NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली सरकार देगी राशन कार्ड धारकों को मुफ़्त राशन, ऑटो-टैक्सी चालकों को मिलेगी आर्थिक मदद
दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा सोमवार को दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को असंगठित क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों समेत समाज के ‘बेज़ुबान एवं हाशिये पर रहने वाले’ लोगों को उपयुक्त एवं पर्याप्त राहत प्रदान करने के लिए एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद सरकार ने इन राहतों का ऐलान किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 May 2021
kejriwal

नयी दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली सरकार अगले दो महीने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में 72 लाख राशन कार्डधारकों को मुफ़्त राशन तथा ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी।

आपको बता दें दिल्ली उच्च न्यायालय ने  सोमवार को दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को असंगठित क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों समेत समाज के ‘बेजुबान एवं हाशिये पर रहने वाले’ लोगों को उपयुक्त एवं पर्याप्त राहत प्रदान करने के लिए एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी। दिल्ली सरकार ने इसके बाद ही आज यानी मंगलवार को दिल्ली की ग़रीब जनता के लिए कुछ राहत का एलान किया है।

मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा कि इसका यह मतलब नहीं है कि संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में लॉकडाउन दो महीने तक लागू रहेगा।

राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए 10 मई तक लॉकडाउन लागू है।

केजरीवाल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दिल्ली में हालात सुधरेंगे और लॉकडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ दिल्ली में 72 लाख राशन कार्डधारकों को अगले दो महीने तक निशुल्क राशन दिया जाएगा। दो महीने तक मुफ्त राशन देने के हमारे फैसले का का यह अर्थ नहीं है कि संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में लॉकडाउन दो महीने तक लगा रहेगा। हमने कोविड-19 को काबू में लाने के लिए लॉकडाउन लगाया और मैं आशान्वित हूं कि हम यथाशीघ्र इसे समाप्त करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार ने पिछले साल लॉकडाउन के दौरान 1.56 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों को पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी थी और हम उनकी मदद इस बार भी ऐसा ही करेंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कोविड-19 पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन लगाया लेकिन इससे लोगों खासकर गरीबों एवं दिहाड़ी मजदूरों के लिए आर्थिक संकट पैदा हो गया।

पिछले सप्ताह दिल्ली सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए 5000-5000 रूपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।

दिल्ली की वर्तमान स्थिति को ‘बहुत खराब दौर’ करार देते हुए केजरीवाल ने लोगों से अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन, दवाइयां ढूढने एवं आवश्यकता पड़ने पर भोजन उपलब्ध कराने में एक दूसरे की सहायता करने की अपील की।

उन्होंने राजनीतिक दलों से भी लोगों की सहायता करने का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘ यह राजनीति करने का समय नहीं है। हर व्यक्ति, चाहे वह भाजपा से जुड़ा हो या कांग्रेस से या आप से, को उन सभी की सहायता करनी चाहिए, जिन पर महामारी की भयंकर मार पड़ी है।’’

न्यायालय ने क्या कहा था?

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को असंगठित क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों समेत समाज के ‘बेजुबान एवं हाशिये पर रहने वाले’ लोगों को उपयुक्त एवं पर्याप्त राहत प्रदान करने के लिए एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया था।

न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति आशा मेनन की पीठ की राय थी कि "महामारी की भयावहता के मद्देनज़र प्रशासन की ओर से ठोस क़दम उठाने की ज़रूरत है ताकि समाज के उस तबक़े को उपयुक्त और पर्याप्त राहत दी जा सके जो अपनी आवाज़ नहीं उठा सकते और जो हाशिये पर हैं।"

पीठ ने वकील अभिजीत पांडे की अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिकाकर्ता ने दिल्ली में सभी प्रवासी श्रमिकों का असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा अधिनियम के तहत पंजीकरण करने एवं उन्हें मुफ़्त दवाईयां एवं चिकित्सा सुविधाएं देने का अनुरोध किया है।

याचिका में केंद्र एवं दिल्ली सरकार को यह भी निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे राष्ट्रीय राजधानी में सभी प्रवासी श्रमिकों को अंतर-राज्यीय प्रवासी अधिनियम की आय अंतरण योजना के तहत पैसे का भुगतान करें।

अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार से इस याचिका पर जवाब मांगा है।

पीठ ने यह भी आदेश दिया कि इस अर्ज़ी को मुख्य सचिव के लिए प्रतिवेदन के रूप में लिया जाए ‘‘जिन्हें ‘घर से काम करने वाले श्रमिकों’, ‘स्वरोज़गार श्रमिकों’ और असंगठित श्रमिकों की ख़ातिर दो सप्ताह के अंदर संगठित कदम वाली योजना बनाने का निर्देश दिया जाता है।"

हालांकि अभी भी दिल्ली सरकार की इन राहतों से प्रवासी मज़दूरों को समर्थन नहीं मिल पायेगा जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, और वे टैक्सी-ऑटो ड्राइवर जो किराये की गाड़ी चलाते हैं, उन्हें कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। देखना होगा कि अगली तारीख़ में दिल्ली सरकार अदालत में इनको लेकर क्या योजना पेश करती है।

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

delhi govt
Arvind Kejriwal
free ration
Delhi High court
COVID-19

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट


बाकी खबरें

  • Farmers Protest in UP
    सुबोध वर्मा
    उत्तर प्रदेश में एक ऐसी लड़ाई, जिसे पूरा भारत आगामी वर्षों में लड़ेगा
    14 Feb 2022
    प्रदेश यह तय करने के लिए बड़े पैमाने पर मंथन से गुजर रहा है कि क्या धार्मिकता के गढ़े गए आक्रामक तर्कों और तरीकों से आदमी की भूख शांत की जा सकती है।
  • up elections
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव दूसरा चरण: अल्पसंख्यकों का दमन, किसानी व कारोबार की तबाही और बेरोज़गारी हैं प्रमुख मुद्दे
    14 Feb 2022
    दूसरे चरण की सीटों पर विपक्ष ने पिछली बार भी अन्य चरणों की तुलना में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था। सपा को अपनी कुल 47 में 15 अर्थात लगभग एक तिहाई सीटें इसी इलाके में मिली थीं।
  • up elections
    प्रज्ञा सिंह
    यूपी चुनाव : कुराली गाँव के हँसते ज़ख़्म
    14 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के दूसरे चरण का मतदान जारी है। इस बीच पढ़िये सहारनपुर ज़िले के कुराली गांव में टूटी सड़कों ग़रीबों को रही परेशानियों की यह रिपोर्ट।
  • uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा एक बार फिर मोदी लहर पर सवार, कांग्रेस को सत्ता विरोधी लहर से उम्मीद
    14 Feb 2022
    उत्तराखंड में चुनावी शोर अब ख़त्म हो गया है। हर दल ने अपने-अपने वादें और घोषणाओं को जनता के सामने रख दिया है। अब उन सभी वादों और घोषणाओं पर जनता के फैसले का समय है। न्यूज़क्लिक ने इस पूरे चुनाव के…
  • channi
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब चुनाव: यह हमारे लिए आसान चुनाव है: चरणजीत सिंह चन्नी
    13 Feb 2022
    इस ख़ास एपीसोड में वरिष्ठ पत्रकार नीलू व्यास ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से बातचीत की। मुख्यमंत्री चन्नी का मानना है कि कांग्रेस दो तिहाई बहुमत के साथ वापस आ रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License