NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
लखीमपुर खीरी घटना को लेकर बिहार में प्रदर्शन, पीएम मोदी का पुतला दहन किया गया
"ये घटना बहुत ही निंदनीय है। यह किसान आंदोलन पर सरकार का सबसे बड़ा हमला है। जिस तरीके से बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या की गई है वह चौंकाने वाली है। यह आंदोलन और तेज होगा और इस सरकार के ख़िलाफ़ जनता और ज्यादा संगठित होकर मैदान में आएगी।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Oct 2021
patna

लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर राजधानी पटना समेत बिहार के अन्य जिलों में किसान यूनियन और वाम दलों ने जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। साथ ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने और दोषियों पर मुकदमा चलाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी का पुतला भी दहन किया गया।

पटना में प्रदर्शन

इस घटना को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए पटना जंक्शन के पास वाम दल, किसान संगठन समेत अन्य संगठनों के सदस्य इकट्ठा हुए। यहां से प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए डाकबंगला के पास पहुंचे और पीएम मोदी का पुतला दहन किया। यहां पर एक सभा का आयोजन किया गया जिसे सभी किसान नेताओं ने संबोधित किया। इस सभा को एआईकेएस के सोने लाल ने संबोधित करते हुए कहा कि ये घटना बहुत ही निंदनीय है। यह किसान आंदोलन पर सरकार का सबसे बड़ा हमला है। जिस तरीके से बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या की गई है वह चौंकाने वाली है। यह आंदोलन और तेज होगा और इस सरकार के खिलाफ जनता और ज्यादा संगठित होकर मैदान में आएगी। इस तरह की बर्बरता से किसी आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता है। सभा में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को हमें और तेज करनी है। सीपीआई (एम) के नेता अरूण मिस्रा ने कहा हर जगह इस घटना का प्रतिरोध हो रहा है। इस घटना को लेकर हर जगह मोदी-योगी का पुतला दहन किया जा रहा है। इसको लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। इसने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है। ये घटना आंदोलन के बढ़ाने में ही मदद करेगा। लोगों में किसी तरह का कोई डर या भय नहीं है बल्कि इसके खिलाफ रोष का वातावरण है। इस सभा में सीपीआई के नेता रामजीवन, सीपीआई (एमएल) के नेता समेत अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद थें।

हाजीपुर में निकाली जुलूस

इस घटना को लेकर बिहार के हाजीपुर में भी किसान नेताओं और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व सीपीआईएम के जिला सचिव राजनारायण ने किया। हाजीपुर शहर में इसको लेकर जुलूस निकाला गया। जुलूस राजेंद्र नगर चौक पास से निकला पूरा शहर घूमते हुए क्लेक्टेरियट के पास पहुंचा। इस दौरान मंत्री को बर्खास्त करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई। जुलूस जब हाजीपुर क्लेक्टेरियट के गेट के पास पहुंची तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के नेताओं को वहीं रोक दिया। इस बीच प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच मामूली झड़प हो गई। पुलिस नेताओं को मैजिस्ट्रेट से मिलने देना नहीं चाहती थी। प्रदर्शनकारी जब मैजिस्ट्रेट से मिलने के जिद पर अड़े तो पुलिस मैजिस्ट्रेट से मिलने की बाबत अधिकारी से पूछने गई। मैजिस्ट्रेट ने नेताओं को मिलने की अनुमति दे दी। इन नेताओं मैजिस्ट्रेट को एक मेमोरेंडम सौंपा जिसमें केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा पर मुकदमा कर गिरफ्तार करने की मांग की गई है। साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को अविलंब फांसी देने की मांग की गई। वहीं इस मेमोरेंडम में योगी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। मृतकों को एक-एक करोड़ मुआवजा देने की मांग की गई जबकि घायलों को पचास-पचास लाख रूपये दिए जाएं। पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को नौकरी दिया जाए।

उधर मुजफ्फरपुर सीपीआई (एम) के जिला सचिव अब्दुल गफ्फार ने कहा कि प्रतिरोध मार्च निकालते हुए मुजफ्फरपुर के कल्याणी चौक के पास प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की गई और दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग की गई।

Bihar
Patna Protests
Lakhimpur Kheri
Narendra modi
BJP
kisan andolan

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  • bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एक बार फिर बाढ़ की चपेट में उत्तर बिहार, जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
    22 Oct 2021
    'लोगों के सामने खाने पीने की वस्तुओं की कमी है। बीमार बच्चे और वृद्ध लोगों के इलाज में समस्याएं हो रही हैं। मवेशियों के लिए चारा मिलना मुश्किल है, ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह प्रभावित है।'
  • custodial death
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश: पुलिस की ज़्यादती का एक और मामला, सफ़ाईकर्मी की पुलिस हिरासत में मौत
    22 Oct 2021
    घटना से वाल्मीकि समाज ग़ुस्से में है। दलित कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग पोस्टमार्टम स्थल पर इकट्ठा हो गए और संबंधित पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की।
  • jail
    सोनिया यादव
    प्रिवेंटिव डिटेंशन क्या क़ानून के नाम पर भरपूर मनमानियां करने का ज़रिया है?
    22 Oct 2021
    एहतियातन हिरासत को लेकर देश के 100 रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू को एक खुली चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में कहा गया है कि इस अधिसूचना को जारी करने में 43 वर्षों की…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    100 करोड़ वैक्सीन डोज आंकड़े के सिवाय और कुछ भी नहीं!
    22 Oct 2021
    100 करोड़ वैक्सीन डोज महज आंकड़ा है। अगर देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब होता तो अब तक 100 करोड़ लोगों को दोनों डोज मुफ्त में आसानी से लग चुका होता।
  • jammu
    अबास राथर
    जम्मू-कश्मीर: सुस्त प्रशासन का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालना जारी
    22 Oct 2021
    जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों के लगभग नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन नौकरशाही और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच कामकाजी संगति नहीं बन सकी है। यह होने की बजाय, हम केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License