NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अनाज मंडी अग्निकांड: करीब साल भर बाद चौथा आरोपी गिरफ़्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अनाज मंडी अग्निकांड के फरार इनामी आरोपित मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में नौ नाबालिग सहित 45 लोगों की मौत हो गई थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Nov 2020
अनाज मंडी अग्निकांड

दिल्ली: उत्तरी दिल्ली के अनाज मंडी अग्निकांड के लगभग एक साल बाद मामले में फरार चल रहा चौथे आरोपी मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने आरोपित पर 50 हजार रुपये का इनाम रख रखा था। गत वर्ष दिसंबर में लगी आग में नौ नाबालिग सहित 45 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में पहले ही इमारत के मालिक रेहान, उसके मैनेजर फुरकान और मोहम्मद सुहैल नाम के एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।

अधिकारियों ने बताया कि चौथे आरोपी मोहम्मद इमरान को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। वह रेहान का भाई और इमारत का आंशिक रूप से मालिक भी है। पुलिस ने बताया कि इमरान घटना के दिन से फरार था।

क्या है पूरा मामला

पिछले साल 8 दिसंबर को दिल्ली की रानी झाँसी रोड की मॉडल बस्ती के अनाज मंडी इलाक़े में भीषण आग लगने से नौ नाबालिगों सहित 45 लोगों की मौत हो गई थी और छह नाबालिगों सहित 21 अन्य घायल हो गए थे। इस घटना ने सबको झकझोर दिया था।

ये पिछले दो दशकों में फ़ैक्ट्री में आग लगने की सबसे बड़ी घटना थी। इसमें लगभग सभी मृतक बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर थे, जो इमारत के अंदर रहने के साथ-साथ काम भी करते थे।

घटना के बाद सदर बाजार थाने में मामला दर्ज किया गया था जिसे बाद में अपराध शाखा को भेज दिया गया। उसके बाद से इस मामले की जाँच चल रही थी। इसमें पहले ही तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था। पुलिस ने सभी के ख़िलाफ़ ग़ैर इरादतन हत्या और आग के संदर्भ में लापरवाह रवैया अपनाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। जबकि एक आरोपी फ़रार चल रहा था अब उससे भी पकड़ लिया गया है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) बीके सिंह ने बताया, “शनिवार को हमारी टीम को सूचना मिली कि इमरान एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहा है। आजादपुर के रामेश्वर नगर के पास योजना बनाकर इमरान को पकड़ा गया।”

अधिकारी ने कहा कि जिस इमारत में आग लगी थी, वह संपत्ति संयुक्त रूप से इमरान और उसके भाई रेहान की है और 2007 में खरीदी गई थी। उस समय यह इमारत केवल दो मंजिला ऊंची थी लेकिन बाद में इसे पांच मंजिला बना दिया गया था।

दोनों भाइयों ने इस इमारत को विभिन्न संस्थाओं को किराए पर दिया था और इमारत के अंदर कई छोटी निर्माण इकाइयां चल रही थीं।

उन्होंने कहा, ‘आग लगने की घटना के बाद वह दिल्ली के मेरठ, आगरा, रायपुर, अजमेर और सीलमपुर में अपने रिश्तेदारों के साथ छिपकर रह रहा था।' उन्होंने कहा कि इमरान को आगे की जांच के लिए पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

अब भी कुछ अनसुलझे सवाल

अनाज मंडी अग्निकांड में पुलिस ने मकान मालिकों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन किसी भी अधिकारी को जो इस घटना के लिए दोषी था उस पर कोई कार्रवाई हुई। इसका जवाब कोई नहीं दे रहा है। जबकि यह सर्वविदित है कि बिना प्रशासन की मिलीभगत के इस तरह का निर्माण या उसमे फैक्ट्री चलाना संभव नहीं है।

बता दें कि आज भी दिल्ली में इस तरह की सैकड़ों अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं जहाँ न तो मज़दूरों की जान की सुरक्षा है और न उनके काम करने की परिस्थिति मानवीय है। इसके बाद भी वो मज़दूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे है।

इसके अलावा स्थानीय प्रशासन और दिल्ली पुलिस पर भी कई गंभीर सवाल हैं।

दिल्ली पुलिस की ज़िम्मेदारी किसी भी किस्म के अवैध उद्योग धंधे या कारखानों पर नज़र रखने की है। इसके अलावा फ़ैक्ट्री के इलाक़े में लोकल एडमिनिस्ट्रेशन होता है। वह अपने इलाकों में अवैध तरीक़े से चल रहे कामकाज पर नज़र रखते हैं।

ऐसे मामलों में एमसीडी, दिल्ली सरकार के गृह विभाग के तहत आने वाला दिल्ली फ़ायर डिपार्टमेंट, दिल्ली पुलिस और यहां तक कि दिल्ली सरकार के ही अंतर्गत आने वाला डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन भी ज़िम्मेदार होता है।

मज़दूर संगठन लगातार इसको लेकर सवाल उठाते रहे हैं। वे कहते हैं, “ऐसी घटनाएँ प्रशासन की लापरवाही से होती हैं। अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि वो फ़ैक्ट्री का इंस्पेक्शन करें और नियमों का लागू कराएं लेकिन अधिकारी भ्रष्ट हैं और प्राय: नियमों के उल्लंघन को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।”

यूनियनों की मांग है, “यह ग़ैरक़ानूनी फ़ैक्ट्रियाँ या तो बंद करा दी जानी चाहिए या इन्हें कहीं और शिफ़्ट कर दिया जाना चाहिए। राज्य सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी फ़ैक्ट्री अधिकृत औद्योगिक क्षेत्र के बाहर नहीं चल रही हो।"

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

delhi fire
Anaj Mandi
Ram Manohar Lohia HOSPITAL
Delhi factory fire
Hindu Rao Hospital
delhi police

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’

मोदी-शाह राज में तीन राज्यों की पुलिस आपस मे भिड़ी!

पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ़्तार किया, हरियाणा में रोका गया क़ाफ़िला

नफ़रती भाषण: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को ‘बेहतर हलफ़नामा’ दाख़िल करने का दिया निर्देश


बाकी खबरें

  • workers
    रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: ट्रेड यूनियन के साइकिल अभियान ने कामगारों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा शुरू करवाई
    18 Oct 2021
    ट्रेड यूनियनों की मुख्य मांग में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 26000 न्यूनतम भत्ता और चार लेबर कोड की वापसी शामिल हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: कहीं पे निगाहें, कहीं पर निशाना
    18 Oct 2021
    जैसे-जैसे देश में चुनाव आते हैं, अचानक कश्मीर आ जाता है, बांग्लादेश आ जाता है, पाकिस्तान तो बिना न्यौते के ही जाता है। फिर कैमरे के फ़ोकस में बाक़ी देश को हटाकर इन जगहों को सेट कर दिया जाता है ताकि…
  • mayawati
    लाल बहादुर सिंह
    सियासत: उत्तर प्रदेश चुनाव में दलित एजेंडा कहां है?
    18 Oct 2021
    तथ्य यह है कि  डबल इंजन  सरकार की चौतरफ़ा तबाही का जो तबका सबसे बदतरीन शिकार हुआ है,  सबसे बड़ी मार जिस तबके पर पड़ी है, वे दलित ही हैं।
  • covid
    ऋचा चिंतन
    टीबी के ख़िलाफ़ भारत की जंग: बदतर हालात, चुप्पी साधे सरकार, दवाओं के स्टॉक खाली
    18 Oct 2021
    टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत का खराब प्रदर्शन जारी है, लेकिन डेलमानिड के स्टॉकआउट होने और परीक्षण किट्स की कमी के रूप में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन कमियों के बारे में…
  • mukesh
    राज वाल्मीकि
    मुकेश मानस; असमय स्मृति शेष : क्यों तुम चले गए!
    18 Oct 2021
    मुकेश जी आपका यूं अचानक चले जाना आपके सभी चाहने वालों के लिए, दलित साहित्य और दलित प्रगतिशील आंदोलन के लिए, हमसब के लिए गहरा सदमा है। हमें इस तरह का दुखद सरप्राइज देते हुए जाना नहीं था आपको!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License