NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
CAA-NRC के ख़िलाफ़ देशभर में प्रदर्शन जारी, चंद्रशेखर की रिहाई के लिए हाथ बांधकर मार्च
‘‘इस देश को एनआरसी, एनपीआर नहीं चाहिए। इस देश को रोज़गार चाहिए। इस देश को अमन और शांति चाहिए।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Dec 2019
CAA-NRC

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NCR) को लेकर शुरू हुआ विरोध अभी थमा नहीं है। दिल्ली से लेकर देश के तमाम हिस्सों में रोज़ ही विरोध प्रदर्शन और धरना इत्यादि हो रहा है। इसमें अब राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) का विरोध भी शामिल हो गया है। दिल्ली में जुमे की नमाज़ के बाद जामा मस्जिद के बाहर शांतिपूर्वक प्रदर्शन हुआ। इसके अलावा भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की रिहाई के लिए उनके समर्थकों ने अपने हाथ बांधकर प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया, लेकिन उन्हें बीच में ही रोक लिया गया। इसी तरह

जामिया समन्वय समिति ने उत्तर प्रदेश भवन के घेराव का आह्वान किया था, लेकिन उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उत्तर प्रदेश से फिलहाल शांति की ख़बरें हैं। मुंबई में CAA और NRC के पक्ष और विरोध दोनों में अगस्त क्रांति मैदान और आज़ाद मैदान में सभाएं हुईं।
   
दिल्ली में कड़ाके की ठंड का सामना करते हुए सैकड़ों लोग पुरानी दिल्ली में जामा मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए। कांग्रेस नेता अलका लांबा और दिल्ली के पूर्व विधायक शोएब इकबाल भी प्रदर्शनकारियों के साथ थे।

लांबा ने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा, ‘‘देश में असल मुद्दा बेरोजगारी का है लेकिन आप (प्रधानमंत्री) लोगों को एनआरसी के लिए लाइन में खड़ा करना चाहते हैं जैसा नोटबंदी के दौरान किया गया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश और संविधान के लिए लोकतंत्र की आवाज उठाना आवश्यक है। केंद्र सरकार तानाशाह नहीं हो सकती और लोगों पर अपना एजेंडा नहीं थोप सकती है।’’

मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने नये कानून और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ नारेबाजी की।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘इस देश को एनआरसी, एनपीआर नहीं चाहिए। इस देश को रोजगार चाहिए। इस देश को अमन और शांति चाहिए।’’

प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे जिन पर लिखा था -- ‘संविधान बचाओ, देश मत बांटो।’ उन्होंने लोगों से हिंसा नहीं करने की अपील की।

पूर्व विधायक ने कहा, ‘‘जो लोग हिंसा करते हैं वे हममें से नहीं हैं। यह आंदोलन है और यह जारी रहेगा। अगर कोई हमारी शांति को भंग करता है तो वह हममें से नहीं है और वह हमारे आंदोलन को भटकाना चाहता है। हम हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’

भीम आर्मी सदस्यों को पुलिस ने रोका

उधर, प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे भीम आर्मी के सदस्यों को पुलिस ने रोक दिया। भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की रिहाई की मांग तथा सीएए एवं एनआरसी के खिलाफ अपने विरोध को और मुखर बनाने के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर जा रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया।

इस मार्च में हिस्सा ले रहे प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथ बांध रखे थे ताकि उन पर इस प्रदर्शन के दौरान हिंसा एवं आगजनी के आरोप नहीं लगाए जा सके।

भीम आर्मी के सदस्यों समेत इन प्रदर्शनकारियों ने जोरबाग के जोर शाहे मरदान करबला से अपना मार्च शुरू किया। पुलिस ने उन्हें लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास से कुछ किलोमीटर पहले रोक दिया।

लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन बंद रहा

प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को भी दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश एवं निकास द्वार बंद कर दिया गया। इस स्टेशन के आस पास से विरोध मार्च निकाले जाने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमअरसी) ने ट्वीट किया, ‘‘लोक कल्याण मार्ग के प्रवेश एवं निकास द्वार को बंद कर दिया गया है। इस स्टेशन पर ट्रेनें नहीं रूकेंगी।’’

IMG-20191227-WA0020 (1).jpg

यूपी भवन के बाहर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया 

उत्तर प्रदेश में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ज़्यादती के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित उत्तर प्रदेश भवन के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास करने वाले कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

जामिया समन्वय समिति ने उत्तर प्रदेश भवन के ‘घेराव’ का आह्वान किया था । इस समिति में विभिन्न राजनीतिक समूहों के छात्र शामिल हैं ।
मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया था । जैसे ही कुछ प्रदर्शनकारी वहां पहुंचे, उन्हें हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग पुलिस थाने में ले जाया गया ।

पुलिस ने बताया कि अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू वहां लागू थी जिसके तहत एक स्थान पर चार या चार से अधिक लोगों के जमा होने को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

आसपास के पुलिस जिलों से भी सुरक्षाकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हो ।

विरोध प्रदर्शन करने आये एक व्यक्ति को जब पुलिस हिरासत में लेने का प्रयास करने लगी तो वह सड़क पर बैठ गया और इस कार्रवाई पर सवाल उठाया। उसे हिरासत में लिया गया और पुलिस वैन में ले जाया गया । महिला प्रदर्शनकारियों को महिला पुलिस ने हिरासत में लिया ।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) आनंद मोहन, पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) ईश सिंघल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) दीपक यादव और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पश्चिम) देवेंदर आर्य समेत कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे ।

उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्वक संपन्न हुई जुमे की नमाज़

उधर, उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो गयी। पिछले सप्ताह जुमे की नमाज़ के बाद संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान कुछ जगह हिंसा भी हुई थी।

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने पीटीआई—भाषा से कहा, ‘‘पूरे प्रदेश में शांति रही।''

उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। राज्य में भारी सुरक्षा बंदोबस्त किया गया है।

संवेदनशील इलाकों में केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात किये गये हैं।

ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है। इंटरनेट सेवाएं बंद हैं ताकि कोई अफवाह ना फैलने पाये।

एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने बताया कि राज्य में हिंसक प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 19 है।

मुरादाबाद, अमरोहा और हाथरस जिलों से मिली खबरों के मुताबिक विभिन्न मस्जिदों में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो गयी।

पुराने लखनऊ की ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद के बाहर अर्द्धसैनिक बलों के जवान भारी संख्या में तैनात थे। सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद थी। उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जगहों पर लगातार गश्त की जा रही थी।

हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के कथित आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अलग अलग जिलों में 372 लोगों को नोटिस दिये गये हैं।

गृह विभाग के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को बताया कि हिंसा में मरने वालों की संख्या 19 है। हिंसा में 288 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से 61 फायरिंग में जख्मी हुए हैं। उन्होंने बताया कि 327 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं जबकि 5558 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है।

करीब एक हफ्ते तक बंद रही इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गयी थीं लेकिन एहतियातन कई जगहों पर इसे फिर बंद कर दिया गया है ताकि सोशल मीडिया से किसी तरह की अफवाह ना फैलने पाये।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सबसे अधिक 200 नोटिस मुरादाबाद में दिये गये। लखनऊ में 100, गोरखपुर में 34 और फिरोजाबाद में 29 लोगों को नोटिस दिये गये हैं।

हिंसा में कथित रूप से शामिल होने के लिए प्रदेश भर में 1113 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रदेश के डीजीपी ने बताया कि शांति व्ययवस्था बनाये रखने के लिए केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों के लगभग 3500 जवान और पीएसी के 12 हजार जवान तैनात किये गये हैं।

एहतियातन गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और आगरा सहित 20 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।

संशोधित नागरिकता कानून को लेकर पिछले शुक्रवार जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शनों के मद्देनजर गोरखपुर पुलिस ने शुक्रवार ज़ुमे की नमाज़ को लेकर जबरदस्त सुरक्षा बंदोबस्त किया। गोरखपुर के जिलाधिकारी और एसएसपी ने अन्य अधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ जिले के संवेदनशील इलाकों में बृहस्पतिवार को फ्लैग मार्च किया था। सभी थानाक्षेत्रों में पीस कमेटी के साथ बैठकें भी की गई।

जिला अधिकारी विजयेंद्र पंडियन ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस बल के साथ अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गयी है और ड्रोन कैमरे भी लगाये गये।

एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस कोतवाली क्षेत्र में कड़ी चौकसी बरत रही है। जुमे की नमाज से पहले ही संवेदनशील इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गयी थी।

कानपुर के एसएसपी अनंत देव तिवारी का दावा है कि आरंभिक जांच से पता चला है कि हिंसा में बांग्लादेशियों और कश्मीरियों सहित बाहरी तत्वों का हाथ है। उन्होंने कहा कि इस बात के पर्याप्त साक्ष्य हैं कि हिंसा में बाहरी लोग शामिल थे।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिंसा के पीछे पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) का हाथ होने की आशंका है। पीएफआई प्रतिबंधित आतंकी संगठन स्टूडेंटस इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) से प्रभावित है।

हालांकि ये सिर्फ राज्य सरकार और पुलिस-प्रशासन के दावे हैं। इसके उलट तमाम राजनीतक दलों के कार्यकर्ताओं, समाजसेवी, स्वतंत्र पत्रकारों और फैक्ट फाइडिंग टीम सदस्यों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस ने बेवजह अत्याधिक बल प्रयोग किया है और हिंसा भड़काने और सरकारी और प्राइवेट संपत्ति में तोड़फोड़ में भी पुलिस पीछे नहीं रही है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में पुलिस ज़्यादती ने भय का माहौल बना दिया है।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

NRC
CAA
NPR
Chandrashekhar Azad
Jama masjid
Alka Lamba
Congress
bheem army
DMRC

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

'अच्छे दिन’ नहीं चाहिए, बस ये बता दो कब होगी रेलवे ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा?

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

युवा कांग्रेस का संसद घेराव; राहुल ने कहा ‘हम दो, हमारे दो की सरकार’ के रहते युवाओं को नहीं मिल सकता रोज़गार


बाकी खबरें

  • covid
    संदीपन तालुकदार
    जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में
    24 Feb 2022
    IISER, पुणे के प्रख्यात प्रतिरक्षाविज्ञानी सत्यजित रथ से बातचीत में उन्होंने ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.2 के ख़तरों पर प्रकाश डाला है।
  • Himachal Pradesh Anganwadi workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी
    24 Feb 2022
    प्रदर्शन के दौरान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में कर्मियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। यूनियन…
  • Sulaikha Beevi
    अभिवाद
    केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया
    24 Feb 2022
    एलडीएफ़ सरकार ने मठीपुरम में मछुआरा समुदाय के लोगों के लिए 1,032 घर बनाने की योजना तैयार की है।
  • Chandigarh
    सोनिया यादव
    चंडीगढ़ के अभूतपूर्व बिजली संकट का जिम्मेदार कौन है?
    24 Feb 2022
    बिजली बोर्ड के निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान लगभग 36 से 42 घंटों तक शहर की बत्ती गुल रही। लोग अलग-अलग माध्यम से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से लाचार…
  • Russia targets Ukraine
    एपी
    रूस ने यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों, सैन्य आधारभूत ढांचे को बनाया निशाना, अमेरिका-नाटो को चेताया
    24 Feb 2022
    रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सेना ने घातक हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों एवं अन्य सैन्य आधारभूत ढांचे को निशाना बनाने के लिये किया है। उसने आगे दावा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License