NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सीनेट के लिए जॉर्जिया के निर्णायक चुनाव में डेमोक्रेट को ऐतिहासिक जीत की उम्मीद
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार राज्य की दोनों सीटों पर मौजूदा रिपब्लिकन की तुलना में भारी अंतर से आगे हैं। ये जीत अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष को मज़बूत कर सकता है।
पीपल्स डिस्पैच
06 Jan 2021
जॉर्जिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक और झटका वाली बात ये है कि 5 जनवरी को हुए निर्णायक मतदान में डेमोक्रेटिक पार्टी को जॉर्जिया में दो सीनेट सीट की जीत की उम्मीद है। 98% से अधिक की मतगणना के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार राफेल वार्नक विशेष सीनेट चुनाव जीतने जा रहे हैं, जबकि उनके अन्य उम्मीदवार जॉन ओसॉफ 12,000 से अधिक मतों के अंतर से आगे चल रहे हैं।

वार्नक विशेष चुनाव के लिए रिपब्लिकन के नियुक्त केली लोफ्लर के खिलाफ खड़े थे जो कि पिछले निर्वाचित सीनेटर जॉनी इसाकसन के इस्तीफे के बाद आवश्यक हो गया था। दूसरी ओर ओसॉफ मौजूदा एक अन्य रिपब्लिकन डेविड पेरड्यू के खिलाफ खड़े थे। पेरड्यू इस सीेट पर फिर से चुनाव की मांग कर रहे थे।

यदि ओसॉफ की बढ़त बरकरार रहती है तो ये निर्णायक चुनाव डेमोक्रेट के लिए एक बड़ी जीत होगी जो सीनेट में रिपब्लिकन के छह साल की पकड़ को समाप्त करने की उम्मीद करता रहा है। इन दो नई सीटों के साथ सीनेट में दोनों पार्टियों का पलड़ा 50 -50 सीटों के साथ बराबर हो जाएगा।

नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस जो सीनेट की अध्यक्षता करने जा रही हैं और जिनके पास गतिरोध के मामलों में मतदान करने की शक्ति होगी ऐसे में डेमोक्रेट प्रभावी रूप से इस सदन पर नियंत्रण रखेंगे। यह जो बाइडेन की आगामी राष्ट्रपतिय कार्यकाल के लिए भी सहायक होगा। इस तरह बाइडेन को अपनी नीतियों के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए कांग्रेस में जूझना नहीं पड़ेगा।

हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ ये निर्णायक परिणाम भी जॉर्जिया के लिए ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है जो 90 के दशक के उत्तरार्ध से राष्ट्रपति और राज्यपाल चुनावों में दक्षिणपंथी उम्मीदवारों को वोट देते रहे हैं। भले ही 4 नवंबर 2020 को संपन्न हुए आम चुनाव में इस राज्य को एक महत्वपूर्ण युद्ध के मैदान के रूप में देखा गया था लेकिन ये राज्य लगातार 15 वर्षों से रिपब्लिकन को वोट देता रहा है।

रिपब्लिकनों ने 2005 से गवर्नर कार्यालय और प्रांतीय विधायिका के दोनों सदनों पर कब्जा कर रखा था और पिछले दो दशकों से राज्य की अधिकांश सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव सीटों पर कब्जा जमा रखा था।

नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बाइडेन के जीतने और डेमोक्रेट के पाले में सीनेटर सीटों के जाने के साथ इस राज्य ने पिछले कुछ महीनों में अपने राजनीतिक परिदृश्य में एक उल्लेखनीय बदलाव देखा है।

Democrats in Georgia
American Senate
Donald Trump
US President Donald Trump

Related Stories

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

एक साल पहले हुए कैपिटॉल दंगे ने अमेरिका को किस तरह बदला या बदलने में नाकाम रहा

2021 : चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की युद्ध की धमकियों का साल

दुनिया क्यूबा के साथ खड़ी है

रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की जलवायु योजनायें पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा कर पाने में विफल रही हैं 

अमेरिका के ईरान जाने के रास्ते में कंटीली झाड़ियां 

मोदी अकेले नहीं :  सभी ‘दक्षिण-पंथी सत्तावादी’ कोविड-19 से निपटने में बुरी तरह विफल साबित हुए

रूस और चीन के साथ संपर्क बनाए रखना चाहते हैं बाइडेन

यूएई से ट्रंप प्रशासन के हथियारों की बिक्री के सौदे को आगे बढ़ाने के बाइडन के फ़ैसले की कड़ी आलोचना

अमेरिका ने हौथी को 'आतंकवाद' की सूची से हटाया, विद्रोही यमनी समूह से बातचीत करने का आग्रह किया


बाकी खबरें

  • Omprakash
    राज वाल्मीकि
    ओमप्रकाश वाल्मीकि सिर्फ़ दलित लेखक नहीं, राष्ट्रीय हिंदी साहित्यकार हैं: डॉ. एन. सिंह
    18 Nov 2021
    ओमप्रकाश वाल्मीकि ने ‘दलित साहित्य का सौन्दर्य शास्त्र’ लिखकर उन सवर्ण आलोचकों को जवाब दिया था, जो दलित साहित्य में शिल्पकला की कमी बताते थे।  उनकी कहानियों में ‘अम्मा’, ‘बिरम की बहू’, ‘सलाम', '…
  • israel
    पीपल्स डिस्पैच
    फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ नई बसाहटों वाले इज़रायलियों द्वारा 451 हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया
    18 Nov 2021
    यह आंकड़े शुरूआती 2020 के बाद के हैं, मानवाधिकार समूह बी सेलेम का कहना है कि नई बसाहटों वाले इज़रायलियों द्वारा किए जाने वाले हमलों को इज़रायल द्वारा एक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, ताकि…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    स्टैंड अप कॉमेडियन वीर दास पर एक बार फिर भड़के दक्षिणपंथी संगठन
    18 Nov 2021
    वीरों की भूमि हिंदुस्तान में दो “वीर” आजकल काफ़ी चर्चे में चल रहे हैं। एक आज़ादी से पहले के वीर, एक आज़ादी के बाद के वीर। ये दो वीर हैं “वीर सावरकर” और “वीर दास”।
  • chennai floods
    नीलाबंरन ए
    चेन्नई की बाढ़ : इस अव्यवस्था के लिए कौन ज़िम्मेदार है?
    18 Nov 2021
    विशेषज्ञों का मानना है कि भारी जल निकासी के डिज़ाइन में तकनीकी ख़ामियों, शहरीकरण के कारण प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था के ख़ात्मे और जल निकायों पर अतिक्रमण की वजह से चेन्नई में हर तरफ जलभराव की स्थिति…
  • COP 26
    एम. के. भद्रकुमार
    COP 26: भारत आख़िर बलि का बकरा बन ही गया
    18 Nov 2021
    विकसित देशों का सारा गेम प्लान भारत और चीन पर कोयले के उपयोग में कमी लाने पर फिर से रजामंद करने और इसके जरिए अगले साल संयुक्त राष्ट्र की आगामी बैठक तक कार्बन उत्सर्जन में कटौती लाने के लिए उन पर दबाव…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License