NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विवादित बयान देने वाले उम्मीदवारों को दिल्ली ने किया ख़ारिज
भाजपा नेता कपिल मिश्रा, तेजिंदर पाल सिंह बग्गा और सांसद प्रवेश वर्मा के चाचा आजाद सिंह को भी दिल्ली की जनता ने ख़ारिज कर दिया।
भाषा
11 Feb 2020
bagga-kapil
Image courtesy: Hindi News

दिल्ली:दिल्ली विधानसभा चुनाव में लोगों ने आम आदमी पार्टी को एक बार फिर बड़ा जनादेश दिया और इसके साथ ही उन नेताओं तथा उम्मीदवारों को खारिज कर दिया जिन्होंने इस चुनाव के दौरान अथवा इससे पहले विवादित बयान दिए थे।

इस कड़ी में सबसे प्रमुख नाम भाजपा नेता कपिल मिश्रा का है जिन्हें मॉडल टाउन से हार का सामना करना पड़ा है। ‘गोली मारो...’ का नारा और ‘हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान’ संबंधी बयान देने वाले मिश्रा को आम आदमी पार्टी के निवर्तमान विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी ने पराजित किया। मिश्रा पहले आम आदमी पार्टी में थे और पिछली बार करावल नगर से विधायक बने थे। 

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ निकाले गए मार्च में मिश्रा ने ‘देश के गद्दारों को, गोली मारो....को’ के नारे लगाए थे।

यही नहीं, मतदान से कुछ दिन पहले मिश्रा ने ट्वीट कर इस चुनाव को ‘हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान का मुकाबला’ करार दिया था। उनके इस बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ था और निर्वाचन आयोग ने उन्हें कुछ दिनों के लिए प्रचार से प्रतिबंधित कर दिया था।

मॉडल टाउन में पराजित होने के बाद मिश्रा ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने सीएए के विरोधियों के बारे में या शाहीन बाग के बारे में जो कहा, उस पर आज भी कायम हूं। डंके की चोट पर, चुनाव परिणाम आज प्रतिकूल आया है, कल अनुकूल भी आएगा। हम और मेहनत करेंगे। पर इस परिणाम से, सीएए या शाहीन बाग पर सोच बदल लेंगे, यह गलतफहमी मत पालिए।’’

शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन को बढ़-चढ़कर चुनावी मुद्दा बनाने वाले और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘आतंकवादी’ बताने वाले भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के चाचा आजाद सिंह को मुंडका की जनता ने खारिज कर दिया। आम आदमी पार्टी के धर्मपाल लाकड़ा ने आजाद सिंह को पराजित किया। मुंडका विधानसभा क्षेत्र प्रवेश वर्मा के संसदीय क्षेत्र पश्चिमी दिल्ली के तहत आता है। 

सोशल मीडिया पर अक्सर विवादित पोस्ट एवं टिप्पणियां करने वाले तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को भी हरिनगर विधानसभा की जनता ने खारिज कर दिया। भाजपा उम्मीदवार बग्गा को राजकुमार ढिल्लों ने पराजित किया।

Delhi Assembly Election 2020
AAP wins
kapil MIshra
Tejinder Pal Singh
Hate Speech by BJP
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License