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भारत
राजनीति
सामूहिक बलात्कार के दोषी डॉक्टर, दो पुलिस कर्मियों को उम्रकैद
अदालत ने अपने फैसले में लिखा है अभियुक्तों का कार्य रक्षक का होने पर भी वे स्वयं पीड़िता के भक्षक बन गए। पीड़िता ने गंभीर अपराध की पीड़ा से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस परिस्थिति में अभियुक्तगण के प्रति दंड के बिंदु पर नरमी बरतना उचित प्रतीत नहीं होता है।
भाषा
22 Nov 2019
district court
फोटो साभार : पत्रिका

रायपुर: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में युवती से बलात्कार के मामले में अदालत ने एक चिकित्सक और दो पुलिस कर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना के दो वर्ष के बाद युवती ने आत्महत्या कर ली थी।

दुर्ग जिले के अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल किशोर वर्मा ने आज भाषा को टेलीफोन पर बताया कि जिले के पंचम अतरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी की अदालत ने चिकित्सक गौतम पंडित और दो पुलिस कर्मियों सौरभ भक्ता और चंद्रप्रकाश पांडेय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायाधीश ने तीनों अपराधियों को उनके स्वाभाविक मृत्यु तक जेल में बंद रहने की सजा सुनाई है।

वर्मा ने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में लिखा है अभियुक्तगण का कार्य रक्षक का होने पर भी वे स्वयं पीड़िता के भक्षक बन गए।

पीड़िता ने गंभीर अपराध की पीड़ा से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस परिस्थिति में अभियुक्तगण के प्रति दंड के बिंदु पर नरमी बरतना उचित प्रतीत नहीं होता है।

उन्होंने बताया कि 19 जून वर्ष 2014 को दुर्ग जिले के सुपेला स्थित शासकीय अस्पताल में युवती को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

इस अस्पताल में पंडित चिकित्सक के रूप में पदस्थ थे तथा भक्ता और पांडेय की अस्पताल की सुरक्षा में ड्यूटी लगी थी। तीनों युवती को गार्ड रूम में ले गए थे तथा उन्होंने युवती के साथ सामूहिक बलात्कार किया था।

उन्होंने बताया कि इस दौरान आरोपियों ने युवती का वीडियो भी बना लिया था तथा बाद में उन्होंने युवती को परेशान करना शुरू कर दिया।
अधिवक्ता ने बताया कि जब युवती की अस्पताल से छुट्टी हुई, तब दोनों पुलिस कर्मियों ने युवती को वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड करने धमकी दी और उसका शारीरिक शोषण किया।

उन्होंने बताया कि बलात्कार के बाद जब युवती गर्भवती हुई तब पुलिस कर्मियों ने दिसंबर 2014 में युवती को जबरदस्ती दवा खिलाकर गर्भपात करवा दिया।

वर्मा ने बताया कि इन घटनाओं से परेशान युवती ने जनवरी, 2015 में तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। बाद में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था।

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के बाद युवती ने जनवरी, 2016 में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को बलात्कार और आपराधिक षड़यंत्र रचने का दोषी पाया तथा उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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