NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
दिल्ली गुड़ मंडी मामले में प्रदर्शन: "मुझे न्याय चाहिए, इससे ज़्यादा और कुछ नहीं!"
"मरने वाली लड़की ने मौत से दो घंटे पहले परिवार को फोन किया और कहा कि वह सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। अगर पुलिस को भरोसा है कि कोई घटना नहीं हुई थी, तो वह मामला दर्ज कर जाँच करें और क्लोज़र रिपोर्ट दर्ज करें। इतनी बेपरवही और लापरवाही क्यों है?"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Oct 2020
दिल्ली गुड़ मंडी मामले में प्रदर्शन

दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस से सटे इलाके गुड़ मंडी की दलित किशोरी बालिका के साथ कथित बलात्कार और हत्या मामले में करवाई न करने पर छात्रों और स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। इन लोगों ने इस मसले को लेकर सोमवार, 26 अक्टूबर को एकबार फिर प्रदर्शन किया।  

प्रदर्शन का आयोजन कमेटी फॉर गुड़ मंडी विक्टिम यानी गुंड़ मंडी पीड़ित के न्याय लिए बनी समिति के बैनर तले डीसीपी कार्यलय पर किया गया। इस समिति में छात्र संगठन एसएफ़आई, केवाईएस, डीएसयू सहित कई छात्र महिला और सामाजिक संगठन शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए पीड़िता के न्याय के लिए आवाज़ बुलंद करने वाले छात्रों के खिलाफ बर्बरता किए जाने का भी मुद्दा उठाया।

इससे पहले, 16 अक्टूबर को एक विरोध प्रदर्शन में, एसीपी अजय कुमार और एसएचओ द्वारा मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन में छात्रों और पत्रकारों के साथ, न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले पीड़ित के रिश्तेदारों को भी हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई थी।दिल्ली पुलिस ने बलात्कार और हत्या के परिवार के दावे के बावजूद इसे 'आत्महत्या' कहकर मामले को टाल दिया है। इससे गुस्साएं परिजन लगातर विरोध कर रहे हैं।

8c35de8e-722a-4282-a624-80c550040ee0_0.jpg

पीड़िता उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के एक दलित परिवार से है। उनका परिवार दिल्ली में रहकर किसी तरह लोगों की घर में साफ-सफाई करके अपना गुजर बसर करता था। परिवार अपनी बेटी की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाता रहा है। उन्होंने साफ़तौर पर उनकी बच्ची के साथ रेप करके जान से मारने का आरोप लगाया है। हालाँकि, दिल्ली पुलिस ने इतने गंभीर आरोपों के बाद भी अभी तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की है जबकि घटना को घटे लगभग एक महीना बीत गया है।

सोमवार को, जबकि डीसीपी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे, इसलिए अशोक विहार के एसीपी ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बात की। प्रतिनिधिमंडल ने गुड़ मंडी पीड़ित मामले में मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया है कि 7 दिनों के भीतर मामले में उचित जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली पुलिस से साफतौर पर कहा कि अगर मांग को पूरा नहीं किया गया तो उनका प्रदर्शन और तेज़ होगा। कमेटी फॉर गुड़ मंडी विक्टिम ने कहा जब तक पीड़िता और उसके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।  

प्रदर्शन में शामिल एसएफआई दिल्ली के अध्यक्ष सुमित कटारिया ने न्यूज़क्लिक से कहा कि,  “दिल्ली पुलिस की यह बात समझ से परे है कि वो इस मामले में प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं कर रही है? ,जबकि इसके लिए पर्याप्त प्रावधान और सबूत हैं। जिस क्षेत्र में यह कथित बलात्कार और हत्या हुई, वह दिल्ली विश्वविद्यालय के बहुत करीब है और यह थाना उन हजारों छात्राओं को होस्ट करता है जो अपने परिवारों से दूर और अकेले रहती हैं। इस तरह यौन दुराचार की सूचना पर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किया जाना बहुत ही खतरनाक और भयावह है। यह सब और कही नहीं बल्कि राजधानी में हो रहा है वो भी डीयू जैसे कैंपस के पास। अगर राजधानी में पुलिस का रवैया ऐसा ही रहता है तो यह हज़ारों छात्राओं को कैसे सुरक्षित रखेगा? यह एक गंभीर सवाल है इसका जबाब पुलिस को देना होगा।”

 पुलिस की कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए,  वकील आशुतोष कुमार मिश्रा, जो इस मामले में परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उन्होंने न्यूज़क्लिक को बताया : “इस देश में, कोई भी एफआईआर दर्ज करा सकता है। 22 दिनों के दुराचार के बाद भी मामला दर्ज किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने  2013 में ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार में फैसला सुनाया  कि भले ही यौन दुराचार का आरोप है और यह एक संज्ञेय अपराध है, पुलिस को भारतीय दंड संहिता की धारा 173 के तहत मामला दर्ज करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, "मामले में मरने वाली लड़की ने मौत से दो घंटे पहले परिवार को फोन किया और कहा कि वह सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। अगर पुलिस को भरोसा है कि कोई घटना नहीं हुई थी, तो वह मामला दर्ज करने जाँच करें और क्लोज़र रिपोर्ट दर्ज करें। इतनी बेपरवही और लापरवाही क्यों है?"

मिश्रा ने बताया कि "जब मैं पुलिसकर्मियों से मिलने गया था तब परिवार को महामारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार  किया गया था, इसपर जब मैंने सवाल किया तो पुलिस ने  कहा कि परिवार ने फूलों के गमला तोड़ दिया था। इस परिवार ने अपनी बेटी खो दी और इन लोगों को फूलों के गमलों की चिंता है!"

इस बीच, पीड़िता की मौसी, जो अपनों के खोने का दुःख सह रही हैं, उन्होंने केवल कुछ शब्द ही कहे , "मुझे न्याय चाहिए, इससे ज़्यादा और कुछ नहीं!"

इसे भी पढ़े : दिल्ली: नाबालिग दलित लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप, पुलिस ने नहीं दर्ज की रिपोर्ट

Gur Mandi Case
New Delhi
rape case
Dalit Girl
crimes against women
women safety
delhi police
BJP
AAP
Protest
SFI
kys
DSU

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर


बाकी खबरें

  • yogi
    सोनिया यादव
    यूपी: सरकार के 'चार साल में चार लाख नौकरी' का दावा 'झूठा' क्यों लगता है!
    20 Aug 2021
    यूपी में बेरोजगारी का ये आलम है कि फोर्थ क्लास नौकरी के लिए पीएचडी व एमबीए स्टूडेंट्स अक्सर अप्लाई करते दिखते हैं। 2019 में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों में भी बेरोजगारी में उत्तर प्रदेश…
  • 'एक उम्मीद थी, जो अब खत्म हो गयी है' - अफ़ग़ान शरणार्थी
    न्यूज़क्लिक टीम
    'एक उम्मीद थी, जो अब खत्म हो गयी है' - अफ़ग़ान शरणार्थी
    20 Aug 2021
    अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के कब्ज़े के बाद से ही दिल्ली में रह रहे अफ़ग़ान शरणार्थी गहरी चिंता में हैं, उनके लिए अपने देश वापस जाने और अपनों से मिलने की उम्मीद अब खत्म सी हो गयी है। भारत में वीज़ा और…
  • अफ़ग़ानिस्तान : क्या मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय ढांचे में तालिबान सरकार को मिल सकती है वैधानिक मान्यता
    मोहन वी कातारकी
    अफ़ग़ानिस्तान : क्या मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय ढांचे में तालिबान सरकार को मिल सकती है वैधानिक मान्यता
    20 Aug 2021
    आधुनिक राजनीतिक इतिहास में अफ़ग़ानिस्तान राज्य की यात्राओं के पड़ावों को याद किया जा रहा है।
  • बिहार में बाढ़ का कहर बरकरार, 35 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार में बाढ़ का कहर बरकरार, 35 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में
    20 Aug 2021
    भूमि का एक विशाल भाग लगातार जलमग्न है। आईएमडी का अनुमान है कि इस हफ्ते और इसके बाद भी काफी वर्षा होगी तो ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में बाढ़ का पानी घटने का कोई आसार नहीं है।
  • उद्धव सरकार ने भाजपा को उन्हीं के के खेल में दी मात, आशीर्वाद रैली निकालने पर 19 FIR दर्ज
    आज का कार्टून
    उद्धव सरकार ने भाजपा को उन्हीं के के खेल में दी मात, आशीर्वाद रैली निकालने पर 19 FIR दर्ज
    20 Aug 2021
    केंद्र सरकार व भाजपा शासित राज्य असंतोष और अपने खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए, कोविड-19 प्रोटोकॉल्स का हवाला देते हुए, कई सामाजिक कार्यकर्ताओं व आम लोगों पर गंभीर आरोपों के तहत मुकदमे दर्ज…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License