NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
हरियाणा में सेवामुक्त किए गए 1983 शारीरिक प्रशिक्षकों का प्रदर्शन जारी
हरियाणा में हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में केस हारने के बाद 1983 शारीरिक प्रशिक्षकों (पीटीआई) को राज्य सरकार ने नौकरी से निकाल दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jun 2020
हरियाणा में सेवामुक्त किए गए 1983 शारीरिक प्रशिक्षकों का प्रदर्शन जारी

दिल्ली: हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक जून को 1983 शारीरिक प्रशिक्षकों (पीटीआई) को सेवा मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद से सेवामुक्त किए गए शारीरिक प्रशिक्षक शिक्षक सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। इसी के तहत बुधवार यानि 24 जून को हर जिले में शिक्षामंत्री का पुतला फूंक के विरोध दर्ज कराया गया। गौरतलब है कि हरियाणा में कई जिलों में शिक्षक 15 जून से ही जिला स्तरीय क्रमिक अनशन पर हैं। शिक्षकों ने कहा है कि जब तक सरकार उनकी सुनवाई नहीं करेगी तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा। इसके साथ ही राज्यभर में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है।
 
शारीरिक प्रशिक्षकों के सामने अचानक से रोजी रोटी का गंभीर संकट हो गया है। शिक्षकों का कहना है भर्ती में कोई गलती हुई वो सरकार के कर्मचारियों की कमी थी। हमने तो पूरी मेहनत करके नौकरी ली थी और आज दस साल बाद अचानक बिना किसी नोटिस के नौकरी से हटा दिया जाना, कहाँ का न्याय है?

प्रशिक्षकों का कहना है कि कई लोगों की नौकरी पाने की उम्र भी खत्म हो गई है। कई शिक्षक अपने घर में अकेले ही कमाने वाले थे लेकिन आज नौकरी से हटाए जाने के बाद से उनके घर का चूल्हा कैसे जलेगा? इसकी चिंता किये बिना सरकार ने हमे बेरोजगार कर दिया।

IMG-20200624-WA0019.jpg

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि इन शिक्षकों की भर्ती 2010 में हुई थी। उसके बाद से ही इस भर्ती को लेकर सवाल उठ रहे थे। 2012 में यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने इस भर्ती को रद्द करने का आदेश दिया। इसके बाद शिक्षक सुप्रीम कोर्ट गए और उसने भी हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद शिक्षकों ने पुनः  3 जून 2020 को हाई कोर्ट में अपील की लेकिन कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आधार पर मौलिक शिक्षा निदेशक द्वारा पीटीआई को 3 दिन में रिलीव करने के आदेश दिए गए। इसके बाद से ही शिक्षक वर्ग में गुस्सा है। वो निदेशक मौलिक शिक्षा के आदेशों का विरोध कर रहा है। साथ ही हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग को अध्यापक विरोधी बता रहा है। उसकी मांग है कि सरकार 1983 पी टी आई को कार्यमुक्त करने के आदेश को वापिस ले।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार द्वारा अपनी वैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए 10 वर्षों से कार्यरत शारीरिक शिक्षकों की सेवा को बचाए जाने का प्रयास किया जाना चाहिए था। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, शारीरिक शिक्षक संघ एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा आंदोलन बातचीत, अपील ,दलील द्वारा अनेक बार हरियाणा सरकार को कह चुका था कि इनकी 10 वर्षों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार अपनी विधायी शक्तियों का प्रयोग करें एवं उच्चतम न्यायालय के बड़े बेंच में 8 अप्रैल 2020 के निर्णय के विरुद्ध अपील करें। परंतु इस सरकार ने कर्मचारी अध्यापक विरोधी रवैया अपनाया। किसी भी अपील व दलील को नहीं सुना।

आगे उन्होंने कहा कि जबकि माननीय उच्चतम न्यायालय ने अपने निर्णय में भी कहा था कि इस निर्णय को लॉक डाउन समाप्त होने के पश्चात 5 महीनों में लागू करें। सरकार ने लॉक डाउन भी समाप्त नहीं होने दिया।

उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार अध्यापकों की मेरिट प्रक्रिया पर कहीं सवाल नहीं उठाया गया,सिर्फ भर्ती की प्रक्रिया को दोषी मानते हुए माननीय उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला दिया हुआ है। इस फैसले की अनुपालना में भर्ती प्रक्रिया को बीच में बदलने वाले अधिकारियों व नेताओं को जिनको भर्ती प्रक्रिया बदलने के कारण लाभ मिला। उन पर कार्रवाई बनती थी न कि 10 बर्षो से मेहनत से सेवा कर रहे शिक्षकों को। उनको 3 दिन में रिलीव करने का आदेश जारी करके विभाग ने हजारों परिवारों के पेट पर लात मारने का कार्य किया है।

IMG-20200624-WA0024.jpg

1983 पीटीआई को कार्यमुक्त करने के आदेश अति निंदनीय है, सेवा नियमों की भी की अवहेलना: सी एन भारती
 
 हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान सी एन भारती ने आनन-फानन में की गई इस कार्यवाही की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि वह कर्मचारी व अध्यापक विरोधी है। अभी सरकार के पास उच्चतम न्यायालय के निर्णय अनुसार ही बहुत समय था। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सरकार को कोरोना प्रकोप के समाप्त होने के बाद 5 मास का अतिरिक्त समय दिया गया हैं। अभी तो करोना का भयंकर दौर ही चला हुआ है।  इसलिए ऐसे समय में ये आदेश बहुत ही निंदनीय है एवं मानवता विरोधी हैं।

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं सर्व कर्मचारी संघ ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि वह अपनी विधायी शक्तियों का प्रयोग करें एवं उच्चतम न्यायालय की बड़ी बेंच में सकारात्मक रूप से पैरवी करते हुए इन पीटीआई की नौकरी सुरक्षित रखें। 10 वर्ष की सेवा उपरांत किसी और की गलती के लिए 1983 परिवारों में सन्नाटा पैदा करना किसी भी दृष्टि से न्याय संगत नहीं है। यह कोई भी नहीं मान सकता है कि सभी पीटीआई की भर्ती गलत तरीके से की गई है।

सी एन भारती ने कहा है कि सेवा नियमों के तहत किसी भी स्थाई कर्मचारी को नौकरी से निकालने से पहले न्यूनतम 3 मास का शो कॉज नोटिस दिया जाता है। अथवा 3 मास का अग्रिम वेतन देने का प्रावधान है। परंतु यहां कोई शो कॉज नोटिस नहीं दिया जा रहा है। वैसे भी पीटीआई के नियोक्ता अधिकारी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी हैं। और यह काले आदेश निदेशक महोदय निकाल रहे हैं निश्चित तौर पर कानूनी रूप से यह भी सही नहीं है।

Haryana
Haryana Protest
1983 PTI
Haryana High Court
Supreme Court
Haryana Teacher Union

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे

हरियाणा की 20,000 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करनाल में करेंगी रैली

हरियाणा: यूनियन का कहना है- नाकाफी है खट्टर की ‘सौगात’, जारी रहेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?


बाकी खबरें

  • Raja Mihir Bhoj (left) and Raja Mahendra Pratap (right)
    बादल सरोज
    पुरखों को गोद लेने की चतुराई : वंशबेल बताने के लिए या विषबेल फैलाने के लिए!
    01 Oct 2021
    आरएसएस की दरिद्रता आनुवंशिक है। ऐसे में इतिहास में सेंध लगाकर किसी स्थापित व्यक्तित्व को उड़ाकर, रंग-पोत कर उसे हड़पने के सिवा कोई चारा ही नहीं बचता। 
  • Ganga Farrukhabad
    शंभूनाथ शुक्ल
    संकट: गंगा का पानी न पीने लायक़ बचा न नहाने लायक़!
    01 Oct 2021
    सफ़ाई और स्वच्छता के नाम पर नए-नए अभियान चल रहे हैं, समारोह हो रहे हैं। लेकिन हक़ीक़त कुछ और है। भाजपा ने केंद्र में आते ही पहला अभियान नमामि गंगे शुरू किया था किंतु सात साल में गंगा और मैली ही हुई…
  • Bhawanipur
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल : कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ भवानीपुर में उपचुनाव, विपक्ष ने लगाया अनुचित व्यवहार का आरोप
    01 Oct 2021
    पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शर्मनाक हार के बाद भवानीपुर के उपचुनाव करवाना पड़ा।
  • UP
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी: ‘प्रेम-प्रसंग’ के चलते यूपी के बस्ती में किशोर-उम्र के दलित जोड़े का मुंडन कर दिया गया, 15 गिरफ्तार 
    01 Oct 2021
    कुछ ग्रामीणों के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना “नाबालिग” जोड़े को “सबक सिखाने” के पंचायत के फैसले का नतीजा थी।
  • commando
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार पहला राज्य जहां देश का पहला महिला कमांडो दस्ता तैयार
    01 Oct 2021
    बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस से चुनी गईं इन 92 महिला सिपाहियों को महाराष्ट्र के मुतखेड स्थित सीआरपीएफ की सेंट्रल ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण दिलाई गई है। तीन महीने के प्रशिक्षण के दौरान इन्हें हर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License