NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भारतीय विधिज्ञ परिषद द्वारा नियमों में संशोधन के ख़िलाफ़ अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
अधिवक्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में पुतला दहन किया गया तथा भारतीय विधिज्ञ परिषद द्वारा नए उक्त संशोधन की प्रतियां जलाई गईं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Jul 2021
भारतीय विधिज्ञ परिषद

अधिवक्ता संघों के सदस्यों के आचरण और शिष्टाचार के संबंधित नियमों में हुए ताज़ा संशोधन के खिलाफ अधिवक्ताओं ने गुरुवार को बिहार के स्थानीय व्यवहार न्यायालय हाजीपुर जिला विधिक संघ परिसर में रोष प्रदर्शन किया।

यह प्रदर्शन अधिवक्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुआ जिसमें पुतला दहन किया गया तथा भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) द्वारा किए गए नए उक्त संशोधन की प्रतियां जलाई गईं।

हाल ही में भारतीय विधिज्ञ परिषद ने  एक गजट नोटिफिकेशन के जरिए अधिवक्ताओं/ अधिवक्ता संघों या बार काउंसिल के सदस्यों के आचरण और शिष्टाचार के संबंधित नियमों में संशोधन किया है। 

भारतीय विधिज्ञ परिषद का कहना है कि नियमों में ये बदलाव न्यायपालिका और वकालत के पेशे में  लुप्त हो रही गरिमा  को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

भारतीय विधिज्ञ परिषद द्वारा नियमों में किए गए ताजा बदलाव की देश भर में तीखी आलोचना हो रही है। पिछले कुछ दिनों में, कई राज्यों में, अधिवक्ता संगठनों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए।

परिषद के नियमों में संशोधन कर कहा गया है कि परिषद के किसी भी निर्णय या उसके पदाधिकारी, न्यायालय, न्यायपालिका या न्यायाधीश के खिलाफ अधिवक्ता नहीं बोल सकते हैं। अगर कोई अधिवक्ता इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे अवज्ञा या अवमानना माना जाएगा। और ऐसे सदस्यों के विरुद्ध दंडात्मक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

अधिवक्ता संघर्ष मोर्चा ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, “यह बदलाव भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकारों का हनन है और परिषद को चाहिए कि वह तत्काल इस बदलाव को रद्द करें।”

अधिवक्ता संघर्ष मोर्चा वैशाली के अध्यक्ष अधिवकता अमरजीत कुमार ने कहा कि देश भर के अधिवक्ताओं की मांग है कि भारतीय विधिज्ञ परिषद ने जो नया कानून बनाकर अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता पर हमला किया है, वे उसे जल्द से जल्द वापस ले। 

उन्होंने आगे कहा कि संविधान के द्वारा बार व बेंच दोनों को समान अधिकार दिया गया है, लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया उसे तोड़ने का काम कर रही है और उसने इन नियमों के जरिए केवल अधिवक्ताओं के अधिकारों का हनन करने का काम किया है।

मौके पर उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि परिषद ने अपने नियमों में संशोधन कर तानाशाहीपूर्ण रवैया का परिचय दिया है, जो न केवल अधिवक्ताओं के हितों के विरुद्ध है, बल्कि अलोकतांत्रिक भी है। भारतीय संविधान भारत के प्रत्येक नागरिक व संगठन को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है और यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अतिआवश्यक है।

अधिवक्ता संघर्ष मोर्चा ने नियमों की आलोचना करते हुए कहा, “अधिवक्ताओं के चुने हुए प्रतिनिधि ही अधिवक्ताओं के घोर दुश्मन बन बैठे हैं। अधिवक्ता संघों के संचालन में और अलोकतांत्रिक व्यवस्था अधिवक्ताओं को अब और बर्दाश्त नहीं है। बार व बेंच न्यायार्थिओं को न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा बार व बेंच एक दूसरे के पूरक हैं।

इस अवसर पर जिला विधिक बार संघ के अधिवक्ताओं ने संशोधन की प्रतियां जलाते हुए “अधिवक्ता एकता जिंदाबाद” तथा “अधिवक्ताओं का दमन बंद करो” के नारे लगाए।

Bar Council of India
BCI
Advocate Sangharsh Morcha

Related Stories

बीसीआई ने खोसला को दोषी ठहराने के ख़िलाफ़ जारी वकीलों की हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश :बार काउंसिल की अध्यक्ष दर्वेश की हत्या के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन

बीसीआई सीजेआई के साथ, एससीबीए ने टिप्पणी से किया इंकार

देशभर में वकील सड़कों पर उतरे, केंद्र पर वादाख़िलाफ़ी का आरोप


बाकी खबरें

  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘भाषाई अतिक्रमण’ के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मगही-भोजपुरी-अंगिका को स्थानीय भाषा का दर्जा देने का किया विरोध
    02 Feb 2022
    पिछले दिनों झारखंड सरकार के कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों की नियुक्तियों के लिए भोजपुरी, मगही व अंगिका भाषा को धनबाद और बोकारो जिला की स्थानीय भाषा का दर्जा…
  • ukraine
    पीपल्स डिस्पैच
    युद्धोन्माद फैलाना बंद करो कि यूक्रेन बारूद के ढेर पर बैठा है
    02 Feb 2022
    मॉर्निंग स्टार के संपादक बेन चाकों लिखते हैं सैन्य अस्थिरता बेहद जोखिम भरी होती है। डोंबास में नव-नाजियों, भाड़े के लड़ाकों और बंदूक का मनोरंजन पसंद करने वाले युद्ध पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ है।…
  • left candidates
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: मज़बूत विपक्ष के उद्देश्य से चुनावी रण में डटे हैं वामदल
    02 Feb 2022
    “…वामदलों ने ये चुनौती ली है कि लूट-खसोट और उन्माद की राजनीति के खिलाफ एक ध्रुव बनना चाहिए। ये ध्रुव भले ही छोटा ही क्यों न हो, लेकिन इस राजनीतिक शून्यता को खत्म करना चाहिए। इस लिहाज से वामदलों का…
  • health budget
    विकास भदौरिया
    महामारी से नहीं ली सीख, दावों के विपरीत स्वास्थ्य बजट में कटौती नज़र आ रही है
    02 Feb 2022
    कल से पूरे देश में लोकसभा में पेश हुए 2022-2023 बजट की चर्चा हो रही है। एक ओर बेरोज़गारी और गरीबी से त्रस्त देश की आम जनता की सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं हैं, तो
  • 5 election state
    रवि शंकर दुबे
    बजट 2022: क्या मिला चुनावी राज्यों को, क्यों खुश नहीं हैं आम जन
    02 Feb 2022
    पूरा देश भारत सरकार के आम बजट पर ध्यान लगाए बैठा था, खास कर चुनावी राज्यों के लोग। लेकिन सरकार का ये बजट कल्पना मात्र से ज्यादा नहीं दिखता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License