NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कला
हम भारत के लोग
भारत
मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक
जंतर मंतर पर जब सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को हटाने लगे तो भाईचारे और एकता का सबूत देते हुए रोज़ेदारों के साथ मिल कर प्रदर्शनकारियों ने इफ्तारी भी की और नारे लगाते हुए हिन्दू राष्ट्र, मुस्लिम विरोधी हिंसा के खिलाफ़ अपनी मुखालफ़त ज़ाहिर की।
सत्यम् तिवारी
17 Apr 2022
मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

10 अप्रैल रामनवमी के जुलूस के दौरान भड़की हिंसा और उसके बाद मुसलमानों के घर-दुकान चिह्नित कर के तोड़ दिए गए।

देश में लगातार मुसलमानों पर हिजाब, मीट और रामनवमी के नाम पर जो हमले किये जा रहे हैं उसके ख़िलाफ़ दिल्ली के अलग-अलग वर्गों के छात्र, कलाकार, शिक्षक और आम नागरिक 16 अप्रैल को जंतर मंतर पर जमा हुए और हिंसा और हेट स्पीच का विरोध करते हुए अमन, मुहब्बत और भाईचारे की आवाज़ बुलंद की।

यह विरोध प्रदर्शन सिटीज़न्स विजिल यानी नागरिक जुलूस के नाम से किया गया जिसमें वामपंथी राजनीतिक दलों से लेकर छात्र संगठन, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

देश में मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ हमले लगातार बढ़ रहे हैं और देखा जा रहा है कि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और आरएसएस, बजरंग दल जैसे हिंदुत्ववादी संगठन इसमें शामिल हो रहे हैं। जंतर मंतर पर भाषण देते हुए सीपीआई(माले) की पोलिट ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने कहा, "जो आज हो रहा है वह हिटलरशाही है। आरएसएस जब से बनी है तब से ही यह रवैया चल रहा है। गोलवलकर, दीन दयाल उपाध्याय की किताबें पढ़िये, उन्होंने सीधे कहा था कि मुस्लिम अगर भारत में रहे तो वह हिन्दू धर्म अपनाए वरना उन्हें यहाँ नहीं रहने दिया जाएगा, उसी सोच के तहत आज मोहन भागवत हिन्दू राष्ट्र का ऐलान करते हैं।"

कविता कृष्णन ने उन राजनीतिक क़ैदियों की भी बात की जिन्हें महामारी के दौरान भी जेल में बंद रखा गया है।

अमन की इच्छा और आशा की बात करते हुए प्रोफ़ेसर अपूर्वानंद ने कहा, "मैं नौजवानों को शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि वह आज यहाँ जमा हुए और यह दिखाया कि अमन की इच्छा हिंदुस्तान में आज भी जिंदा है।"

न्यूज़क्लिक ने सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी से बात की। उन्होंने कहा, "यह 4-5 साल से चल रहा है। पहले गाय के नाम पर यह घटनाएं शुरू हुई जिसमें लोगों को लिंच किया गया। फिर दलितों के ऊपर अत्याचार होंगे पूरे देश में, फिर महिलाओं के बलात्कार होंगे; यह अलग अलग तरीक़े हैं जो बाकायदा सुनियोजित होते हैं। यह सब आरएसएस हेडक्वार्टर पर तय किया जाता है, और ऊपर से नीचे तक निर्देश जाते हैं कि अब क्या करना है।"

शबनम ने कहा कि रामनवमी के इस तरह के जुलूस कई सालों से हो रहे हैं जिनमें मस्जिदों के बाहर जा कर मुसलमानों के ख़िलाफ़ डीजे पर भद्दे गाने चलाए जाते हैं।

दिल्ली के मध्य में एक तरफ़ नागरिक अमन और मुहब्बत की बात कर रहे थे वहीं उत्तरी दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर निकाले जा रहे जुलूस से उसी तरह की हिंसा भड़की जो रामनवमी पर भड़की थी। 16 अप्रैल को आम आदमी पार्टी सहित कई दलों और संगठनों ने हनुमान जयंती पर शोभायात्रा निकाली। जहाँगीरपुरी के अलावा दक्षिण भारत के कुल्नुर, उत्तराखंड के रुड़की से भी हिंसा की ख़बरें सामने आईं।

आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों द्वारा भी बीजेपी की तरह की धार्मिक राजनीति किये जाने पर शबनम ने कहा, "धर्मनिरपेक्ष पार्टियां इस देश में ज़्यादा बची नहीं हैं, उनका जो काडर है या जो नेतृत्व है उनमें भी वही लोग हैं जो ख़ुद सांप्रदायिक सोच रखते हैं। इनमें कोई भी पार्टी ऐसी नहीं है जो तैयार हो कि धर्मनिरपेक्षता के बेस के ऊपर लड़ाइयां लड़ी जाएं, सभी कोशिश कर रही हैं कि बीजेपी की बी-टीम बन जाएं।

दिल्ली स्थित वकील और छात्र आंदोलन में सक्रिय रहीं कवलप्रीत कौर ने न्यूजक्लिक से बात करते हुए कहा, “नफ़रत की फ़िज़ा बनी हुई है। बीजेपी के अलावा जो बाकी पार्टियां हैं वह भी हिन्दू विरोधी नहीं दिखना चाहतीं, मगर हम उनसे हिन्दू विरोधी होने को नहीं कह रहे हैं, हम कह रहे हैं कि आप न्याय और शांति सुनिश्चित करें। अगर मस्जिदों पर हमला हो रहा है कम से कम आप पुलिस को तो वहाँ रखिए कि वह उसे रोक पाए। दरअसल राजनीतिक पार्टियों ने भी नरेटिव अलग तरह का बना दिया है। अगर आप हिन्दुत्व को चुनौती देने से डरेंगे तो मुझे लगता है कि एक बहुत बुरे दौर की तरफ़ जा रहे हैं।”

शायर और वैज्ञानिक गौहर रज़ा ने न्यूजक्लिक से बात करते हुए आगे की राह बताते हुए कहा, “मुझे लगता है कि एक व्यापक स्तर पर राजनीतिक पार्टियों को धर्मनिरपेक्षता वैज्ञानिक चेतना को पैदा करने की जरूरत है, और खुलेआम खतरा मोल लेने की जरूरत है, कि हम खड़े हैं। हो सकता है वह चुनाव हार जाएँ, मगर इसके बावजूद यह करना ही पड़ेगा, आप समझौता नहीं कर सकते। आपने समझौता कर लिया इसलिए यहाँ तक पहुंचे।

जंतर मंतर पर जब सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को हटाने लगे तो भाईचारे और एकता का सबूत देते हुए रोज़ेदारों के साथ मिल कर प्रदर्शनकारियों ने इफ्तारी भी की और नारे लगाते हुए हिन्दू राष्ट्र, मुस्लिम विरोधी हिंसा के खिलाफ़ अपनी मुखालफ़त ज़ाहिर की। 

Delhi riots
Anti Muslim
delhi police
Jantar Mantar
Gauhar Raza

Related Stories

लखनऊ: देशभर में मुस्लिमों पर बढ़ती हिंसा के ख़िलाफ़ नागरिक समाज का प्रदर्शन

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

दिल्ली: प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर पुलिस का बल प्रयोग, नाराज़ डॉक्टरों ने काम बंद का किया ऐलान

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट को दिखाने के लिए बैरिकेड हटा रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा

दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालय के सफ़ाई कर्मचारियों ने कपड़े उतार कर मुख्यमंत्री आवास पर किया प्रदर्शन!

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

दिल्ली: सिविल डिफेंस वालंटियर की निर्मम हत्या शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती है!

दिल्ली बच्ची दुष्कर्म और हत्या मामला: चारों आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    यति नरसिंहानंद न्यायिक हिरासत में, उत्तराखंड बीजेपी में खलबली और अन्य ख़बरें
    17 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी हरिद्वार धर्म संसद मामला, उत्तराखंड बीजेपी में चल रही हलचल और अन्य ख़बरों पर
  • poisonous liquor
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः पूर्ण शराबबंदी के बावजूद ज़हरीली शराब से जा रही लोगों की जानें
    17 Jan 2022
    "ज़हरीली शराब से हुई मौतों के प्रति सरकार व प्रशासन का रवैया असंवेदनशील व ग़ैर ज़िम्मेदाराना है। सत्ता के संरक्षण व पुलिस तंत्र के सहयोग से ज़िला में शराब का ग़ैरक़ानूनी तंत्र चल रहा है।"
  • akhilesh
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव:  बीजेपी को नहीं पचा अखिलेश का ‘अन्न संकल्प’
    17 Jan 2022
    सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किसानों के वोट साधने के लिए अन्न संकल्प लिया है, और किसानों से कई वादे किए हैं। जिसके बाद बीजेपी भी अखिलेश यादव पर हमलावर हो गई।
  • Scenes from the Kashmir press club
    अनीस ज़रगर
    कश्मीर प्रेस क्लब पर जबरन क़ब्ज़े पर पत्रकारों की संस्थाओं ने जताई नाराज़गी और हैरानी
    17 Jan 2022
    केपीसी में “राज्य समर्थित” तख़्तापलट पर पत्रकारों द्वारा बड़े पैमाने पर आक्रोश जताया जा रहा है। इसे जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और स्वतंत्र पत्रकारिता के दमन को तेज करने के लिए उठाया गया क़दम…
  • Dalit Movement
    महेश कुमार
    पड़ताल: पश्चिमी यूपी में दलितों के बीजेपी के ख़िलाफ़ वोट करने की है संभावना
    17 Jan 2022
    साल भर चले किसान आंदोलन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावी समीकरण बदल दिए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License