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कोविड-19
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कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर
दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Dec 2021
delhi

दिल्ली में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिये सरकार द्वारा नयी पाबंदियां लगाई गई हैं। जिससे आम लोगों को दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। खासकर दिल्ली की सर्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त दिख रही है। एक तरफ जहाँ मेट्रो स्टेशनों के बाहर कई किलोमीटर लंबी लाइन है वही बसों में भी हालत ख़राब हो रही है। स्थति इतनी बदतर हो गई है कि गुरुवार 30 दिसंबर को बस में नहीं चढ़ पाए कुछ लोगों के समूह ने एमबी रोड को अवरुद्ध कर डीटीसी बसों में तोड़फोड़ की। संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसके तहत बसों में सीट क्षमता का 50 प्रतिशत यात्री सवार हो सकते हैं।

बस में नहीं चढ़ पाए लोगों ने लगाया जाम, बसों पर फेंके पत्थर

पुलिस ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मामूली बल का इस्तेमाल किया गया और पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) एम हर्षवर्धन ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कुछ लोगों ने एमबी रोड जाम कर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की एक बस का शीशा तोड़ दिया।

बस के परिचालक ने एक वीडियो में कहा, ‘‘हमें निर्देश दिया गया है कि बस में एक समय पर 17 यात्री ही मौजूद हों। चालक, परिचालक और मार्शल सहित जब बस में 20 लोग होते हैं, तो हम सवारी लेने के लिए नहीं रुकते। अगर हम बस रोकते और बस में और लोग चढ़ जाते, तो हम पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगता। आज, जब हमने बस नहीं रोकी, तो कुछ लोगों ने गुस्से में आकर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। हालांकि, बस के अंदर मौजूद किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई।’’

मेट्रो स्टेशनों के बाहर लगातार दूसरे दिन भी दिखीं लंबी कतारें

दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। इस बीच, नववर्ष की पूर्व संध्या पर यात्रियों के जमावड़े की आशंका के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने उस दिन, रात नौ बजे के बाद राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से यात्रियों की निकासी बंद करने का निर्णय लिया है।

प्रत्येक वर्ष लोग नववर्ष मनाने के लिये दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में जमा होते हैं और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन कनॉट प्लेस से सटा है। हालांकि दिल्ली में कोविड पाबंदियों और रात 11 बजे से रात्रि कर्फ्यू प्रभावी होने के चलते इस बार जमावड़ा कम लगने की उम्मीद है।

डीएमआरसी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, "नए साल की पूर्व संध्या पर भीड़भाड़ को कम करने के लिए, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर रात 9 बजे से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, स्टेशन पर अंतिम ट्रेन के प्रस्थान तक यात्रियों के प्रवेश की अनुमति होगी। यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी यात्रा की योजना इसी हिसाब से बनाएं।"

बुधवार को लक्ष्मी नगर, अक्षरधाम सहित अन्य स्टेशनों के बाहर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं थीं। कई लोगों ने स्टेशनों के बाहर की ऐसी कतारों की तस्वीरें फेसबुक और ट्विटर पर साझा कीं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहर में कोविड-19 के मामले बढ़ने के मद्देनजर मंगलवार को कहा था कि दिल्ली में ‘येलो’ अलर्ट जारी किया गया है, जिसके तहत स्कूल कॉलेज, सिनेमाघर और जिम बंद रहेंगे। क्रमवार प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत ‘प्रथम स्तर के अलर्ट’ अनुसार, रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू रहेगा तथा निजी कार्यालय आवश्यक श्रेणियों को छोड़ कर आधे कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ कामकाज करेंगे।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जुलाई में कोविड-19 की तीसरी लहर को आने से रोकने के लिए जीआरएपी को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य कोविड-19 के मामलों के मद्देनजर उत्पन्न स्थिति के अनुरूप पाबंदियां लगाई या हटाई जाना है। जीआरएपी के मुताबिक, यदि लगातार दो दिनों तक संक्रमण दर 0.5 प्रतिशत से अधिक रहता है, तो ‘येलो अलर्ट’ जारी किया जाता है।

देश में क्या हैं हालात?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज गुरुवार, 30 दिसम्बर को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में आज डेढ़ महीने बाद कोरोना के 13 हज़ार से ज़्यादा यानी 13,154 नए मामले दर्ज किये गए है। जिनमें से महाराष्ट्र में क़रीब 4 महीने बाद कोरोना के क़रीब 4 हज़ार यानी 3,900 नए मामले सामने आए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 6 महीने बाद कोरोना के एक हज़ार से ज्यादा यानी 1,089 मामले सामने आए और दिल्ली में 7 महीने बाद कोरोना के 9 सौ से ज़्यादा यानी 923 नए मामले सामने आए हैं। वही अन्य राज्यों में भी इसी तरह से बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा कोरोना से 24 घंटों में 268 मरीज़ों की मौत हुई है। साथ ही इसी बीच देश भर में कोरोना से पीड़ित 7,486 मरीज़ों को ठीक किया गया है। और एक्टिव मामलों में 5,400 मामलों की बढ़ोत्तरी हुई है।

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