NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
एमपी भवन पर महिलाओं का प्रदर्शन, कहा सुरक्षा के नाम पर निग़रानी मंज़ूर नहीं
दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन पर महिलाओं और छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने भी पुख़्ता तैयारी की थी जिससे कोई भी प्रदर्शनकारी एमपी भवन तक न पहुंच सके। लेकिन जब इन सब के बाद भी प्रदर्शनकारी पहुंच गए तो पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और बसों मे भर कर मंदिर मार्ग थाने ले गए ।
मुकुंद झा
15 Jan 2021
/Demonstration-of-women-at-MP-Bhavan-said-that-surveillance-in-the-name-of-security-is-not-acceptable

दिल्ली: दिल्ली स्थति मध्य प्रदेश(एमपी) भवन पर महिलाओं और छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने महिलाओं के सुरक्षा के लिए महिलाओं की ट्रैकिंग की बात से नाराज़ थे। उन्होंने शिवराज के बयान को शर्मनाक कहा और इसे सुरक्षा नहीं निगरानी बताया। इस बयान के लिए माफ़ी की मांग भी रखी। पुलिस ने धारा 144 लागू होने का हवाला देकर प्रदर्शन न करने की अपील की थी।

इसके बाद भी प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए और दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने भी पुख़्ता तैयारी की थी जिससे कोई भी प्रदर्शनकारी एमपी भवन तक न पहुंच सके।

इसके लिए उन्होंने दोनों तरफ से भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की थी। लेकिन जब इन सब के बाद भी प्रदर्शनकारी पहुंच गए तो पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और बसों मे भरकर मंदिर मार्ग थाने ले गए।

इसके कुछ देर बाद दिल्ली के अलग अलग कॉलेज के छात्रों को भी एक समूह आया और वो भी शिवराज सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करने लगे। जिसके बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें वापस लौटना चाहा लेकिन वो इस बात पर अड़े रहे की उन्हें एमपी भवन जाकर अपना ज्ञापन सौंपना है लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया और उन्हें पुलिस गाड़ी मै ले गई। हालंकि कुछ समय बाद सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया।


इस प्रदर्शन का आवाह्न महिला संगठन अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति(एडवा), अनहद, प्रगतिशील महिला संगठन के साथ ही कई अन्य महिला और जन संगठनों ने किया था।

शिवराज ने क्या कहा था?

पखवाड़े भर चलने वाले महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध पर जागरूकता कार्यक्रम 'सम्मान' की शुरुआत करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि महिलाओं की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक नयी व्यवस्था लायी जाएगी जिसके तहत काम के लिए अपने घर से बाहर जाने वाली किसी भी महिला को ख़ुद को स्थानीय पुलिस थाने में रजिस्टर कराना होगा और उसकी सुरक्षा के लिए उसे ट्रैक किया जाएगा। एक हेल्पलाइन नंबर दिया जाएगा और सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में पैनिक बटन लगाया जाएगा।

शिवराज के इस बयान के बाद सोशल मिडिया पर भी उनकी खूब खिंचाई हुए थी और लोगों ने उनके इस बयान को महिला विरोधी बताया था।
 

एमपी पुलिस के एक अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से कहा अभी ऐसा कोई रिटन आदेश नहीं आया है और हम महिलाओं के सुरक्षा और मानव तस्करी रोकने के लिए है। इसके पीछे महिलाओं के सम्मान से छेड़छाड़ करने का कोई मकसद नहीं है ।


इस पर महिलाओं ने कहा आप अपराधियो को ट्रैक करे हम पर निगरानी क्यों ? पहले से है पुरे समाज की नज़र हम पर है आप हमे सुरक्षा देने के बजाय हम पर ही शिकंजा कस रहे है ।

एडवा की दिल्ली राज्य अध्यक्ष आशा शर्मा इन्हे भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था । उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा एमपी की बीजेपी सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में तो पूरी तरह से फेल है और अब यह सुरक्षा के नाम पर हमारे फ्री आने जाने के अधिकार पर हमला कर रही है । हम इसकी घोर निंदा करते है ।

आगे उन्होंने कहा हम इसी का विरोध करने के लिए एमपी भवन जा रहे थे लेकिन केंद्र की मोदी सरकार के इशारे पर पुलिस हमे हिरासत में ले रही है ।ये इनकी पितृ सत्ता की सोच दिखती है जो आजाद और कामकाजी महिलाओं से डरती है । लेकिन ये आज हमे जेल में डाला दे लेकिन हम अपने अधिकार के लिए लड़ते रहेंगे ।

प्रगतिशील महिला संगठन की पूनम कौशिक जो पेशे से सुप्रीकोर्ट की वकील है। उन्होंने भी न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस अपने संवैधानिक अधिकार को छोड़कर मनुवादी सरकार के कहने पर हमे हिरासत में ले रही है । उन्होंने शिवराज सिंह के बयान पर कहा कोई राज्य का मुखिया ऐसा बयान दे कैसे सकता है ? ये सीधे सीधे। उनके महिला विरोधी चरित्र को दिखता है ।

एडवा दिल्ली की राज्य सचिव मैमुना मौल्ला ने कहा बीजेपी की राजनीति ही यही है ,यह कोई पहला बयान नहीं है इसी तरह का बयान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी दिया था उन्होंने कहा था महिलाएं छूट बोलती है जब उनका अपने बॉयफ्रेंड से झगड़ा हो जाता है तो वो रेप का इल्ज़ाम लगा देती है । इसी तरह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दे चुके है । अब एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज दे रहे है वो सुरक्षा के नाम पर निगरानी कर रहे है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा हम इस तरह के महिला विरोधी प्रस्ताव और इस तरह के किसी भी पहल के पीछे की सोच को खारिज करते हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने की आड़ में निगरानी और ट्रैकिंग महिलाओं की स्वायत्तता और स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।


प्रदर्शनकारियों ने कहा एमपी राज्य ने हाल के दिनों में महिलाओं के खिलाफ भयानक अपराधों को देखा है। मुख्यमंत्री को कानून और व्यवस्था में सुधार, स्थानीय बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में प्रभावी जांच और न्याय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह निगरानी प्रस्ताव राज्य में शासन की विफलताओं पर पर्दा डालने की एक नाकाम कोशिश है। हम उनकी सुरक्षा की आड़ में महिलाओं पर नियंत्रण रखने के लिए इस प्रस्ताव की निंदा करते हैं और सीएम को सार्वजनिक रूप से उनकी टिप्पणियों को वापस लेने की अपील करते हैं।

MP Bhavan
Surveillance
woman security
Shivraj Singh Chauhan
Madhya Pradesh
AIDWA
ANHAD
woman protest
delhi police

Related Stories

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

बाल विवाह विधेयक: ग़ैर-बराबरी जब एक आदर्श बन जाती है, क़ानून तब निरर्थक हो जाते हैं!

दिल्ली: प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर पुलिस का बल प्रयोग, नाराज़ डॉक्टरों ने काम बंद का किया ऐलान


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक स्पोर्ट्स
    भारतीय फ़ुटबॉल टीम बनाम आईएसएल : कोच इगोर स्टीमेक को है नेशनल कैम्प में खिलाड़ियों की मौजूदगी की चिंता
    20 Oct 2021
    हो सकता है कि भारतीय फ़ुटबॉल टीम एएफ़सी एशियन कप क्वालीफ़ायर का मैच अगले साल फ़रवरी में खेलेगी, इसी दौरान इंडियन सुपर लीग भी चल रहे होगी- ऐसे में इगोर स्टीमेक को उम्मीद है कि घरेलू प्रतियोगिता के हितधारक…
  • सबाह गुरमत
    ना शौचालय, ना सुरक्षा: स्वतंत्र क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं से कंपनियों के कोरे वायदे
    20 Oct 2021
    भारत में गिग इकोनॉमी (छोटी अर्थव्यवस्था) में काम करने वाले कामगारों को आने वाली दिक्कतों पर कुछ समय से काम किया जा रहा है, लेकिन महिला कर्मचारियों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सुप्रीम कोर्ट में लखीमपुर हत्याकांड की सुनवाई, कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार
    20 Oct 2021
    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि हम कल रात एक बजे तक स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार करते रहे लेकिन हमें रिपोर्ट अभी मिली है। उन्होंने अपने पुराने आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि हमने पिछली…
  • Chamoli
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: बारिश ने तोड़े पिछले सारे रिकॉर्ड, जगह-जगह भूस्खलन से मुश्किल हालात, आई 2013 आपदा की याद
    20 Oct 2021
    बारिश-बाढ़-भूस्खलन से घिरे उत्तराखंड में जो हो रहा है, यही जलवायु परिवर्तन है, आपदा के बाद हम सिर्फ प्रतिक्रिया में कदम उठाते हैं। लेकिन हमें शार्ट टर्म, मिडिल टर्म और लॉन्ग टर्म के लिहाज से तैयारी…
  • लखीमपुर कांड: मंत्री पर एक्शन क्यों नहीं मोदी जी ?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    लखीमपुर कांड: मंत्री पर एक्शन क्यों नहीं मोदी जी ?
    20 Oct 2021
    बोल के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा कैबिनेट मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं.
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License