NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईयू ने लीबिया में जल्द युद्ध रोकने और विदेशी सैनिकों को हटाने के लिए कहा
वर्ष 2011 में देश में नाटो के हस्तक्षेप के कारण तेल समृद्ध लीबिया में जारी युद्ध पिछले कुछ हफ्तों में क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सैनिकों के बढ़ते दख़ल के चलते तेज़ हो गया है।
पीपल्स डिस्पैच
10 Jun 2020
Libya

मंगलवार 09 जून को जारी एक संयुक्त बयान में यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल और जर्मनी, फ्रांस एवं इटली के विदेश मंत्रियों ने लीबिया में सभी तरह के संघर्ष को रोकने और देश से सभी विदेशी सैनिकों और सैन्य सामग्रियों को वापस लेने का आह्वान किया।

यूरोपीय संघ के बयान ने शनिवार 6 जून को टोब्रुक में संसदीय सरकार और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी द्वारा हस्ताक्षर किए गए काहिरा घोषणा का समर्थन किया। काहिरा घोषणा युद्ध विराम की चर्चा करता है और देश में शासन करने के लिए एक नए राजनीतिक संस्थान का प्रस्ताव देता है।

हालांकि, फ़येज़ अल-सर्राज की अध्यक्षता वाली त्रिपोली स्थित गवर्नमेंट ऑफ नेशनल अकॉर्ड (जीएनए) ने काहिरा घोषणा में भाग नहीं लिया।

यूरोपीय संघ के बयान में पिछले साल जर्मनी द्वारा शुरू की गई बर्लिन प्रक्रिया के अनुसार सभी पक्षों को शांति के लिए काम करने के लिए कहा गया है।

वर्ष 2011 में मुअम्मर गद्दाफी के नेतृत्व वाली सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोह को लेकर नाटो ने इस देश में हस्तक्षेप किया जो देश में वर्तमान अराजकता के लिए ज़िम्मेदार है। तुर्की द्वारा हाल के दिनों में किए गए हस्तक्षेपों के कारण इस युद्ध ने हज़ारों लीबियाई लोगों के जीवन को ख़तरे में डाल दिया है।

दर असल इसे तीन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है जिनमें से प्रत्येक क्षेत्र को एक या कई मिलिशिया समूहों द्वारा नियंत्रित किया जाता है जो विभिन्न विदेशी ताक़तों द्वारा समर्थित हैं। देश के पूर्वी क्षेत्र को खलीफा हफ़्तार की लीबिया नेशनल आर्मी (एलएनए) के नेतृत्व वाली सेना द्वारा नियंत्रित किया जाता है जो पूर्वी शहर टोब्रुक में स्थित निर्वाचित संसद द्वारा समर्थित है और मिस्र, यूएई और अन्य देशों द्वारा समर्थित है। यह भी अनुमान लगाया गया है कि रूस हफ़्तार की सेना को सहायता करता है। इसका देश के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों पर नियंत्रण है।

संयुक्त राष्ट्र, इटली और तुर्की द्वारा समर्थित जीएनए राजधानी त्रिपोली में स्थित है। पिछले कुछ महीनों में यह तुर्की मिलिशिया की तैनाती और हथियारों के कारण कुछ महत्वपूर्ण शहरों और सामरिक स्थानों पर क़ब्ज़ा करने में सक्षम रहा है। अपने हालिया सफलता से उत्साहित जीएनए सैनिक अब सिर्ते शहर पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश कर रहा है।

देश के दक्षिणी हिस्सों को कई स्वतंत्र मिलिशिया द्वारा क़ब्ज़े में ले लिया गया है।

European Union
libya
NATO
Abdel-Fattah al sisi

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

रूसी तेल की चिकनाहट पर लड़खड़ाता यूरोपीय संघ 


बाकी खबरें

  • job advertisement
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती की शर्तों का विरोध, इंटरव्यू के 100 नंबर पर न हो जाए खेल!
    21 Dec 2021
    इन पदों के लिए आवेदन करने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को एक ज्ञापन भेजा है। इसमें नियुक्ति का आधार एपीआई और साक्षात्कार बनाए जाने को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के…
  •  Jayant and Akhilesh
    असद शेख़
    मुज़फ़्फ़रनगर: क्या सपा-रालोद गठबंधन किसी भी सीट से मुस्लिम उम्मीदवार नहीं देगा?
    21 Dec 2021
    चुनाव विश्लेषण: सपा-रालोद गठबंधन की ओर से ज़िले में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार के चुनाव लड़ने की फिलहाल में कोई स्थिति बनती हुई नज़र नहीं रही है। हालांकि किसी भी पार्टी ने अपने टिकट फाइनल नहीं किए हैं,…
  • Tamil Nadu
    नीलाबंरन ए
    कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि से एमएसएमई क्षेत्र प्रभावित, विरोध में उद्यमियों ने बंद किये शटर
    21 Dec 2021
    विमुद्रीकरण, जीएसटी के हड़बड़ी में क्रियान्वयन, और बिना सोचे-विचारे कोविड-19 लॉकडाउन को लागू करने के कारण गंभीर झटके झेलने के बाद अब कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि के चलते एमएसएमई उद्योग का साँस…
  • covid
    एपी/भाषा
    अमेरिका में कोविड-19 के 75 प्रतिशत मामले ओमीक्रॉन स्वरूप के, ऑस्ट्रेलिया में भी मामले बढ़े
    21 Dec 2021
    अमेरिका के टेक्सास राज्य में ओमीक्रॉन से एक मरीज की मौत भी हो गयी है। अमेरिका में ओमीक्रॉन से से मौत का यह पहला मामला है। 
  • LIC
    गौरव गुलमोहर
    बुंदेलखंड में LIC के नाम पर घोटाला, अपने पैसों के लिए भटक रहे हैं ग्रामीण
    21 Dec 2021
    एलआईसी एजेंट गिरोह द्वारा हजारों लोगों का बीमा किया गया और उस बीमा को बिना ग्राहक की अनुमति के बीच में ही लोन में बदल दिया गया। इस तरह यह काम बांदा जिले में एलआईसी के अंतर्गत लम्बे समय से हो रहा है।…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License