NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सामूहिक बलात्कार के दोषी डॉक्टर, दो पुलिस कर्मियों को उम्रकैद
अदालत ने अपने फैसले में लिखा है अभियुक्तों का कार्य रक्षक का होने पर भी वे स्वयं पीड़िता के भक्षक बन गए। पीड़िता ने गंभीर अपराध की पीड़ा से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस परिस्थिति में अभियुक्तगण के प्रति दंड के बिंदु पर नरमी बरतना उचित प्रतीत नहीं होता है।
भाषा
22 Nov 2019
district court
फोटो साभार : पत्रिका

रायपुर: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में युवती से बलात्कार के मामले में अदालत ने एक चिकित्सक और दो पुलिस कर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना के दो वर्ष के बाद युवती ने आत्महत्या कर ली थी।

दुर्ग जिले के अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल किशोर वर्मा ने आज भाषा को टेलीफोन पर बताया कि जिले के पंचम अतरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी की अदालत ने चिकित्सक गौतम पंडित और दो पुलिस कर्मियों सौरभ भक्ता और चंद्रप्रकाश पांडेय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायाधीश ने तीनों अपराधियों को उनके स्वाभाविक मृत्यु तक जेल में बंद रहने की सजा सुनाई है।

वर्मा ने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में लिखा है अभियुक्तगण का कार्य रक्षक का होने पर भी वे स्वयं पीड़िता के भक्षक बन गए।

पीड़िता ने गंभीर अपराध की पीड़ा से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस परिस्थिति में अभियुक्तगण के प्रति दंड के बिंदु पर नरमी बरतना उचित प्रतीत नहीं होता है।

उन्होंने बताया कि 19 जून वर्ष 2014 को दुर्ग जिले के सुपेला स्थित शासकीय अस्पताल में युवती को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

इस अस्पताल में पंडित चिकित्सक के रूप में पदस्थ थे तथा भक्ता और पांडेय की अस्पताल की सुरक्षा में ड्यूटी लगी थी। तीनों युवती को गार्ड रूम में ले गए थे तथा उन्होंने युवती के साथ सामूहिक बलात्कार किया था।

उन्होंने बताया कि इस दौरान आरोपियों ने युवती का वीडियो भी बना लिया था तथा बाद में उन्होंने युवती को परेशान करना शुरू कर दिया।
अधिवक्ता ने बताया कि जब युवती की अस्पताल से छुट्टी हुई, तब दोनों पुलिस कर्मियों ने युवती को वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड करने धमकी दी और उसका शारीरिक शोषण किया।

उन्होंने बताया कि बलात्कार के बाद जब युवती गर्भवती हुई तब पुलिस कर्मियों ने दिसंबर 2014 में युवती को जबरदस्ती दवा खिलाकर गर्भपात करवा दिया।

वर्मा ने बताया कि इन घटनाओं से परेशान युवती ने जनवरी, 2015 में तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। बाद में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था।

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के बाद युवती ने जनवरी, 2016 में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को बलात्कार और आपराधिक षड़यंत्र रचने का दोषी पाया तथा उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

gang rape
police
doctor
Chattisgarh
crimes against women
exploitation of women

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा

ज़मानत मिलने के बाद विधायक जिग्नेश मेवानी एक अन्य मामले में फिर गिरफ़्तार

प्रत्यक्षदर्शियों की ज़ुबानी कैसे जहांगीरपुरी हनुमान जयंती जुलूस ने सांप्रदायिक रंग लिया

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल


बाकी खबरें

  • ram_navmi
    अफ़ज़ल इमाम
    बढ़ती हिंसा व घृणा के ख़िलाफ़ क्यों गायब है विपक्ष की आवाज़?
    13 Apr 2022
    हिंसा की इन घटनाओं ने संविधान, लोकतंत्र और बहुलतावाद में विश्वास रखने वाले शांतिप्रिय भारतवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोग अपने जान-माल और बच्चों के भविष्य को लेकर सहम गए हैं।
  • varvara rao
    भाषा
    अदालत ने वरवर राव की स्थायी जमानत दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज की
    13 Apr 2022
    बंबई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में कवि-कार्यकर्ता वरवर राव की वह याचिका बुधवार को खारिज कर दी जिसमें उन्होंने चिकित्सा आधार पर स्थायी जमानत दिए जाने का अनुरोध किया था।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,088 नए मामले, 26 मरीज़ों की मौत
    13 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 5 लाख 21 हज़ार 736 लोग अपनी जान गँवा चुके है।
  • CITU
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन
    13 Apr 2022
    ये सभी पिछले माह 39 दिन लंबे चली हड़ताल के दौरान की गई कार्रवाई और बड़ी संख्या आंगनवाड़ी कर्मियों को बर्खास्त किए जाने से नाराज़ थे। इसी के खिलाफ WCD के हेडक्वार्टस आई.एस.बी.टी कश्मीरी गेट पर प्रदर्शन…
  • jallianwala bagh
    अनिल सिन्हा
    जलियांवाला बाग: क्यों बदली जा रही है ‘शहीद-स्थल’ की पहचान
    13 Apr 2022
    जलियांवाला बाग के नवीकरण के आलोचकों ने सबसे महत्वपूर्ण बात को नज़रअंदाज कर दिया है कि नरसंहार की कहानी को संघ परिवार ने किस सफाई से हिंदुत्व का जामा पहनाया है। साथ ही, उन्होंने संबंधित इतिहास को अपनी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License