NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली दंगे पूर्वनियोजित षड्यंत्र : माणिक सरकार
“उपद्रवियों को दिल्ली के बाहर से लाया गया था। उन्होंने कई घरों और दुकानों में तोड़-फोड़ की और उन्हें बर्बाद कर दिया। यह सांप्रदायिक हिंसा से भड़का पूर्व नियोजित षड्यंत्र था।’’
भाषा
11 Mar 2020
maniak

अगरतला: दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा को ‘‘पूर्वनियोजित षडयंत्र’’ बताते हुए त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने हिंसा से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के लिए एक अभियान शुरू किया।

सरकार ने दंगा पीड़ितों की मदद करने की अपील करते हुए हिंसा से निपटने में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। इस हिंसा में कम से कम 53 लोग मारे गए थे।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, “उपद्रवियों को दिल्ली के बाहर से लाया गया था। उन्होंने कई घरों और दुकानों में तोड़-फोड़ की और उन्हें बर्बाद कर दिया। यह सांप्रदायिक हिंसा से भड़का पूर्व नियोजित षड्यंत्र था।’’

राज्य में विपक्ष के नेता ने कहा, “मैं सभी से दंगा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील करता हूं।”

सरकार ने आरोप लगाया कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गंभीर कदम नहीं उठाए गए।

पार्टी के नेताओं ने बताया कि माकपा कार्यकर्ताओं की तरफ से चलाया जा रहा कोष संग्रह का यह अभियान अगले कुछ दिनों तक पूरे राज्य में जारी रहेगा।

दिल्ली में 24 फरवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चले दंगों में कम से कम 200 लोग घायल हुए, सैकड़ों विस्थापित हो गए और कई कारोबार बर्बाद हो गए।

करीब 700 मामले दर्ज किए गए और करीब 2,400 लोगों को या तो हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया।

इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि हिंसा में 79 घर और 327 दुकानें पूरी तरह जल गईं थी।

 

Delhi Violence
Manik Sarkar
CPIM
communal violence

Related Stories

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

रुड़की : दंगा पीड़ित मुस्लिम परिवार ने घर के बाहर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है', पुलिस-प्रशासन ने मिटाया

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 97 गिरफ़्तार

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम


बाकी खबरें

  • Gogoi
    वी. वेंकटेशन
    क्या रंजन गोगोई ख़ुद को क्लीन चिट देने में कामयाब रहे ?
    11 Dec 2021
    भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और अब संसद सदस्य जस्टिस रंजन गोगोई की लिखी किताब, ‘जस्टिस फ़ॉर द जज: एन ऑटोबायोग्राफ़ी’ में सुप्रीम कोर्ट में उनके विवादास्पद कार्यकाल को लेकर कई ख़ुलासे हैं।
  • KANPUR DEHAT
    रवि शंकर दुबे
    यूपी की मित्र पुलिस!: ‘बच्चे को लग जाएगी सर...’, पिता चिल्लाता रहा, लेकिन उनकी लाठी न रुकी
    11 Dec 2021
    कानपुर देहात के अकबरपुर में गोद में बच्चा लिए शख़्स को पुलिस ने बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल होने पर जांच और कार्रवाई
  • mullaperiyar
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु और केरल के बीच मुल्लापेरियार बांध के संघर्ष का इतिहास
    11 Dec 2021
    पश्चिम की ओर बहने वाली पेरियार नदी को पश्चिमी घाट के पूर्व में अर्ध-शुष्क कृषि भूमि की ओर मोड़ने के लिए एक बांध बनाने का विचार बहुत पुराना है। एक स्थानीय प्रशासक प्रदानी मुथिरुलप्पा पिल्लई ने वर्ष…
  • biden
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन के व्हाइट हाउस ने क्रेमलिन को दिया चकमा
    11 Dec 2021
    इस बैठक का आयोजन पूर्व जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के कार्यालय में रहने के अंतिम दिन किया गया था। 
  • domestic violence
    राज कुमार
    घरेलू हिंसा के फ़र्ज़ी आंकड़े बन रहे संसदीय चर्चा और संसदीय रिपोर्टों का आधार!
    11 Dec 2021
    आख़िर क्या है इन आंकड़ों के पीछे की सरकारी सच्चाई? ये मामला सिर्फ़ आंकड़ों तक सीमित नही है बल्कि मामला इससे कहीं ज़्यादा गंभीर है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License