NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
दिल्ली में ऑक्सीजन पर फिर संग्राम, इस बार कमी पर नहीं ज़्यादा मांग लेने पर हाहाकार, वार-पलटवार
उप समूह कि कथित रिपोर्ट और भाजपा के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि उनका ‘अपराध’ केवल इतना है कि ‘उन्होंने दो करोड़ लोगों को सांसें देने के लिए लड़ाई लड़ी’।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Jun 2021
oxygen

नयी दिल्ली: दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर एक बार फिर संग्राम है, लेकिन इस बार ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार नहीं बल्कि ऑक्सीजन ज़्यादा मांग लेने को लेकर वार-पलटवार है।

जी हां, ऑक्सीजन की खपत पर ऑडिट के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित एक उप समूह की कथित रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की खपत को ‘बढ़ा-चढ़ा’कर पेश किया था। इसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केजरीवाल सरकार पर हमलावर है। उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि उनका ‘अपराध’ केवल इतना है कि ‘उन्होंने दो करोड़ लोगों को सांसें देने के लिए लड़ाई लड़ी। जबकि उनके विशेष सहयोगी और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भाजपा को ऐसी कोई रिपोर्ट पेश करने की चुनौती दे रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा झूठी रिपोर्ट पेश कर रही है, जो उसकी पार्टी मुख्यालय में तैयार की गई है।

मेरा अपराध है कि मैंने दो करोड़ लोगों की सांसों के लिए लड़ाई लड़ी: केजरीवाल

दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की मांग को ‘बढ़ाचढ़ा’ कर बताए जाने वाली एक कथित रिपोर्ट के सामने आने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘आपराधिक लापरवाही’ के आरोपों का सामना करने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनका ‘अपराध’ केवल इतना है कि ‘उन्होंने दो करोड़ लोगों को सांसें देने के लिए लड़ाई लड़ी।

मेरा गुनाह-मैं अपने 2 करोड़ लोगों की साँसों के लिए लड़ा

जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जग कर Oxygen का इंतज़ाम कर रहा था। लोगों को ऑक्सिजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया

लोगों ने ऑक्सिजन की कमी से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 25, 2021

केजरीवाल ने साथ ही कहा कि जिन्होंने ऑक्सीजन की कमी के कारण अपनों को खोया है, उन्हें ‘‘झूठा’’ नहीं कहा जा सकता।

दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत पर ऑडिट के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित एक उप समूह ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की खपत को ‘बढ़ा-चढ़ा’कर पेश किया था।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया की अगुवाई वाले पैनल ने कहा कि संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली सरकार ने 30 अप्रैल को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के आवंटन की मांग की थी, जो ‘‘गलत फॉर्मूला’’ पर आधारित थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा ने केजरीवाल पर ‘‘ जघन्य अपराध’’और ‘‘आपराधिक लापरवाही’’ का आरोप लगाया।

 इनके जवाब में केजरीवाल ने ट्वीट किया,‘‘मेरा अपराध-मैं अपनी दो करोड़ जनता को सांसे देने के लिए लड़ा। जब आप चुनाव रैली कर रहे थे,मैं पूरी रात जाग कर ऑक्सीजन की व्यवस्था कर रहा था।’’

उन्होंने दूसरे ट्वीट में कहा,‘‘ लोगों ने ऑक्सीजन की कमी की वजह से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है।’’

क्या कहा है समिति ने

बताया जा रहा है कि एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने कहा कि दिल्ली सरकार ने ‘‘गलत फॉर्मूले’’ का इस्तेमाल करते हुए 30 अप्रैल को 700 एमटी मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन के आवंटन का दावा किया। 

शीर्ष न्यायालय ने दिल्ली के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और ऑक्सीजन के आवंटन का ऑडिट करने के लिए एक उप-समूह गठित किया था और कहा था कि इसमें एम्स के रणदीप गुलेरिया, मैक्स हेल्थकेयर के संदीप बुधिराजा और दो आईएएस अधिकारी शामिल हो जो संयुक्त सचिव की रैंक से कम के अधिकारी न हो।

 समिति ने अपनी कथित रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली में चार मॉडल अस्पतालों सिंघल अस्पताल, अरुणा आसफ अली अस्पताल, ईएसआईसी मॉडल अस्पताल और लाइफरे अस्पताल ने बहुत कम बिस्तरों के लिए बहुत ज्यादा ऑक्सीजन खपत का दावा किया और ये दावे साफ तौर पर ‘‘गलत’’ लगते हैं। 

शीर्ष न्यायालय को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपने वाली समिति ने कहा कि उप-समूह की बैठकों के दौरान उसे प्रोफार्मा से मिले आंकड़ों में ‘‘घोर विसंगतियां’’ मिली। 23 पृष्ठों की अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत सरकार के भारतीय उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के अतिरिक्त सचिव ने उस पर नाखुशी जतायी जिस तरीके से दिल्ली सरकार ने आंकड़ों की तुलना की क्योंकि इसमें कई गलतियां हैं जिनका जिक्र किया गया है। अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय में 700 एमटी का आवंटन करने की मांग किस आधार पर की।’’

राष्ट्रीय कार्य बल की 163 पृष्ठों की इस अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ऐसा लगता है कि सरकार ने गलत फॉर्मूले का इस्तेमाल किया और 30 अप्रैल को बढ़ा-चढ़ाकर दावे किए।’’ यह भी देखा गया कि कुछ अस्पताल किलो लीटर और मीट्रिक टन के बीच भेद नहीं कर सके और 700 एमटी का दावा करते हुए भी इसकी जांच नहीं की गई।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विस्तारपूर्वक चर्चा के बाद उप-समूह इस नतीजे पर पहुंचा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की ऑक्सीजन की मौजूदा आवश्यकता 290 से 400 एमटी है। इसके अनुसार ऐसी सिफारिश की जाती है कि दिल्ली को 300 एमटी का कोटा दिया जाए।’’

ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट पर भाजपा ने केजरीवाल को घेरा

भाजपा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की जरूरत से चार गुना अधिक मांग की थी और उनके इस ‘‘झूठ’’ के कारण कम से कम 12 राज्यों में जीवन रक्षक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई।

उच्चतम न्यायालय द्वारा दिल्ली में ऑक्सीजन का लेखाजोखा करने के लिए गठित की गई समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ‘‘चार गुना झूठ’’ बोलकर ना सिर्फ ‘‘जघन्य अपराध’’ किया बल्कि ‘‘आपराधिक लापरवाही’’ की है।

पात्रा ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दूसरी लहर के दौरान जब संक्रमण के मामले चरम पर थे तब दिल्ली सरकार ने 1,140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग की थी जबकि वह 209 मीट्रिक टन का भी इस्तेमाल नहीं कर पायी थी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के फार्मूले के मुताबिक भी देखा जाए तो उसे 351 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी जबकि केंद्र सरकार के आकलन के मुताबिक जरूरत 209 मीट्रिक टन की थी और केजरीवाल सरकार ने 1,140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता जताई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘कल्पना कीजिए , किस प्रकार का अपराध हुआ है। यह अरविंद केजरीवाल का जघन्य अपराध है। यह आपराधिक लापरवाही है जैसा कि समिति ने कहा है कि उन्होंने चार गुना अधिक ऑक्सीजन की मांग की थी। इस रिपोर्ट ने कोविड-19 के प्रबंधन में विफल होने पर दोष दूसरे पर मढ़ने की राजनीति का पर्दाफाश कर दिया है।’’

उन्होंने कहा ‘‘ इस झूठ के कारण, 12 राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हुई क्योंकि सभी जगह से ऑक्सीजन की मात्रा कम कर दिल्ली भेजना पड़ा था।’’

पात्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के कुप्रबंधन की वजह से राजधानी दिल्ली में उस वक्त ऑक्सीजन के टैंकर सड़क पर खड़े रहे जब लोगों को इसकी सबसे अधिक जरूरत थी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर ये ऑक्सीजन दूसरे राज्यों में उपयोग होती तो कई लोगों की जान बच सकती थी। यह अरविंद केजरीवाल द्वारा किया गया जघन्य अपराध है।’’

भाजपा प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि इसके लिए उच्चतम न्यायालय में मुख्यमंत्री जिम्मेदार ठहराए जाएंगे और जो अपराध उन्होंने किया है, उसके लिए उन्हें दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हिंदुस्तान की राजनीति में पहली बार चार गुना झूठे साबित हो रहे हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री। यह छोटी बात नहीं है। अरविंद केजरीवाल को जनता को जवाब देना होगा।’’

पात्रा ने कहा कि तीन मई को एक ही दिन मुंबई और दिल्ली में लगभग एक समान संक्रमण के मामले थे लेकिन मुंबई ने 275 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता जताई वहीं दिल्ली ने 900 मीट्रिक टन की मांग की थी।

दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार 100 फीसदी विज्ञापन और जीरो प्रतिशत कोविड प्रबंधन के फार्मूले पर काम कर रही है।

पात्रा ने दावा किया कि अपनी नाकामी को छिपाने और केंद्र सरकार को दोषी ठहराने के लिए केजरीवाल ने ऑक्सीजन को लेकर झूठ बोला।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार केजरीवाल कोविड-19 रोधी टीकों और घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में टीकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘जो व्यक्ति ऑक्सीजन के लिए इतना बड़ा झूठ बोल सकता है वह राशन के लिए कितना झूठ बोल सकता है?’’

राजधानी के जयपुर गोल्डेन अस्पताल और बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई लोगों की मौत के लिए भी पात्रा ने केजरीवाल सरकार को दोषी ठहराया।

 सिसोदिया ने आरोपों को किया ख़ारिज

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा के आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं। उन्होंने यह पलटवार भी किया कि कथित रिपोर्ट भाजपा मुख्यालय में तैयार की गई है।

पात्रा के आरोपों का जवाब देते हुए सिसोदिया ने कहा, ‘‘ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। हमने उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित ‘ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी’ के सदस्यों से बात की है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी रिपोर्ट पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। भाजपा झूठी रिपोर्ट पेश कर रही है, जो उसकी पार्टी मुख्यालय में तैयार की गई है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि ऐसी रिपोर्ट पेश करें, जिस पर ‘ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी’ के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हों।’’

 उन्होंने कहा कि ऐसा करके भाजपा केवल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ही अपमान नहीं कर रही, बल्कि ‘‘उन लोगों का भी अपमान कर रही है जिन्होंने कोरोना वायरस के कहर के दौरान अपने परिवार वालों को खो दिया। ’’ उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार के कुप्रबंधन के कारण ही ‘‘ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न हुआ था।’’

दिल्ली में अप्रैल तथा मई में कोविड-19 की दूसरी लहर का बहुत बुरा असर हुआ था। इस दौरान शहर के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण रोजाना कई लोगों की मौत हुई थी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

oxygen cylinders
Lack of oxygen
Sambit Patra
delhi government

Related Stories

अब यूपी सरकार ने कहा,''ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई कोई मौत'’, लोगों ने कहा- ज़ख़्मों पर नमक छिड़कने जैसा!

ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत के आंकड़ों पर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तू-तू-मैं-मैं जारी

ऑक्सीजन सिलिंडर और कॉन्सेंट्रेटर से मदद का केंद्र बनी मस्जिद

जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर की कोरोना से मौत : न मुआवज़ा, न खेद

दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं और संरचनाएं: 2013 से कितना आगे बढ़े हम

अब घर-घर दो सिलेंडर, गैस एक में भी नहीं!

अदालत ने भी दिल्ली सरकार से पूछा कोविड-19 जांच की संख्या कम क्यों हो गई है?

प्रयागराज में रोज़ाना चार हज़ार किलो ऑक्सीजन की कमी और नहीं खाली एक भी आईसीयू बेड

यूपी: योगी के दावे के उलट राज्य के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत

ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर संघर्ष कर रहे राज्य, अदालत की केंद्र को फटकार


बाकी खबरें

  • tikoniya
    लाल बहादुर सिंह
    मोदी भारी राजनीतिक कीमत चुका कर ही अब अजय मिश्रा टेनी को मंत्री बनाये रख सकते हैं
    12 Oct 2021
    आज अंतिम अरदास के मौके पर पूरा देश लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दे रहा है तथा घटनास्थल तिकोनिया में पूरे देश से आये किसानों का विराट संगम हो रहा है।
  • New Service Rules in Jammu and Kashmir
    डॉ राधा कुमार
    ज़ुल्म के दरवाज़े खोलते जम्मू-कश्मीर के नये सेवा नियम
    12 Oct 2021
    बर्ख़ास्त किये गये ज़्यादातर लोगों के ख़िलाफ़ जो आरोप क़ायम किये गये हैं, वे गंभीर हैं, लेकिन चूंकि आम लोगों के सामने इसे लेकर कोई सबूत नहीं रखा गया है, इसलिए यह साफ़ नहीं है कि इन आरोपों में दम है…
  • facebook
    प्रबीर पुरकायस्थ
    एक व्हिसलब्लोअर की जुबानी: फेसबुक का एल्गोरिद्म कैसे नफ़रती और ज़हरीली सामग्री को बढ़ावा देता है
    12 Oct 2021
    बेशक, यह सवाल पूछा जा सकता है कि जब फेसबुक के सिलसिले में ये सभी सवाल पहले भी उठाए जाते रहे हैं, तो इसमें नया क्या है। इस सब में बड़ी खबर यह है कि अब हमारे पास इसके सबूत हैं कि फेसबुक को इसकी पूरी…
  • Fb
    सोनाली कोल्हटकर
    समझिए कैसे फ़ेसबुक का मुनाफ़ा झूठ और नफ़रत पर आधारित है
    12 Oct 2021
    फ़ेसबुक की पूर्व कर्मचारी फ़्रांसेस हौगेन द्वारा किए गए खुलासों से पता चलता है कि दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अच्छी तरह जानता है कि उसके प्लेटफॉर्म का समाज पर किस तरह नकारात्मक प्रभाव…
  • attack on dalit
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या, तमिलनाडु में चाकू से हमला कर ली जान
    12 Oct 2021
    दलित समाज के लोगों पर हमलों की घटना लगातार सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां राजस्थान के हुनुमानगढ़ जिले में दलित युवक जगदीश की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, वहीं तमिलनाडु के तंजावुर में दलित युवक प्रभाकरण की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License