NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आसिफ़ की मौत को सांप्रदायिक रंग न दें : नूंह नागरिक सम्मलेन
नूंह के गांधी पार्क में रविवार को "भाईचारा एकता जिंदाबाद" जैसे नारों के माहौल में सांप्रदायिकता सौहार्द और न्याय के पक्ष में नागरिक सम्मलेन आयोजित किया गया
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Jun 2021
आसिफ़ की मौत को संप्रदायिक रंग न दें : नूंह नागरिक सम्मलेन

नूंह /हरियाणा : देश के सबसे पिछड़े जिले में से एक हरियाणा के नूंह में कुछ दिनों पहले एक मुस्लिम युवक की हत्या कर दी गई थी।  इसके बाद से दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों की जा रही है। इन सब के बीच नूंह के गांधी पार्क में रविवार को "भाईचारा एकता जिंदाबाद " जैसे नारों के माहौल में सांप्रदायिकता सौहार्द और न्याय के पक्ष में नागरिक सम्मलेन आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी तादाद में मेहनतकश महिला, पुरुष, युवा शामिल हुए। सभी ने मिलकर नागरिकों की एकता बनाए रखने और साजिशकर्ताओं  को पराजित करने का संकल्प लिया।

इस सम्मेलन में, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की उपाध्यक्ष, नेत्री व पूर्व सांसद रहीं सुभाषिनी अली, मुख्यवक्ता थीं। जबकि अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज ने भी इस सम्मेलन को संबोधित किया। हरियाणा के अनेक जननेताओं ने इसमें भाग लिया जिसमे इंद्रजीत सिंह, सुरेंदर सिंह, सविता, सुरेखा, सतवीर सिंह, विनोद, सर्वकर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुभाष लाम्बा सहित कई शामिल थे। 

आपको बता दें हरियणा के नूंह जिले के खेड़ा खलीलपुर गांव के रहने वाले 25 वर्षीय नौजवान आसिफ खान की 16 मई को गुंडा तत्वों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस घटना में उसके चचेरे भाई राशिद भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।  कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोगों के समर्थन में हरियाणा के कई गांवों में हाल के दिनों में महापंचायत आयोजित किए जाने के बाद, हरियाणा के जिले नूंह में मेवता जो मुस्लिम बहुल इलाक़ा है, वहां तनाव पैदा हो गया था।

पेशे से जिम ट्रेनर, खान का पिछले महीने की शुरुआत में जब वह अपने दो चचेरे भाइयों के साथ दवा खरीदकर अपने गांव खलीलपुर लौट रहे थे, तभी कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया गया था और फिर उनकी हत्या कर दी थी। 

नूंह के इंद्री गांव में 30 मई को एक हिन्दू महापंचायत आयोजित की गई थी जिसमें आयोजकों के दावे के मुताबिक़ लगभग 50,000 लोगों ने हिस्सा लिया था। वहां दिए गए भाषणों को देखा और सुना जाए तो यह साफ़ तौर पर लगता है कि वहां जानबूझकर घृणा और समुदाय विशेष के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने की तमाम कोशिशें की गई थीं। जिसने स्थानीय क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम सद्भाव के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया है।  इस पंचायत में गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई की मांग भी की गई। इस पंचायत में उपस्थित लोगों में करणी सेना के अध्यक्ष और अब हरियाणा बीजेपी के आधिकारिक प्रवक्ता सूरज पाल अमू, हिंदुत्ववादी संगठन भारत माता वाहिनी के प्रमुख दिनेश ठाकुर और पलवल में भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के जिला अध्यक्ष सुनील शामिल थे।

इसी के  प्रतिक्रिया में, नूंह के गांधी पार्क में रविवार को  सांप्रदायिकता सौहार्द और न्याय के पक्ष में नागरिक सम्मलेन आयोजित किया गया था।  सम्मेलन के दौरान, लोग यह संदेश देने के लिए इकट्ठे हुए थे कि हाल की घटना को "सांप्रदायिक" करने की साज़िश को नाकाम किया जाएगा।

 कई स्थानीय संगठनों के संयुक्त मंच ने मेवात के नागरिक मंच के मार्गदर्शन में क्षेत्र में एकता और समानता को बढ़ावा देने का भी आह्वान  किया।

अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) हरियाणा के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया कि "आज (रविवार), किसानों, आशा, ग्रामीण कामगारों और अन्य लोगों के संगठन यहां इकट्ठा होकर यह संदेश देने आए थे कि मेवात के सामाजिक ताने-बाने क्षतिग्रस्त नहीं होने दिया जाएगा।"  

सिंह ने कहा कि मेवात के इस क्षेत्र में असली लड़ाई पानी, आवास और शिक्षा की बेहतर पहुंच के लिए है। लेकिन सरकार इनसे ध्याना हटाने के लिए ऐसे मुद्दे उछाल रही है ,जो वास्तव में यहां हैं ही नहीं।  

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआई-एम) की नेता सुभाषिनी अली ने तर्क दिया कि राज्य में दक्षिणपंथी संगठनों का एजेंडा न केवल सांप्रदायिकता के माध्यम से नफरत फैलाना है, बल्कि किसानों के आंदोलन से ध्यान हटाना भी है।

हाल के महीनों में, राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर छह महीने से अधिक समय तक चलने वाले किसानों के विरोध ने हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ गुस्से को और बढ़ावा दिया  है।

उन्होंनेआगे कहा, “स्थानीय पुलिस ने कहा है कि [आसिफ खान की हत्या] मामला गिरोहों के बीच प्रतिद्वंद्विता के कारण हुई। फिर भी, राज्य में सांप्रदायिक ताकतें चाहती हैं कि हम इसका अन्यथा फ़ायदा लें। उनका एजेंडा स्पष्ट है कि वो इस घटना के माध्यम से किसानों के विरोध और उनके मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है।”

जून के पहले सप्ताह में  इस जघन्य हत्याकांड में लगभग 30 लोगों पर एफआईआर दर्ज है जिनमें से 14 लोग नामजद हैं और क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक़  कथित तौर पर इस घटना के सिलसिले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।  जबकि कथित हिन्दू महापंचायत के कुछ ही दिन बाद पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से 4 को  छोड़ दिया है। यह सीधा-सीधा महापंचायत के दबाव के रूप में माना जा रहा है। जबकि इन चारों की पहचाना घटना के चश्मदीदों ने की थी।

इलियास, जिन्होंने खुद को मृतक खान के परिवार का बताया और रविवार को नागरिक सम्मेलन में भाग लिया।  उन्होंने  जोर देकर कहा कि यह सांप्रदायिक घटना नहीं बल्कि एक अपराध है।

उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि आसिफ को जल्द से जल्द न्याय मिले और दोषियों को उनके अपराध की सजा दी जाए। 

Haryana
Asif Khan murder
communal agenda
Nuh civil convention
Badal saroj
AIKS
subhashini ali
CPIM

Related Stories

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'


बाकी खबरें

  • Mothers and Fathers March
    पीपल्स डिस्पैच
    तख़्तापलट का विरोध करने वाले सूडानी युवाओं के साथ मज़बूती से खड़ा है "मदर्स एंड फ़ादर्स मार्च"
    28 Feb 2022
    पूरे सूडान से बुज़ुर्ग लोगों ने सैन्य शासन का विरोध करने वाले युवाओं के समर्थन में सड़कों पर जुलूस निकाले। इस बीच प्रतिरोधक समितियां जल्द ही देश में एक संयुक्त राजनीतिक दृष्टिकोण का ऐलान करने वाली हैं।
  • गौरव गुलमोहर
    यूपी चुनाव: क्या भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं सिटिंग विधायक?
    28 Feb 2022
    'यदि भाजपा यूपी में कम अंतर से चुनाव हारती है तो उसमें एक प्रमुख कारण काम न करने वाले सिटिंग विधायकों का टिकट न काटना होगा।'
  • manipur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मणिपुर में पहले चरण का चुनाव, 5 ज़िलों की 38 सीटों के लिए 67 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान
    28 Feb 2022
    मणिपुर विधानसभा के लिए आज पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया। मतदान का समय केवल शाम 4 बजे तक ही था। अपराह्न तीन बजे तक औसतन 67.53 फ़ीसदी मतदान हुआ। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है।
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : फिर ज़ोर पकड़ने लगी है ‘स्थानीयता नीति’ बनाने की मांग : भाजपा ने किया विरोध
    28 Feb 2022
    हेमंत सोरेन सरकार को राज्य में होने वाली सरकारी नियुक्तियों के लिए घोषित विसंगतिपूर्ण नियोजन नीति को छात्रों-युवाओं के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा है। लेकिन मामला यहीं थम नहीं रहा है।
  • Sergey Lavrov
    भाषा
    यूक्रेन की सेना के हथियार डालने के बाद रूस ‘किसी भी क्षण’ बातचीत के लिए तैयार: लावरोव
    28 Feb 2022
    लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से’’ मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License