्च को होने वाली थी लेकिन दंगे के बाद लड़के के परिवार ने निकाह से इनकार कर दिया था। एक तरफ दंगों की आग और दूसरी तरफ बेटी के रिश्ते का टूट जाना - परिवार दोहरी मार झेल रहा था।
भाषा
05 Mar 2020
Delhi violence
प्रतीकात्मक तस्वीर

मुस्तफाबाद के अल हिंद अस्पताल की पहली मंजिल पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों में घायल लोगों का इलाज चल रहा है। पूरे माहौल में दर्द और सिसकियां गूंज रही हैं। ऐसे आलम में जहां मुस्कुराने की वजह तक ढूंढना मुमकिन न हो, वहां रुख्सार नई जिंदगी शुरू करने की हिम्मत जुटा रही है, वह दुल्हन बनी है और आज ही उसकी विदाई है।

दुल्हन को चारों तरफ से घेरे लोग सामान की एक सूची तैयार कर रहे हैं। ये सारा सामान दुल्हन को निकाह के तोहफे के रूप में दिया जाएगा।सूची में दुल्हन के लिए 11 जोड़ी कपड़े, श्रृंगार का सामान, एक दीवार घड़ी और अलमारी समेत कई चीजें लिखी हैं। इसी बीच कोई आकर पूछता है कि लड़के के लिए दो जोड़ी कपड़े काफी रहेंगे ? इस पर वहां बैठी महिलाएं कहती हैं कि नहीं, कुछ और भी जोड़ दो।

सांप्रदायिक हिंसा में बुरी तरह झुलस चुके उत्तर पूर्वी दिल्ली के बहुत से लोग अल हिंद अस्पताल में शरण लिए हुए हैं। ऐसे ही परिवारों में से एक है समा परवीन का परिवार। परवीन महीनों से अपनी बेटी की निकाह की तैयारी में व्यस्त थीं और लगभग पूरी तैयारी कर चुकी थीं लेकिन इस बीच दिल्ली दंगे की आंच में जलने लगी और यह आग शिवपुरी स्थित उनके घर तक भी पहुंची और धूमधाम से बेटी की शादी करने का उनका सपना टूट गया।

परवीन की बेटी रुख्सार की शादी तीन मार्च को होने वाली थी लेकिन दंगे के बाद लड़के के परिवार ने निकाह से इनकार कर दिया था। एक तरफ दंगों की आग और दूसरी तरफ बेटी के रिश्ते का टूट जाना - परिवार दोहरी मार झेल रहा था।

परवीन कहती हैं कि एक मां के लिए बेटी की शादी इस तरह से टूटते देखना बहुत बुरा है लेकिन इन सारी बुरी चीजों के बीच एक अच्छी बात ये हुई कि रिश्तेदारी में ही एक लड़का मिल गया और उसका परिवार शादी को तैयार हो गया।

परवीन अपनी बेटी को सजते हुए देख रही हैं और भावुक हो जाती हैं ,‘‘24 फरवरी को भीड़ गली में घुस आई और हम जान बचाकर भागे। कई बार पुलिस को भी फोन किया लेकिन कोई नहीं आया। कभी इस पड़ोसी के यहां तो कभी उस पड़ोसी के यहां। दो रातें ऐसी ही कटीं और फिर बुधवार (26 फरवरी) को सुबह पुलिस आई और हमें वहां से निकाला। इसके बाद से हम परिवार के साथ अल हिंद अस्पताल में ही हैं।’’

रुख्सार की विदाई की तैयारियों के बीच ही परवीन को अच्छी खबर मिली है। उनका घर सुरक्षित है। वह कहती हैं,‘‘ खुद को थोड़ा संभाल लें तब देखेंगे कि हमारी जिंदगी कहां पहुंची है।’’सुहाग जोड़ा पहने और हाथों में मेंहदी रचाए रुख्सार बीच-बीच में मुस्कुराती है। निकाह को लेकर उसने शर्माते हुए बस इतना कहा कि जो होता है, सब अच्छे के लिए होता है।
 
मौलवी ने तीन मार्च को रुख्सार का निकाह फिरोज के साथ अस्पताल में ही पढ़वाया। चारों और फैले मायूसी के माहौल में भी अस्पताल में रह रहे लोग अपने दुख दर्द को भुलाकर दुल्हन की विदाई की तैयारियों में जुटे हैं।ऐसे माहौल में अचानक निकाह को लेकर फिरोज कहते हैं, ‘‘निकाह ऐसे होगा, यह कौन जानता था? मेरे सामने जब यह रिश्ता आया तो मैं थोड़ा परेशान हुआ, लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था कि जो होगा अच्छा होगा और मैंने हां कर दी।’’

फिरोज का परिवार उत्तरी दिल्ली के कृष्णानगर में रहता है और फर्नीचर का कारोबार करता है। खुद फिरोज एक निजी कंपनी में काम करते हैं ।फिरोज के भाई मोहम्मद उमर कहते हैं, ‘‘ बेटी हर परिवार की इज्जत होती है। निकाह के कार्ड बंट चुके थे, सारी तैयारी हो चुकी थी अगर ऐसे में निकाह नहीं होता तो कैसा लगता! पहले से ही दंगे की तकलीफ और इसके बाद यह। इसलिए निकाह हो गया और अच्छा हुआ।’’

लेकिन इन दंगों का शिकार हुईं फरजाना, परवीन की तरह खुशकिस्मत नहीं है। खजूरी इलाके में रहने वाली फरजाना ने सिलाई के काम से पाई-पाई जोड़कर अपनी बेटियों को शादी में देने के लिए सामान इकट्ठा किया था, लेकिन इस हिंसा व आगजनी के दौरान उनका घर भी आग के लपेटे में आ गया, जिसमें सबकुछ जलकर खाक हो गया।

फरजाना की दो बेटियों की शादी एक मार्च को होनी थी।फरजाना ने भाषा को बताया, ‘‘मैं और मेरी बच्चियां सिलाई करती थीं। मैं बहुत सालों से अपनी बेटियों को शादी में देने के लिए सामान जोड़ रही थी। मेरी बेटियों का रिश्ता हो गया था शादी एक मार्च को होनी तय थी। मगर माहौल खराब होने की वजह से शादी की तारीख आगे बढ़ा दी थी।वह कहती हैं,‘‘ मैं शादी का सारा सामान ला चुकी थी...जेवर भी ले आई थी। दंगाइयों ने 24-25 फरवरी को सबकुछ लूट लिया और लूटने के बाद घर को आग लगा दी, जिसमें दो फ्रीज, दो वॉशिंग मशीन, अल्मारियां और कपड़े जलकर खाक हो गए। मेरी सारी दौलत खत्म हो गई है।’’

Delhi Violence
Delhi riots
mustafabad
Anti CAA
Pro CAA
communal violence
Communal riots

Related Stories

कानपुर हिंसा: दोषियों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमे का आदेश... नूपुर शर्मा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं!

मध्य प्रदेश : खरगोन हिंसा के एक महीने बाद नीमच में दो समुदायों के बीच टकराव

रुड़की : दंगा पीड़ित मुस्लिम परिवार ने घर के बाहर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है', पुलिस-प्रशासन ने मिटाया

जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 97 गिरफ़्तार

उमर खालिद पर क्यों आग बबूला हो रही है अदालत?

दिल्ली दंगा : अदालत ने ख़ालिद की ज़मानत पर सुनवाई टाली, इमाम की याचिका पर पुलिस का रुख़ पूछा

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

तो इतना आसान था धर्म संसद को रोकना? : रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब में मामला सिर्फ आप-कांग्रेस के बीच ही नहीं, सुलगते हैं सवाल
    15 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची डेरा बस्सी, जहां कड़ी टक्कर है मुद्दों और दावों के बीच। यहां उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नौजवान प्रत्याशी सरबजीत सिंह रॉकी वाल्मीकि से…
  • प्रतीकात्मक फोटो
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब विवाद: हिंदू लड़की को स्कूल में नथुनी पहनने के अधिकार वाले अफ्रीकी अदालत के फैसले को अदालत में संदर्भित किया गया
    15 Feb 2022
    वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने अपनी दलीलें रखते हुए अदालत से अपने अंतरिम आदेश को खत्म करने का आग्रह किया।
  • Hardik
    भाषा
    विसनगर दंगा मामले में अदालत पहुँचे हार्दिक पटेल, दोषसिद्धि पर रोक की माँग
    15 Feb 2022
    अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख तय की है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात : एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को लगाया 22,842 करोड़ का चूना, एसबीआई बोला - शिकायत में नहीं की देरी
    15 Feb 2022
    नई दिल्ली: पिछले 75 सालों में देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला हुआ है। 22,842 करोड़ रुपए के इस घोटाले में गुजरात स्थित कंपनी एबीजी शिपयार्ड के खिलाफ़ सीबीआई में शिकायत दर्ज करने में एसबीआई ने किसी भी त
  • संदीपन तालुकदार
    फ्रांस की गुफा से मिले प्राचीन अवशेषों ने आदिमानव और निएंडरथल के बारे में किए नए खुलासे
    15 Feb 2022
    एक फ्रांसीसी गुफा में नए पुरातात्विक निष्कर्षों ने आधुनिक मनुष्यों और निएंडरथल की नई समझ को जन्म दिया है। नए निष्कर्ष 9 फरवरी को साइंस एडवांस में प्रकाशित हुए थे
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License