NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एम्स और सफ़दरजंग के डॉक्टरों ने मध्य प्रदेश के डॉक्टरों के समर्थन में निकाला मार्च
एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के साथ एक तत्काल बैठक करनी चाहिए और अगले 24 घंटों के भीतर इस मुद्दे को हल करना चाहिए। “ऐसा नहीं होने पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jun 2021
एम्स और सफ़दरजंग के डॉक्टरों ने मध्य प्रदेश के डॉक्टरों के समर्थन में निकाला मार्च
फोटो साभार : अमर उजाला

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी के बीच मध्य प्रदेश सरकार और हड़ताल कर रहे छह शासकीय मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों के बीच खींचतान जारी है। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के लगभग 3,000 जूनियर डॉक्टर रविवार को आठवें दिन भी हड़ताल पर हैं।  इन्होंने विरोध में सामूहिक इस्तीफ़ा भी दे दिया था। एम्स और सफदरजंग के रेजीडेंट डॉक्टरों ने मध्य प्रदेश में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के समर्थन में यहां रविवार को मोमबत्ती लेकर मार्च निकाला।

मध्य प्रदेश के डॉक्टर मानदेय बढ़ाने और उनके या उनके किसी परिजन के संक्रमण होने पर उन्हें अस्पताल में बिस्तर मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं।

दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने श्री अरबिंदो मार्ग तक मार्च किया और मध्य प्रदेश के अपने बिरादरी के सदस्यों के लिए न्याय की माँग की।

फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण के मिश्रा (सेवानिवृत्त) से भी मुलाकात की और उन्हें मध्य प्रदेश में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की मांग से अवगत कराया।

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के साथ एक तत्काल बैठक करनी चाहिए और अगले 24 घंटों के भीतर इस मुद्दे को हल करना चाहिए। “ऐसा नहीं होने पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।’’

मध्यप्रदेश: जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी, बातचीत बेनतीजा

मध्यप्रदेश सरकार और हड़ताल कर रहे छह शासकीय मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों के बीच तनाव बना हुआ है जिससे इन अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।

हड़ताल पर गये इन जूनियर डॉक्टरों का एक दल रविवार शाम को प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मिला, लेकिन उनके बीच हुई यह मुलाकात भी बेनतीजा रही।

सारंग ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मुझे पता चला कि वे (जूनियर डॉक्टरों का दल) मेरे निवास पर आये हुए हैं। उस वक्त मैं घर पर नहीं था। जैसे ही मुझे पता चला, मैं तुरंत उनसे मिलने अपने आवास पर आया। हालांकि, उन्होंने मेरे से मुलाकात करने का समय नहीं लिया था।’’

उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा कि कोरोना वायरस महामारी के इस कठिन समय में मरीजों के हित में काम पर लौट आएं।

सारंग ने बताया, ‘‘मैंने उन्हें कहा कि यहां तक मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भी आपकी इस हड़ताल को अवैध करार दिया है और 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने के लिए कहा था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनकी मांगे मान ली हैं।’’

सारंग ने बताया, ‘‘मूल्य सूचकांक के तहत जूनियर डॉक्टरों के स्टायपेंड (मानदेय) में 17 प्रतिशत की वृद्धि मान्य की गयी है, लेकिन वे 24 प्रतिशत वृद्धि पर अडे़ हुए हैं।

इसी बीच, मध्यप्रदेश जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) का कहना है कि सरकार जब तक हमारी मांगों के बारे में लिखित में आश्वासन नहीं देगी, तब तक हमारी हड़ताल जारी रहेगी।

जूडा के अध्यक्ष अरविंद मीणा ने बताया, ‘‘अब तक राज्य सरकार के साथ हमारा कोई समझौता नहीं हुआ है। हमारी हड़ताल जारी है।’’

मीणा ने बताया कि हमारी छह मांगे हैं। इनमें मानदेय में बढ़ोतरी, कोविड में काम करने वाले डॉक्टरों एवं उनके परिजनों के लिए अस्पताल में इलाज की अलग व्यवस्था तथा कोविड ड्यूटी को एक साल की अनिवार्य ग्रामीण सेवा मानकर बांड से मुक्त करना आदि शामिल हैं।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने इस साल छह मई को उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन तब से इस मामले में कुछ नहीं हुआ है।

वहीं, भोपाल स्थित शासकीय हमीदिया अस्पताल के एक चिकित्सक ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों के प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।

मालूम हो कि मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी के बीच छह सरकारी मेडिकल कॉलेज –भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर एवं रीवा – के लगभग 3,000 शासकीय जूनियर डॉक्टर अपनी छह मांगों को लेकर 31 मई से हड़ताल पर हैं। तीन जून को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इस हड़ताल को अवैध करार देते हुए जूनियर डॉक्टरों को 24 घंटे के भीतर हड़ताल खत्म करने और चार जून दोपहर ढाई बजे तक काम पर लौटने का आदेश दिया था।

अदालत ने कहा था कि निर्धारित समय सीमा पर जूनियर डॉक्टर हड़ताल समाप्त कर काम पर नहीं लौटते हैं तो राज्य सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

हालांकि, उच्च न्यायालय के आदेश देने के कुछ ही घंटों बाद तीन जून को ही करीब 3,000 जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया और अदालत के आदेश के बावजूद अब तक काम पर नहीं लौटे हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

aiims
Madhya Pradesh
doctor
Doctors Protest
junior doctors
Safdarjung Doctors
MP govt
MP Doctors

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License