NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों ने की बेहतर कार्य स्थिति और वेतन की मांग, काली पट्टी लगाकर कर रहे काम
डीबीसी कर्मचारियों ने अपनी माँगों के प्रति लगातार दिखाई जा रही उदासीनता के विरोध में, 4 जनवरी 2022 से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर न जाने का निर्णय लिया था। परन्तु कोरोना की तीसरी लहर के बढ़ते प्रकोप के मद्देनज़र अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार न करके, विरोध के दूसरे तरीक़े अपनाने का निर्णय लिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jan 2022
Domestic Breeding Checkers

दिल्ली के तीनों नगर निगम में कार्यरत डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स(डीबीसी) कर्मचारी 4 जनवरी 2022 से काली पट्टी बाँधकर काम कर रहे है। पहले इन कर्मचारियों ने अपनी माँगों के प्रति लगातार दिखाई जा रही उदासीनता के विरोध में 4 जनवरी 2022 से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर न जाने का निर्णय लिया था। परन्तु कोरोना की तीसरी लहर के बढ़ते प्रकोप के मद्देनज़र अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार न करके विरोध के दूसरे तरीक़े अपनाने का निर्णय लिया।

इन कर्मचारियों का बुरा हाल है। वो लगातार 26 वर्षों से कार्यरत डीबीसी कर्मचारी, दिल्ली में हर तरह की महामारी से लड़ने के लिए फ्रंट लाइन में रहते हैं। लेकिन आज वो अपने कर्मचारी होने के बुनियादी हक़ के लिए लड़ रहे है। 

एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष देवानंद शर्मा ने कहा कि सन 1996 से आज तक लगातार डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, पीलिया, हैजा और पिछले 2 वर्षों से कोरोना(कोविड-19) से अपनी जान को जोखिम में डालकर लगातार बिना कोताही किए कार्य को बेहतरीन तरीके से करते आ रहे हैं। साथ ही कई साथी अपनी अपनी जान भी गंवा बैठे हैं। कई रिटायर हो चुके हैं। कोरोना में कई साथियों की मृत्यु भी हुई लेकिन निगम का दिल फिर भी नहीं पसीजा और ना ही उनके परिवार के लिए कुछ किया गया जो कि बेहद शर्मनाक है।

आगे उन्होंने कहा कि लगातार डीबीसी भाइयों की मांग को लेकर एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन ने अपने परमानेंट करने और पद नाम को लेकर कई बार निगम से बातचीत भी की, प्रदर्शन भी किए, लेकिन 26 वर्षो के बीत जाने के बाद तीनों निगम कमिश्नर के मीटिंग मिनट्स बन जाने के बाद भी, हाईकोर्ट से आर्डर हो जाने के बाद भी निगम को रहम नहीं आया।

इसी के चलते आज तीनों निगम के डीबीसी कर्मचारियों ने एमसीडी के 12 जोन के कर्मचारी 4 जनवरी 2022 से विरोध दर्ज करा रहे है। कर्मचारियों ने कहा “हम सबने निगम द्वारा दिए गए मौखिक व लिखित आश्वासनों को मानते हुए किसी भी कठिन वक्त, चाहे हमारा वेतन ना मिला हो या किसी गंभीर महामारी में हड़ताल पर जाने का निर्णय नहीं किया था, क्योंकि हम सब डीबीसी कर्मचारी भी दिल्ली की जनता हैं। परन्तु आज डीबीसी कर्मचारी अपने आप को निगम प्रशासन द्वारा ठगा हुआ महसूस करता है।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों का स्थायी नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन, हड़ताल की चेतावनी दी

सरकार इन्हे आजतक कोई पद नहीं दे पाई है जबकि तीनों निगम में डीबीसी कर्मचारी लगभग 25 तरह के कार्य करता है। निगम के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट से लेकर हाउस टैक्स कलेक्शन ,पॉल्यूशन ड्यूटी और डोर टू डोर सर्वे जो डीडीए द्वारा प्रधानमंत्री योजना के तहत करवाए गए और ना जाने कई तरह के कार्य, डीबीसी कर्मचारी अपने आप को हर आग में झोंकने के लिए तैयार रहे हैं।

डीबीसी कर्मचारियों की मुख्य माँगें इस प्रकार हैं-

-बढ़ते कोरोना/ ओमिक्रोन वायरस के प्रभाव के मद्देनज़र प्रशासन हमारी सेवा शर्तों को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाए 

-डीबीसी कर्मचारियों को नियमित/पक्का किया जाए

-वेतन मंहगाई अनुसार- 30,000 रुपए महीने किया जाए

एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने बताया कि उन्हें पग-पग पर मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है जबकि वे विभाग से कई बार इस विषय पर बातचीत कर चुके हैं लेकिन वो उनकी मदद के बजाय और मुश्किल खड़ी कर रहा है।

इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष देवानंद शर्मा का कहना है कि यह हमारा दुर्भाग्य ही तो है कि हमारा निगम प्रशासन और हमारे नेतागण किसी भी तरीके से हमारा साथ नहीं दे रहे हैं। न तो हमारी जीवन सुरक्षा और हमारे परिवार की सुरक्षा है।

इसे भी पढ़ें: क्या दिल्ली सच में डेंगू से लड़ने के लिए तैयार है ?

Domestic Breeding Checkers
DBC workers
workers protest

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी, कहा- आश्वासन नहीं, निर्णय चाहिए

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

दिल्ली: सीटू के नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन ने आप सरकार पर बातचीत के लिए दबाव बनाया

अधिकारों की लड़ाई लड़ रही स्कीम वर्कर्स

दिल्ली : स्थाई पद की मांग को लेकर डीबीसी कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License