NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इक्वाडोर के विदेश मंत्री जोसे वैलेंसिया ने इस्तीफ़ा दिया
48 घंटे से भी कम समय में राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो सरकार के तीन अधिकारियों ने इस्तीफ़ा दे दिया।
पीपल्स डिस्पैच
09 Jul 2020
इक्वाडोर

8 जुलाई की दोपहर को इक्वाडोर के विदेश मामलों के मंत्री जोसे वैलेंसिया ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दो वर्षों तक इस पद पर रहे वैलेंसिया ने बताया कि उनका ये इस्तीफ़ा "पूरी तरह से व्यक्तिगत कारण" से दिया गया है।

वैलेंसिया ने कहा, "मेरा विचार है कि मैंने उस कार्य को पूरा कर लिया है जिसे मुझे विदेश मंत्रालय के प्रमुख के रूप में पूरा करना था।"

वैलेंसिया राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो की सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में इस पद पर रहने वाले दूसरे विदेश मंत्री थें। संयुक्त राष्ट्र संगठन महासभा के 73 वें अध्यक्ष के रूप में मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा की नियुक्ति के कारण इनके इस्तीफ़े के बाद जून 2018 में वैलेंसिया को विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था।

वैलेंसिया का इस्तीफ़ा 48 घंटे से कम समय में राष्ट्रपति के कैबिनेट सदस्य का ये तीसरा इस्तीफ़ा है।

7 जुलाई को सुबह इक्वाडोर के उपराष्ट्रपति ओट्टो सोनेनहोल्ज़्नर ने अपने इस्तीफ़े की घोषणा की। स्थानीय मीडिया के अनुसार कई सरकारी अधिकारियों के साथ उनकी असहमति ने उन्हें ये फैसला लेने के लिए मजबूर किया। सोनेनहोल्ज़्नर लेनिन मोरेनो के कार्यकाल में तीसरे उपराष्ट्रपति थे। भ्रष्टाचार के घोटालों में उनकी कथित संलिप्तता के लिए पूर्व दो उपराष्ट्रपतियों के इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने दिसंबर 2018 में इस पद को ग्रहण किया था।

इसी दिन दोपहर में जनरल सेक्रेटरी फॉर कम्युनिकेशन ऑफ द प्रेसिडेंसी गुस्तावो इस्च ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। इस पद पर वे केवल दो महीने तक ही रहे। इस्च को 23 अप्रैल को कम्युनिकेशन सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया था और वह लेनिन मोरेनो के पांचवें कम्युनिकेशन सेक्रेटरी थें।

जब वैलेंसिया से संभावित कैबिनेट संकट के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफ़े का सोनेनहोल्ज़्नर के साथ कोई संबंध नहीं है।

Ecuador
Jose valencia
Lenin Moreno
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

ईरान हो या इज़रायल, क्या भारत का दांव उल्टा?


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License