NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली दंगा : इशरत जहां का जेल में मारपीट का आरोप, अदालत ने सुरक्षा सुनिश्चित करने का दिया निर्देश  
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने जेल अधिकारियों को इशरत जहां की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Dec 2020
दिल्ली दंगा

दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के कथित आरोप में सख्त गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत गिरफ्तार पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां ने मंगलवार को यहां एक अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि मंडोली जेल में कैदियों ने उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले इस तरह के आरोपों में गिरफ़्तार एक्टिविस्ट उमर खालिद ने भी जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उमर खालिद ने जेल में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया था।  

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने जेल अधिकारियों को इशरत जहां की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।

अदालत ने जेल अधिकारियों से बुधवार को विस्तृत रिपोर्ट देने और बताने को कहा कि इस मुद्दे के हल के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और क्या जहां को किसी अन्य जेल में स्थानांतरित करने की जरूरत है।

जब अदालत ने मंडोली जेल की सहायक अधीक्षक से पूछा कि क्या ऐसी कोई घटना हुई है, तो उन्होंने इसकी पुष्टि की और कहा कि जरूरी कदम उठाए गए हैं।

इस पर अदालत ने जेल अधिकारी से कहा, “वह (जहां) पूरी तरह से डरी हुयी हैं। कृपया तुरंत उनसे बात करें और स्थिति को समझें। उनकी आशंका और डर को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दायर करें।’’

न्यायाधीश ने जेल अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जहां को बुधवार को अदालत में पेश करने का भी निर्देश दिया।

जहां ने अदालत में सीधे दलीलें पेश करते हुए कहा कि यह एक महीने के भीतर दूसरी घटना थी और वह लगातार शारीरिक एवं उत्पीड़न के कारण काफी तनाव में हैं।

जहां ने आरोप लगाया, ‘‘ एक महीने में यह दूसरी घटना है। आज सुबह 6:30 बजे, उन्होंने (कैदियों ने) मुझे बुरी तरह पीटा और गालीगलौज की। उनमें से एक ने अपना हाथ भी काट लिया ताकि मुझे झूठी शिकायत करने पर सजा दी जाए। सौभाग्य से, जेल अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी। मैंने लिखित शिकायत भी की है। वे मुझे आतंकवादी कहते रहते हैं। उन्होंने मुझसे कैंटीन में पैसे की भी मांग की।’’

इशरत जहां की ओर से पेश वकील प्रदीप तेवतिया ने आरोप लगाया कि पहले भी कैदियों ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद कैदियों में से एक को दूसरी जेल भेज दिया गया।

सुनवाई के दौरान मौजूदा अधिवक्ता मिस्बाह बिन तारिक ने अदालत से तत्काल कार्रवाई करने और जहां की स्थिति पर तत्काल गौर करने का अनुरोध किया क्योंकि जहां अधिवक्ताओं के बार की सदस्य हैं।

खालिद ने जेल में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराने का लगाया था आरोप

आपको बता दे उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किए गए जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व नेता उमर खालिद ने अपनी पिछली 16 दिंसबर की सुनवाई में अदालत में आरोप लगाया था कि पिछले तीन दिन से उन्हें दांत दर्द की शिकायत है, लेकिन तिहाड़ जेल प्रशासन ने कोई उपचार मुहैया नहीं कराया है।

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने जेल अधीक्षक को जेल नियमों के तहत खालिद को उपयुक्त उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए।

अदालत ने जेल प्रशासन को दो दिन के अंदर एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा, ' संबंधित जेल अधीक्षक को जेल नियमावली के अनुसार आरोपी (खालिद) को उपयुक्त उपचार मुहैया कराने का निर्देश दिया जाता है। जांच करने के लिए अगले दिन तक यदि दंत चिकित्सक जेल में उपलब्ध नहीं है, तो आवश्यकता पड़ने पर आरोपी को जेल के बाहर किसी दंत चिकित्सक के पास इलाज के लिए ले जाया जा सकता है।'

खालिद ने कहा कि आज जेल में एक दंत चिकित्सक के आने की उम्मीद थी लेकिन वह नहीं आए। ऐसे में दर्द के चलते अगले सप्ताह तक दंत चिकित्सक का इंतजार करने में मुश्किल होगी।

अदालत ने खजूरी खास इलाके में हुए दंगे से संबंधित एक मामले में खालिद की न्यायिक हिरासत की अवधि 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। खालिद को इस मामले में एक अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Delhi Violence
Delhi riots
Ishrat Jahan
Umar khalid

Related Stories

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई

उमर खालिद पर क्यों आग बबूला हो रही है अदालत?

दिल्ली दंगा : अदालत ने ख़ालिद की ज़मानत पर सुनवाई टाली, इमाम की याचिका पर पुलिस का रुख़ पूछा

जहांगीरपुरी हिंसा : अब 'आप' ने मुख्य आरोपी अंसार को 'बीजेपी' का बताया

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

दिल्ली हिंसा: उमर ख़ालिद के परिवार ने कहा ज़मानत नहीं मिलने पर हैरानी नहीं, यही सरकार की मर्ज़ी है

दिल्ली दंगे: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को जमानत देने से अदालत का इनकार

दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत
    12 Apr 2022
    मज़दूर संगठन ने दोषियों पर कार्रवाई और मृतकों के लिए 50 लाख मुआवज़े की रखी मांग
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    मुझे अगले नवरात्रों से ख़ौफ़ क्यों लगता है
    12 Apr 2022
    अब नवरात्रों में चलाने वाले नौ दिवसीय अनुष्ठान का मतलब भौतिक स्थान और/या क्षेत्र को चिह्नित करने के मामले में अधिक है, जैसा कि कई जानवर करते हैं, और इसलिए अधिकांश ईश्वर-भक्त हिंदू अनुयायी अपनी इच्छा…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 796 नए मामले, 19 मरीज़ों की मौत
    12 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 25 लाख 4 हजार 329 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च
    12 Apr 2022
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड महामारी के भीषण दौर में 100 दिन काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमितीकरण में प्राथमिकता देने की बात करते हुए सर्कुलर भी जारी किया था। पर अब केंद्र सरकार…
  • अजय कुमार
    दवाई की क़ीमतों में 5 से लेकर 5 हज़ार रुपये से ज़्यादा का इज़ाफ़ा
    12 Apr 2022
    भारत जैसे देश में दवाई की महंगाई बाजार की बनाई हुई है, लागत की नहीं। दवाई के महंगाई का हाल ऐसा है कि कई लोग महंगे दवाई के आभाव में दम तोड़ देते हैं। कई लोग दवा खरीद ही नहीं पाते और बीमारी से जूझते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License