NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
विजय दिवस की वर्षगांठ के मौके पर डोनेट्स्क और लुहानस्क का नाम बदलकर स्टालिन और क्लिमेंट रखा जाएगा
9 मई इस वर्ष विजय दिवस की 75 वीं वर्षगांठ है। इस दिन वर्ष 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाज़ी जर्मनी ने आत्मसमर्पण किया था।
पीपल्स डिस्पैच
04 May 2020
विजय दिवस
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : officeholidays

जोसेफ स्टालिन और सोवियत सैन्य कमांडर क्लिमेंट वोरोशिलोव के सम्मान में नाम बदलने की घोषणा की गई है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाज़ियों के ख़िलाफ़ अलाइड फोर्सेस की जीत को याद करने के लिए 9 मई को विजय दिवस की सालगिरह के मौके पर डोनेट्स्क पीपल्स रिपब्लिक (डीपीआर) और लुहान्स्क पीपल्स रिपब्लिक (एलपीआर) के अधिकारियों ने अपने अपने राजधानी शहरों का नाम बदलकर क्रमशः स्टालिनो और वोरोशिलोवोग्राद करने का फैसला किया है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन और सोवियत सैन्य कमांडर क्लिमेंट वोरोशिलोव के सम्मान में नाम बदलने की घोषणा की गई है।

मॉर्निंगस्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण ओसेटिया के जॉर्जियाई अलगाववादी क्षेत्र के अधिकारियों ने भी घोषणा की है कि राजधानी टस्किनवाल 22 मई को ग्रेट पैट्रियोटिक वार डे (महान देशभक्त युद्ध दिवस) और 9 मई को विक्ट्री डे (विजय दिवस) को समर्पित सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए अपने पूर्व नाम स्टालिनिर का इस्तेमाल करने जा रहा है।

डोनेट्स्क पीपल्स रिपब्लिक (जीपीआर) और लुहान्स्क पीपल्स रिपब्लिक (एलपीआर) यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में दो ओबलास्ट (प्रशासनिक इकाइयां) थे और इन्होंने 2014 में कीव में दक्षिणपंथी यूरोमेडन तख्तापलट का विरोध करते हुए यूक्रेन से आज़ादी की घोषणा की। इस बीच 2 मई 2020 को ओडेसा नरसंहार की छठी वर्षगांठ मनाई गई जो वर्ष 2014 में हुआ था जिसमें 46 ट्रेड यूनियनिस्ट को दक्षिणपंथी यूरोमेडन के प्रदर्शनकारियों द्वारा ओडेसा में मार दिया गया था। ज़्यादातर इन ट्रेड यूनियनिस्ट को तब ज़िंदा जला दिया गया जब ओडेसा ट्रेड यूनियन हाउस को सशस्त्र यूरोमेडन फासिस्टों द्वारा आग के हवाले कर दिया गया था। इन फासिस्टों और ठगों ने भीतर ही उन्हें घेर दिया था।

इस वर्ष 9 मई विजय दिवस की 75 वीं वर्षगांठ है जो 8 मई 1945 को देर शाम जर्मन इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर के हस्ताक्षर के बाद 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के आत्मसमर्पण की याद मनाया जाएगा।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

Donetsk
Luhansk
ukraine
Stalin and Klement
75th Anniversary
International news

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल


बाकी खबरें

  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड:  रेलवे ठेकदार द्वारा खोदे गड्ढे में डूबकर गांव की 7 बच्चियों की मौत
    24 Sep 2021
    गुस्साए ग्रामीणों का आरोप है कि यहां से गुज़रनेवाली रेलवे लाइन में मिट्टी भराई के लिए रेलवे ठेकेदार ने गांव से सटी ज़मींन में ही खनन मानक के नियमों का उल्लंघन कर गड्ढे खुदवा दिए थे। इन्हीं में से एक…
  • Sensex
    न्यूज़क्लिक टीम
    सेंसेक्स ऊपर मतलब अमीरों के अच्छे दिन
    24 Sep 2021
    सेंसेक्स में पिछ्ले तीन सालों में 65% उछाल आया है, जबकि हमारी जीडीपी का हाल खस्ता है। इसका कारण है की देश की बड़ी कंपनियों का मुनाफ़ा तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन कामगारों का वेतन और मजदूरी तीन साल में घट…
  • supreme court on caste census
    अजय कुमार
    जातिवार जनगणना न कराने से जुड़े सरकार के तर्क बेहद बचकाना!
    24 Sep 2021
    सरकार सुप्रीम कोर्ट से कह रही है कि प्रशासनिक जटिलताओं की वजह से जातिवार जनगणना कराना मुमकिन नहीं। क्या इस तर्क में दम है?
  • scheme workers
    मुकुंद झा
    स्थायी नौकरी और वेतन की मांग को लेकर देशभर में स्कीम वर्कर्स की हड़ताल और प्रदर्शन
    24 Sep 2021
    ये प्रदर्शन अखिल भारतीय संयुक्त समिति के आह्वान पर किए गए। एक दिवसीय हड़ताल के तहत पूरे देश में जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों व कार्यस्थलों पर आंगनवाड़ी, मिड डे मील और आशा कर्मचारियों द्वारा जोरदार…
  • kisan
    बादल सरोज
    हुक्काम बनाम अवाम : 17 सितंबर बनाम 27 सितंबर
    24 Sep 2021
    ख़ैरियत की बात यह है कि भारत दैट इज़ इंडिया नाम के सॉवरिन सेक्युलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक में एक पब्लिक है अभी और वो सब जानती है। यही पब्लिक 17 सितंबर के इस झूठे, कल्पित और आभासीय रिकॉर्ड के खिलाफ 27…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License