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सरकार ने CEL को बेचने की कोशिशों पर लगाया ब्रेक, लेकिन कर्मचारियों का संघर्ष जारी
यूनियन ने अपना प्रदर्शन जारी रखते हुए कहा है ‘जब तक कंपनी के विनिवेश का निर्णय "वापस नहीं ले लिया जाता है, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।’ 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Jan 2022
CEL
फाइल फोटो।

सरकार ने कर्मचारी यूनियन के अदालत का रुख करने के बाद सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि. (सीईएल) को एक कम चर्चित कंपनी को बेचने की योजना टाल दी है। हालाँकि यूनियन ने अपना प्रदर्शन जारी रखा हुआ है। उनका कहना है जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती है यानी "लाभ कमाने वाली" कंपनी के विनिवेश का निर्णय "वापस नहीं ले लिया जाता है, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। हालाँकि कर्मचारियों ने इसे अपनी की एकता की जीत कहा और कहा कि ये कर्मचारी एकता ही थी जिस कारण सरकार को निजीकरण के नाम पर भारी घोटाले की योजना पर रोक लगानी पड़ी है। एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि नंदल फाइनेंस एंड लीजिंग द्वारा लगाई गई 210 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली में कम मूल्यांकन के आरोप की जांच की जा रही है। दीपम ही सार्वजानिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया को देखता है।

पांडेय ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सीईएल में सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के लिए नंदल फाइनेंस एंड लीजिंग को अभी आशय पत्र जारी नही किया गया है और कम मूल्यांकन के आरोपों की जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि सरकार ने नवंबर में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के तहत नंदल फाइनेंस एंड लीजिंग को 210 करोड़ रुपये में सीईएल को बिक्री की मंजूरी दी थी। निजीकरण के इस लेनदेन को मार्च, 2022 तक पूरा किया जाना था।

ये भी पढ़ें: सीईएल कर्मचारियों का निजीकरण के ख़िलाफ़ संघर्ष जारी, सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल!

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