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इक्वाडोरः मोरेनो के व्यय में कटौती के फैसले के ख़िलाफ़ सामाजिक संगठनों का एकजुट होने का आह्वान
नई आर्थिक नीतियों में राष्ट्रीय सरकार ने दस सरकारी कंपनियों को बंद करने, डीज़ल और पेट्रोल पर सब्सिडी को वापस लेने, सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 25% की कटौती करने, सार्वजनिक क्षेत्रों में एक अरब अमरीकी डॉलर से अधिक के निवेश को कम करने की घोषणा की।
पीपल्स डिस्पैच
21 May 2020
इक्वाडोर

कोरोना वायरस महामारी के बीच राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो द्वारा लागू की गई नवउदारवादी आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ 20 मई को कई इक्वेडोरियन सामाजिक संगठनों,स्वदेशी संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने 25 मई के दिन देशभर में इकट्ठा होने का आह्वान किया है।

19 मई को मोरेनो ने देश के बाहरी ऋण के भुगतान की गारंटी के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा 2019 में की गई सिफारिशों के साथ सहमति को लेकर व्यय में कटौती करने के लिए एक नए पैकेज की घोषणा की।

केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कई नीतियों में दस सरकारी कंपनियों को बंद करने, डीजल और पेट्रोल पर सब्सिडी वापस लेने, सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 25%की कमी करने, सरकारी क्षेत्र में 1.3 बिलियन अमरीकी डॉलर के निवेश में कमी और कार्य दिवस की 6 घंटे की कमी शामिल है।

सामाजिक संगठनों ने निंदा करते हुए कहा कि सरकारी कंपनियों के विघटन से 12,000 लोक सेवकों को हटाया जा सकता है जिससे देश में नौकरी की स्थिरता पर ख़तरा मंडराएगा और सामाजिक असमानता बढ़ेगी। इसी तरह तेल की क़ीमत बढ़ने से हर चीज़ की क़ीमतों में बढ़ोतरी होगी, जिसमें मौलिक खाद्य उत्पाद, दवाइयां आदि शामिल हैं।

नेशनल यूनियन ऑफ एडुकेटर्स (यूएनई) और फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स ऑफ इक्वाडोर (एफईयूई) जो इस महीने की शुरुआत से शिक्षा क्षेत्र में बजट में कटौती के ख़िलाफ़ लामबंद हो रहे हैं उन्होंने भी इन नवउदारवादी फैसले को ख़ारिज कर दिया और 25 मई को होने वाले राष्ट्रीय प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की।

अन्य संगठनों सहित पीपल्स फ्रंट, कन्फेडरेशन ऑफ इंडिजिनस नेशनलिटीज़ ऑफ इक्वाडोर (सीओएनएआइई), यूनिट्री फ्रंट ऑफ़ वर्कर्स (एफयूटी) ने देश भर में लोगों को इकट्ठा होने का आह्वान किया।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

Ecuador
Lenin Moreno
IMF
National Union of Educators

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