NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
रेलवे भर्ती से नाराज़ विकलांग बोले- 'सरकार हमें नाम नहीं काम दे'
प्रदर्शन में शामिल विकलांग जनों का आरोप है कि भारतीय रेलवे द्वारा 2018 में आयोजित लिखित परीक्षा में चयन होने के बाद भी उन्हें अभी तक नौकरी नहीं मिली है जबकि सामान्य वर्ग के लोगों की नियुक्तियां करीब दस महीने पहले ही हो चुकी हैं।
सोनिया यादव
26 Nov 2019
protest

'हमें दया नहीं अधिकार चाहिए, हमें कागजों पर नहीं हकीकत में विकास चाहिए'

ये शब्द हैं विकलांग प्रदर्शनकारियों के, जिन्हें मोदी सरकार दिव्यांग कहती है। ये लोग अपने अधिकारों की मांग लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली के मंडी हाउस चौराहे पर मंगलवार, 26 नवंबर सुबह 5 पांच बजे से धरने पर बैठे हैं।

प्रदर्शन में शामिल विकलांग जनों का आरोप है कि भारतीय रेलवे द्वारा 2018 में आयोजित लिखित परीक्षा में चयन होने के बाद भी उन्हें अभी तक नौकरी नहीं मिली है जबकि सामान्य वर्ग के लोगों की नियुक्तियां करीब दस महीने पहले ही हो चुकी हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार साल 2018 में अलग-अलग राज्यों के रेलवे भर्ती बोर्ड की तरफ से 6200 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनमें विकलांगों के लिए नियमानुसार तीन फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया था, लेकिन बाद में इसमें भी बदलाव कर दिया गया। वहीं जिन विकलांग अभियार्थियों को लिखित परीक्षा में चयनित किया गया, उन्हें बाद में डीसक्वालिफाई कर दिया गया।

2_8.JPG

झारखंड से दिल्ली आए विकलांग अभियार्थी पंकज ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, ‘आम चुनावों से पहले 2018 में रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से ग्रुप डी पदों के लिए लिखित परीक्षा करवाई गई थी, जिसे हमने पास कर लिया था। हमें लगा अब हमारी नौकरी लग जाएगी बस प्रमाण पत्रों के सत्यापन का काम बाकी था लेकिन रिजल्ट में क्वालिफाई होने के बाद हमें सूचना दी गई कि अब हम डिसक्वालिफाई हो गए हैं। जिसके बाद हमारी ओर से कई पत्र रेलवे को लिखे गए लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।'

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संदीप झा रेलवे बोर्ड की नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि रेलवे ने आखिर क्यों परीक्षा के बाद श्रेणियों में बदलाव कर दिया। जिस मल्टीपल डिसएब्लेड श्रेणी में कोई वैकेंसी नहीं थी, वहां रिजल्ट के बाद वैकेंसी निकाल कर नियुक्तियां कैसे हो गईं। जबकि हमें लिखित परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद प्रमाण पत्रों की जांच के बाद भी नौकरियां नहीं दी गईं। हमारी जगह किन लोगों को नौकरियां दे दी गई। ये बहुत बड़ा घोटाला हुआ है, हमारे साथ अन्याय हुआ है।'

protest.JPG

एक अन्य अभियार्थी सिंटू कुमार ने सरकार से अपील करते हुए कहा, 'हमें नौकरी दे दीजिए या फांसी चढ़ा दीजिए।' उन्होंने कहा कि सरकार हमें दिव्यांग कह कर बुलाती है लोकिन हमारी मांगों पर कभी ध्यान नहीं देती। सिंटू ने आगे बताया कि मामला जब मुख्य आयुक्त विकलांगजन के न्यायालय (सीसीपीडी) में पहुंचा उसके बाद भी तीन बार की सुनवाई में रेलवे बोर्ड का कोई अधिकारी, प्रतिनिधि नहीं आया।

प्रदर्शन में शामिल विकलांग महिलाओं ने कहा कि 'हमें नाम नहीं, काम चाहिए'। सरकार एक ओर सुगम्य भारत की बात करती है तो वहीं दूसरी ओर सभी ट्रनों से विकलांगों का डिब्बा ही हटवा दिया गया है। हम इतनी दिक्कतों से इस ठंड में यहां तक पहुंचे हैं लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है।

बता दें अपनी मांगों को लेकर विकलांग अभियार्थी पहले भी कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। अभियार्थियों के अनुसार सीसीपीडी द्वारा फैसला इनके पक्ष में आने के बावजूद सरकार और रेवले चुप्पी साध कर बैठे हैं।

Disable People Protest
Protests
indian railways
piyush goyal
modi sarkar
Railways Vacancy
Group D
दिव्यांग
रेलवे भर्ती बोर्ड

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

'अच्छे दिन’ नहीं चाहिए, बस ये बता दो कब होगी रेलवे ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा?

मंत्रिमंडल ने तीन कृषि क़ानून को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंज़ूरी दी

सूडान : 10 लाख से ज़्यादा नागरिक तख़्तापलट के विरोध में सड़कों पर आए

तमिलनाडु: दलदली या रिहायशी ज़मीन? बेथेल नगर के 4,000 परिवार बेदखली के साये में

युवाओं ने दिल्ली सरकार पर बोला हल्ला, पूछा- 'कहां है हमारा रोज़गार?'


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    रसोई गैस की सब्सिडी में 92% कमी, सिलेंडर की क़ीमतों में वृद्धि डबल! 
    09 Sep 2021
    कंट्रोलर जनरल अकाउंट का कहना है कि वित्त वर्ष 2022-23 के शुरुआती 4 महीनों(अप्रैल से जुलाई) में केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस की सब्सिडी पर महज 1,233 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। जबकि साल 2019-20 के…
  • अध्ययन : श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी पर उनकी विभिन्न सामाजिक पहचानों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन : श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी पर उनकी विभिन्न सामाजिक पहचानों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है
    09 Sep 2021
    इस बारे में प्रकाशित पेपर कहता है कि जाति और जनजाति जैसे लिंग और सामाजिक पहचान के बीच का अंतर यह दर्शाता है कि जाति, ग़रीबी और पितृसत्ता के कारण वंचित दलित महिलाएं भौतिक संकेतकों के साथ-साथ स्वायत्तता…
  • आख़िरकार तालिबान को सत्ता मिल ही गयी!
    एम. के. भद्रकुमार
    आख़िरकार तालिबान को सत्ता मिल ही गयी!
    09 Sep 2021
    तालिबान की ओर से 7 सितंबर को घोषित की गयी कथित अंतरिम सरकार को लेकर ऐसी कई बातें हैं,जिन पर ग़ौर करने की ज़रूरत है।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 43,263 नए मामले, 338 मरीज़ों की मौत
    09 Sep 2021
    देश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 31 लाख 39 हज़ार 981 हो गयी है।
  • करनाल: जारी रहेगा आंदोलन
    न्यूज़क्लिक टीम
    करनाल: जारी रहेगा आंदोलन
    08 Sep 2021
    करनाल में किसानों का मिनी सचिवालय के बाहर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से दूसरे दौर की तीन घंटे बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकला. इसी बीच किसानों ने साफ़ कहा कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License