NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
दिल्ली हिंसा : बीजेपी नेता मोहसिन अली की कार जली मिली, लाश की शिनाख्त नहीं
दिल्ली में सीएए के विरोध और समर्थन को लेकर उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान दंगाइयों ने यूपी बीजेपी के एक नेता की कार में आग लगा दी। कार के पास से एक डेडबॉडी भी मिली है लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो सकती है। अब उसका डीएनए करना होगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Mar 2020
Delhi violence

दिल्ली : दिल्ली में सीएए के विरोध और समर्थन को लेकर उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान दंगाइयों ने यूपी बीजेपी नेता मोहसिन अली की कार जला दी है। उनकी मौत की भी आशंका है लेकिन अभी उनकी बॉडी की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

मोहसिन (23) नोएडा सेक्टर-5 में रहते थे। सोनिया विहार के ग्रीन गार्डन में जनरेटर का कारोबार था। 25 फरवरी दोपहर 2 बजे मोहसिन ग्रीन गार्डन जनरेटर सही करने गए थे,जिसके बाद से ही मोहसिन का कोई पता नहीं है। माहौल खराब होने की सूचना मिलने पर जब परिवार वालों ने मोहसिन को कॉल किया तो उनका मोबाइल ऑफ मिला।

मोहसिन के चाचा अब्दुल माजिद निजामी कहते हैं, 'परिवार के लोग मोहसिन को तलाशते हुए सोनिया विहार इलाके में पहुंचे जहां उनकी कार जली हुई मिली। लेकिन मोहसिन कहीं नहीं मिले। इसके बाद इलाके के सभी अस्पतालों और मॉर्चरी तक मोहसिन की तलाश हुई। सभी जानकारों के पास फोन भी किया। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 26 फरवरी की रात करावल नगर थाने से कॉल आई, मॉर्चरी में आकर मोहसिन की शिनाख्त करने की बात कही। पुलिस के कहने पर मॉर्चरी में गए। पुलिस जिसे मोहसिन बता रही है। वह मोहसिन नहीं है।'

परिवार के लोगों के मुताबिक पुलिस को मोहसिन की कार के पास से एक डेडबॉडी भी मिली है लेकिन वह इतनी बुरी तरह से जल गई है कि उसकी शिनाख्त नहीं हो सकती है। अब उनका डीएनए करना होगा।

mohsin twitter.JPG

मोहसिन अली यूपी भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े हुए भी थे। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भाजपा के कई नेताओं के साथ फोटोज भी हैं। हालांकि परिवारवालों का कहना है कि बीजेपी का कोई भी नेता अब तक मदद के लिए सामने नहीं आया है।

चाचा निजामी कहते हैं, 'मोहसिन बीजेपी से जुड़े हुए थे। वह अच्छा काम कर रहे थे लेकिन सत्ताधारी दल का कोई भी सदस्य मोहसिन की तलाश में हमारी मदद के लिए अब तक सामने नहीं आया है। परिवार के लोग अस्पताल और थाने का चक्कर काट रहे हैं।'

गौरतलब है कि हिंसा के दौरान दंगाइयों ने भारतीय जनता पार्टी के एक और नेता व उनके रिश्तेदारों के घरों को भी निशाना बनाया। भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे के जिला उपाध्याक्ष अख्तर रज़ा और उनके तीन रिश्तेदारों के भागीरथ विहार स्थित घर को बीती 25 फरवरी को जला दिया गया।

रज़ा ने बताया, “मंगलवार शाम चार-पांच बजे से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। करीब सात-आठ बजे भीड़ ने धार्मिक उन्मादी नारे लगाए और हमले करने शुरू कर दिए। भीड़ ने मेरा और रिश्तेदारों के तीन घर जला दिये।”

उन्होंने कहा “ मैने पुलिस को कॉल की थी लेकिन पुलिस ने कहा कि भीड़ तो सभी जगह इकट्ठा हो रही है। पुलिस ने हमसे कहा कि आप डरो नहीं कुछ नहीं होगा।” रजा ने कहा, “दंगाई ज्यादातर बाहर के थे, लेकिन कुछ कॉलोनी के भी थे। इसी गली में मुस्लिमों के 19 घर हैं और दंगाइयों ने एक भी घर को नहीं छोड़ा।”

भाजपा नेता ने कहा, “हम किसी तरह से जान बचा कर भागे हैं। परिवार में 12-13 लोग हैं। जब हम कार में जान बचा के भाग रहे थे तो गाड़ी पर पथराव भी किया गया।” उन्होंने कहा "मैने कई परिचित पुलिस अधिकारियों से भी कई बार बात की। अफसरों ने कहा अख्तर जी पुलिस बल कम है और दंगाई बहुत ज्यादा हैं। पुलिस बल का आना संभव नहीं है।”

भाजपा की ओर से संपर्क करने के सवाल पर रज़ा ने कहा, पार्टी की तरफ से कोई संपर्क नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा “मैंने पार्टी के जिस भी नेता से बात की तो वहां से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। कहा कि प्राथमिकी होनी चाहिए। इंसाफ मिलना चाहिए, लेकिन उनकी ओर से कोई फोन नहीं आया न कोई राहत आई।”

उन्होंने कहा, भाजपा से ताल्लुक है और शायद भविष्य में भी रहे। रज़ा ने कहा, अब हालांकि गुजारिश यही है कि हमें न्याय मिले।गौरतलब है कि उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 200 से अधिक लोग घायल हैं। हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 254 प्राथमिकी दर्ज की है और 903 लोगों को गिरफ्तार किया है या हिरासत में लिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Delhi Violence
communal violence
Communal riots
BJP
Mohsin Ali

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल


बाकी खबरें

  • श्याम मीरा सिंह
    यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए
    28 Feb 2022
    एक तरफ़ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में यूक्रेन में फंसे कुछ सौ बच्चों को रेस्क्यू करने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ़ यूक्रेन में अभी हज़ारों बच्चे फंसे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे…
  • karnataka
    शुभम शर्मा
    हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 
    28 Feb 2022
    यह विडम्बना ही है कि हिजाब का विरोध हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से होता है, जो खुद हर तरह की सामाजिक रूढ़ियों और संकीर्णता से चिपकी रहती हैं।
  • Chiraigaon
    विजय विनीत
    बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के बनारस में चिरईगांव के बाग़बानों का जो रंज पांच दशक पहले था, वही आज भी है। सिर्फ चुनाव के समय ही इनका हाल-चाल लेने नेता आते हैं या फिर आम-अमरूद से लकदक बगीचों में फल खाने। आमदनी दोगुना…
  • pop and putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पोप, पुतिन और संकटग्रस्त यूक्रेन
    28 Feb 2022
    भू-राजनीति को लेकर फ़्रांसिस की दिलचस्पी, रूसी विदेश नीति के प्रति उनकी सहानुभूति और पश्चिम की उनकी आलोचना को देखते हुए रूसी दूतावास का उनका यह दौरा एक ग़ैरमामूली प्रतीक बन जाता है।
  • MANIPUR
    शशि शेखर
    मुद्दा: महिला सशक्तिकरण मॉडल की पोल खोलता मणिपुर विधानसभा चुनाव
    28 Feb 2022
    मणिपुर की महिलाएं अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक शक्ति की धुरी रही हैं। खेती-किसानी से ले कर अन्य आर्थिक गतिविधियों तक में वे अपने परिवार के पुरुष सदस्य से कहीं आगे नज़र आती हैं, लेकिन राजनीति में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License