NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
‘‘मिक्सोपैथी" के ख़िलाफ़ देश के कई राज्यों में डॉक्टरों ने की एक दिन की हड़ताल
आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी का प्रशिक्षण देने को लेकर केन्द्र सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आईएमए लगातार विरोध जता रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
11 Dec 2020
डॉक्टरों ने की हड़ताल
Image courtesy : Hindustan times

नयी दिल्ली। 11 दिसंबर (भाषा) स्नातकोत्तर डिग्री के दौरान आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी का प्रशिक्षण देने को लेकर केन्द्र सरकार के फैसले के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज देश के कई राज्यों में डॉक्टरों ने हड़ताल की।

आईएमए, केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अधीन वैधानिक संस्था भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) की 19 नवंबर को जारी अधिसूचना को लेकर लगातार विरोध जता रहा है। इस अधिसूचना के तहत आयुर्वेद के शल्य चिकित्सा से जुड़े विशिष्ट स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को अध्ययन अवधि के दौरान अलग-अलग अंगों से जुड़े ऑपरेशन करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की मंजूरी दी गई है ताकि वे अपनी डिग्री पूरी करने के बाद इन प्रक्रियाओं को स्वतंत्र रूप से अंजाम दे सकें।

मध्यप्रदेश के करीब 8,000 डॉक्टरों ने शुक्रवार को काम-काज ठप कर दिया

इंदौर: आईएमए की मध्य प्रदेश राज्य इकाई के उपाध्यक्ष संजय लोंढे ने बताया, "मिक्सोपैथी (आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी के प्रशिक्षण के विरोध में आईएमए का प्रयुक्त शब्द) के खिलाफ राज्य में लगभग 8,000 डॉक्टरों ने शुक्रवार को काम नहीं किया। इनमें से ज्यादातर डॉक्टर निजी क्षेत्र के हैं।"

उन्होंने कहा, "हम आयुर्वेद के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी की अनुमति दिए जाने से चिकित्सा जगत में गलत प्रवृत्तियों को बल मिलने की आशंका है जिसका सीधा खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ेगा।"

उन्होंने बताया कि आईएमए के एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन को दंत चिकित्सकों और जूनियर डॉक्टरों ने भी समर्थन दिया। हालांकि, आपात चिकित्सा सेवाओं और कोविड-19 के मरीजों के इलाज को इस प्रदर्शन से मुक्त रखा गया था।

बहरहाल, राज्य के अस्पतालों पर आईएमए के विरोध प्रदर्शन का बड़ा असर देखने को नहीं मिला।

गुजरात में आईएमए के विरोध प्रदर्शन में 30,000 से अधिक डॉक्टर शामिल हुए

अहमदाबाद: स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक चिकित्सकों को प्रशिक्षण के बाद कुछ प्रकार की सर्जरी करने की अनुमति देने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) द्वारा शुक्रवार को आहूत देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में गुजरात के 30,000 से अधिक डॉक्टर शामिल हुए।

हालांकि, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं अप्रभावित रही, क्योंकि उन्हें प्रदर्शन के दायरे से बाहर रखा गया है।

आईएमए के पदाधिकारियों ने कहा कि तीन वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद आयुर्वेदिक चिकित्सकों को कुछ सर्जरी करने की अनुमति देने के भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) के फैसले के खिलाफ आईएमए ने देश भर में शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच सभी गैर-जरूरी और गैर-कोविड-19 सेवाओं को बंद करने का आह्वान किया है। आईएमए देश में एलोपैथी डॉक्टरों का सर्वोच्च निकाय है।

आईएमए (गुजरात शाखा) के सचिव डॉ. कमलेश सैनी ने कहा, "अहमदाबाद से 9,000 सहित पूरे गुजरात से हमारे 30,000 से अधिक सदस्य-डॉक्टर आज विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।"

यूपी के नोएडा में चिकित्सकों ने ओपीडी बंद की

नोएडा: आईएमए के आह्वान पर शुक्रवार को नोएडा के चिकित्सकों ने अपने निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) को बंद कर विरोध जताया।

चिकित्सकों का कहना है कि मरीजों के हित में सरकार इस निर्णय को तत्काल वापस ले।

आईएमए की नोएडा शाखा के अध्यक्ष डॉ. एनके शर्मा ने बताया कि आईएमए के आह्वान पर आज गौतमबुद्ध नगर जिले के सभी निजी अस्पतालों, क्लिनिकों और नर्सिंग होम की ओपीडी 12 घंटे तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में पंजीकृत 470 निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम में ओपीडी बंद है लेकिन आपात सेवाएं जारी हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से मरीजों का हित प्रभावित होगा और कई साल की पढ़ाई करने वाले एमबीबीएस, एमएस सर्जनों का मनोबल गिरेगा।

केरल में सरकारी और निजी डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सकीय सेवा प्रभावित

तिरुवनंतपुरम: आईएमए की ओर से आहूत हड़ताल को केरल में सरकारी और निजी डॉक्टरों द्वारा समर्थन दिए जाने के बाद चिकित्सकीय सेवा प्रभावित रही। इस दौरान डॉक्टर सिर्फ आपात स्थिति और कोविड-19 मरीजों का ही इलाज कर रहे थे।

सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक के डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि कई मरीज पड़ोसी जिलों से यहां मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में इलाज कराने आए थे और उन्हें हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सुबह से कई मरीज अस्पताल आए थे।

पड़ोसी कोल्लम जिले से अपनी कैंसर पीड़ित मां को लेकर यहां आए एक व्यक्ति ने कहा कि वे बिना इलाज के ही लौट रहे हैं।

आईएमए केरल के अध्यक्ष पी टी जचारिस ने बताया कि सिर्फ आपात और कोविड-19 के मरीजों का इलाज हो रहा है। डॉक्टरों ने राज भवन तक मार्च भी निकाला। आईएमए संबंधित अधिसूचना को रद्द करने की मांग कर रहा है।

आईएमए ने कहा है कि भारतीय केन्द्रीय औषधि परिषद (सीसीआईएम) की ओर से जारी अधिसूचना में आयुर्वेद चिकित्सकों को कानूनी रूप से सर्जरी करने की अनुमति देने तथा सभी चिकित्सा पद्धतियों के एकीकरण के लिये नीति आयोग द्वारा चार समितियों के गठन की इजाजत देने से 'अव्यवस्था' बढ़ेगी।

doctors strike
Doctors Protest
Ayurveda
Central Council of Indian Medicine
CCIM
Indian Medical Association
IMA

Related Stories

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों ने नियमित सेवाओं का किया बहिष्कार

महाराष्ट्र: रेज़िडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल और सरकार की अनदेखी के बीच जूझते आम लोग

गुजरात में डॉक्टरों की हड़ताल जारी, सरकार पर बदले की भावना से बिजली-पानी कनेक्शन काटने का आरोप!

तमिलनाडु: नियुक्तियों में हो रही अनिश्चितकालीन देरी के ख़िलाफ़ पशु चिकित्सकों का विरोध प्रदर्शन

म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट से नाराज़ स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल

दिल्ली: निगमकर्मियों के हड़ताल का 11वां दिन, कर्मचारी वेतन और जनता सफ़ाई के लिए परेशान

केन्या के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने काम बंद किया; 7 दिसंबर से नर्से भी हैं हड़ताल पर

हिंदूराव के हड़ताली डॉक्टरों और कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन का समर्थन, जगह-जगह प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License