NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
कृषि क़ानूनों के विरोध में बुंदेलखंड में किसानों का प्रदर्शन
बुंदेलखंड़ किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बुंदेलखंड़ के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तिथियों में किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं और कानून वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रखेंगे।’’
भाषा
30 Nov 2020
protest
'प्रतीकात्मक तस्वीर ' फोटो साभार: हिंदुस्तान टाइम्स

बांदा/फतेहपुर (उत्तर प्रदेश):  केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बांदा और फतेहपुर जिले में किसानों ने सोमवार को भी सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

बांदा जिले के अतर्रा कस्बे में बुंदेलखंड़ किसान यूनियन की अगुवाई में किसानों ने कृषि मंडी के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

बुंदेलखंड़ किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बुंदेलखंड़ के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तिथियों में किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं और कानून वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रखेंगे।’’

उन्होंने बताया, ‘‘आज बांदा जिले के अतर्रा कस्बे में कृषि मंडी के सामने झांसी-मिर्जापुर राजमार्ग जामकर प्रदर्शन किया गया और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान पुलिस से उनकी नोक-झोंक भी हुई है।"

इसी प्रकार फतेहपुर से मिली जानकारी के अनुसार, बिंदकी कस्बे में किसान नेता रामसहाय पटेल के नेतृत्व में किसानों ने कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर सड़क जामकर विरोध प्रदर्शन किया।

बिंदकी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह ने बताया, "किसानों ने फरीदपुर गांव के पास बांदा-कानपुर मार्ग में जाम लगाकर यातायात बाधित कर दिया था, जिन्हें समझा-बुझाकर जाम खुलवाया गया।"

उन्होंने बताया, ‘‘किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उन्हें सौंपा है, जिसमें तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई है।"

हरियाणा : निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान ने दिया अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा

भिवानी: किसान आंदोलन के कारण हरियाणा के निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान ने हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। वह सांगवान खाप के प्रधान है। उन्होंने चरखी दादरी में हुई सांगवान खाप की पंचायत में यह ऐलान किया।

सांगवान खाप मंगलवार से दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होगी। सोमबीर सांगवान दादरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

दादरी में मंगलवार को सांगवान खाप की हुई पंचायत हुई में फैसला किया गया कि खाप के लोग एक दिसंबर से किसानों के समर्थन में दिल्ली के लिए कूच करेंगे और उनका नेतृत्व खाप के प्रधान सोमवीर सांगवान करेंगे।

इसके बाद सोमवीर सांगवान ने हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।

सोमवीर ने कहा कि उनके लिए किसी भी पद से बड़ा समाज और लोगों का हित है।

गौरतलब है कि सोमवीर सांगवान ने विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बबीता फोगाट को हराया था और मनोहर लाल खट्टर सरकार को समर्थन दे रहे हैं।

Farmer protest
Bundelkhand
Bundelkhand Farmers Union
Haryana

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

पंजाब: आप सरकार के ख़िलाफ़ किसानों ने खोला बड़ा मोर्चा, चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर डाला डेरा

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे

हरियाणा की 20,000 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करनाल में करेंगी रैली

हरियाणा: यूनियन का कहना है- नाकाफी है खट्टर की ‘सौगात’, जारी रहेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल

MSP की कानूनी गारंटी ही यूपी के किसानों के लिए ठोस उपलब्धि हो सकती है


बाकी खबरें

  • Modi
    शंभूनाथ शुक्ल
    प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा: “बुढ़ापा हमका चापर किहिस!”
    01 Jan 2022
    कानपुर रैली में उनके भाषण को देख कर लगा कि जैसे उन्हें कानपुर से चिढ़ हो। शायद इसलिए कि कानपुर शहर का मिज़ाज थोड़ा भिन्न है। कानपुर लम्बे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है।
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे
    01 Jan 2022
    कारपोरेट-फासीवादी आक्रामकता के कैसे ख़ौफ़नाक दौर में हम  फंसे हैं, यह किसान-आंदोलन के स्थगन के 15 दिन के अंदर के घटनाक्रम से ही साफ हो गया है।
  • 2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    सुबोध वर्मा
    2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    01 Jan 2022
    पूरे साल के दौरान, औद्योगिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, स्वरोज़गार श्रमिकों, बेरोज़गारों, पुरुष-महिलाओं, युवा-बूढ़ों – यानी कामकाजी लोगों के सभी तबक़ों ने साथ मिलकर अपनी आजीविका पर लगातार हो रहे…
  • Missionaries of Charity's
    कुमुदिनी पति
    मिश्नरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन क्यों ख़ारिज हुआ?
    01 Jan 2022
    मिशनरीज ऑफ चैरिटी क्या है? यह क्या काम करता है कि इसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन ख़ारिज किया गया। 
  • calendar of IIT Kharagpur
    सोनिया यादव
    क्या हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी खड़गपुर का कैलेंडर तैयार किया गया है?
    01 Jan 2022
    कैलेंडर विवाद में जहां संस्थान और इस कैलेंडर को तैयार करने वाले इसमें कुछ भी गलत नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई शिक्षाविद् और संस्थान के पूर्व छात्र इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License