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भारत
राजनीति
विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने और गरीबों के लिए मुफ़्त अनाज की मांग
लोकसभा में सरकार से इटली, अमेरिका सहित अन्य देशों में फंसे भारतीयों को बाहर निकालने की अपील करते हुए गरीबों और वंचित वर्ग के लोगों के लिए अनाज आदि सुविधा पैकेज की घोषणा की मांग की गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Mar 2020
Lok Sabha
Image courtesy: Deccan Herald

दिल्ली : लोकसभा में बृहस्पतिवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने कोरोना वायरस का मुद्दा उठाते हुए दुनिया के कई क्षेत्रों में फंसे भारतीयों को वापस लाने, जांच की सुविधा का विस्तार करने एवं सदन में प्रधानमंत्री के बयान की मांग की। इसी के साथ गरीबों के लिए मुफ्त अनाज और अन्य सहायता पैकेज घोषित करने की मांग लोकसभा में उठी

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह एक ऐसा विषय है जिससे केंद्र एवं राज्य सरकारों को मिलकर निपटना है ।

निचले सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि दुनिया में कोरोना वायरस के कारण स्थिति गंभीर है और भारतीय समुदाय के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को इटली, अमेरिका सहित अन्य देशों में फंसे लोगों को बाहर निकालना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण दुनिया हिल गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राष्ट्र को संबोधित करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सदन को भी संबोधित करें।

शिवसेना के विनायक राऊत ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने में सरकार ने अच्छा काम किया है। लेकिन सिंगापुर में हवाई अड्डे पर काफी छात्र फंसे हुए हैं और सरकार को उन्हें निकाल कर भारत लाना चाहिए।

द्रमुक के दयानिधि मारन ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने में सरकार ने काफी सख्त कदम उठाये हैं लेकिन संसद के साथ भेदभाव क्यों हो रहा है ।

तृणमूल कांग्रेस के असित कुमाल मल ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना वायरस से प्रभावित हुई है। इससे निपटने के लिये प्रयास हो रहे हैं । अधिक से अधिक अलग रखने की व्यवस्था सहित अन्य कदम उठाये जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस संबंध में सदन में बयान दें ।

शिवसेना के राजन बिचारे ने कहा कि सिंगापुर हवाई अड्डे पर भारत के 58 बच्चें फंसे है जो फिलिपीन में पढ़ाई करते हैं। ये बच्चे तीन दिन से सिंगापुर हवाई अड्डे पर फंसे हैं। सरकार इन्हें तुरंत निकालने की व्यवस्था करे ।

कांग्रेस के डीन कुरियाकोस ने कहा कि वह कोरोना वायरस से निपटने में विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों का समर्थन करते हैं ।

उनके क्षेत्र के कई लोग दूसरे देशों में फंसे है । विदेश मंत्रालय को विदेशों में फंसे ऐसे लोगों के लिये चार्टर्ड विमान की व्यवस्था करनी चाहिए।

भाजपा के राजू विष्ट ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने में सरकार युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही है। उनके संसदीय क्षेत्र दार्जिलिंग से चार अंतरराष्ट्रीय सीमाएं लगती है। वहां काफी संख्या में पर्यटक आते हैं । ऐसे में उनके क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं जांच की सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए ।

उन्होंने देश के कई क्षेत्रों में पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति कथित नस्लभेदी टिप्प्णी पर रोक लगाने की भी मांग की ।

गरीबों के लिए मुफ्त अनाज और अन्य सहायता पैकेज घोषित करने की मांग 

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप के मद्देनजर लोकसभा में कुछ सदस्यों ने गुरूवार को सरकार से गरीबों और वंचित वर्ग के लोगों के लिए अनाज आदि सुविधा पैकेज की घोषणा की मांग की। सरकार से निजी अस्पतालों को कोरोना वायरस के संदिग्ध रोगियों को भर्ती करने का निर्देश देने की भी मांग सदन में की गयी।

शून्यकाल में भाजपा की मीनाक्षी लेखी ने इस विषय को उठाते हुए दावा किया कि दिल्ली के निजी अस्पताल संदिग्ध रोगियों को भर्ती नहीं कर रहे हैं और सरकार को उन्हें कोरोना संदिग्धों को भर्ती करने का निर्देश देना चाहिए।

उन्होंने यह मांग भी की कि कोरोना वायरस के कारण बने प्रतिकूल हालात के बाद विभिन्न राज्यों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अनाज भंडार से गरीबों को अनाज प्रदान किया जाना चाहिए।

भाजपा की सुमलता अंबरीश ने भी मांग की कि इस स्थिति में दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी पटरी वालों, छोटे व्यापारियों तथा अन्य प्रभावित वर्गों के लिए सरकार को तत्काल सहायता पैकेज घोषित करने चाहिए जिनके लिए घर में रहकर काम करना और आजीविका प्राप्त करना संभव नहीं है।
दोनों भाजपा सांसदों ने कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने में देशभर में स्वास्थ्य कर्मियों, सरकारी तंत्र के कर्मचारियों की भूमिका और इस बारे में जागरुकता फैलाने में मीडिया के सकारात्मक योगदान की भी सराहना की।

सुमलता अंबरीश ने सरकार से सोशल मीडिया पर डराने और दहशत फैलाने वाली फर्जी खबरों पर रोकथाम के लिए भी कार्रवाई करने की मांग की।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मरगनी भारत ने शून्यकाल में फिलीपीन के मनीला में हवाईअड्डे पर भारतीय छात्रों के फंसे होने और उनका संपर्क वहां भारतीय दूतावास से नहीं हो पाने की बात कही तथा सरकार से इन छात्रों को तत्काल वापस लाने की मांग की।

समाजवादी पार्टी के एस टी हसन ने दावा किया कि मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर में भारत रवाना होने के लिए विमान में सवार हो गये 60 भारतीयों को यह कहकर उतार लिया गया कि भारत सरकार ने अभी उनके आने की अनुमति नहीं दी है।

हसन ने कहा कि इन लोगों को वहां सही से खाना-पीना भी नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में सरकार को उन्हें तत्काल वापस लाने की दिशा में काम करना चाहिए।

शून्यकाल में ही भाजपा के एम बी मंजूपाड़ा ने मास्क की कथित कालाबाजारी बंद करने के लिए कार्रवाई करने और इस पर जीएसटी हटाने की मांग सरकार से की। 

भाजपा के सुशील कुमार सिंह ने कोरोना वायरस के कारण ट्रेनों की यात्रा स्थगित करने वाले लोगों को यात्री रद्दीकरण शुल्क से छूट देने की मांग की।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि जिन 150 ट्रेनों को इस कारण से रद्द किया गया है, उनके यात्रियों से कोई रद्दीकरण शुल्क नहीं लिये जाने की घोषणा सरकार पहले ही कर चुकी है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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