NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इक्वाडोर के न्यायाधीश ने ओला बीनी के ख़िलाफ़ मामले को रद्द करने से इंकार किया
न्यायाधीश ने कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा बंदी प्रत्यक्षीकरण की रिट और अनियमितता के 120 से अधिक दस्तावेजी सबूतों के बावजूद ओला बीनी के खिलाफ मामला पूर्वाग्रह या अनियमितताओं के बिना चल रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Dec 2020
ola bini

इक्वाडोर के एक न्यायाधीश ने स्वीडेन के सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डिजिटल राइट्स एक्टिविस्ट ओला बीनी के खिलाफ मामले को रद्द करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है। अभियोजक जनरल के कार्यालय द्वारा बीनी के खिलाफ लाए गए मामले की प्री-ट्रायल में बुधवार 16 दिसंबर को ये निर्णय दिया गया। पीठासीन न्यायाधीश यादिरा प्रोआनो ने बचाव पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि इस अभियोजन प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण व्यवहार और राजनीतिक हस्तक्षेप है।

न्यायाधीश ने ट्रायल के प्रारंभिक चरण को भी शुरू करने का आदेश दिया है। बुधवार की सुनवाई किसी भी पर्यवेक्षकों की उपस्थिति के बिना की गई थी क्योंकि न्यायाधीश प्रोआनो ने 3 दिसंबर को हुई अंतिम सुनवाई में सुनवाई और मुकदमे की कार्यवाही में पहुंचने से रोक लगा दी थी। पिछली सुनवाई में मौजूद फंडेशियन रीजनल डे असेसोरिया एन डेरेकस ह्यूमनोस (आईएनआरईडीएच), अब्जर्वाटोरियो डे डेरेकोस वाई जस्टिसिया और स्वीडिश सरकार के प्रतिनिधि सहित दर्जन भर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक मौजूद थे जिन्हें इस सुनवाई में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी।

फिलहाल बीनी इक्वाडोर में "कंप्यूटर प्रणाली तक बिना-सहमति के पहुंच" के आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिसे अभी आरोपों के सबूतों को साबित करना बाकी है। बीनी की बचाव टीम इस मामले में दस्तावेजों की कमी के आधार पर उनके खिलाफ आरोपों को समाप्त करने के लिए अदालत को मनाने की कोशिश करती रही थी। 3 दिसंबर को हुई पिछली प्री-ट्रायल सुनवाई में अदालत को बचाव दल द्वारा प्रस्तुत राजनीतिक हस्तक्षेप और अनियमितताओं के सबूतों की गवाही का मूल्यांकन करने के लिए लगभग दो सप्ताह तक सुनवाई स्थगित करनी पड़ी थी।

बीनी के वकील कार्लोस सोरिया और जोस चैर्री ने बताया कि अप्रैल 2019 में क्विटो हवाई अड्डे पर उनकी गिरफ्तारी के बाद से 120 से अधिक अनियमितताओं और नियत प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है।

न्यायाधीश ने हालांकि अभियोजन पक्ष के साथ सहमति किया और यह माना कि बीनी का अभियोजन पूर्वाग्रह के बिना अब तक चलाया गया है। ऐसा उस तथ्य के बावजूद है जिसके तहत अभियोजन टीम को अभी भी बीनी के बारे में अपने दावों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त सबूत देना बाकी हैं। उसी दिन बिना किसी आरोप के बीनी को गिरफ्तार कर लिया गया था जिस दिन इक्वाडोर ने राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो के अधीन विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को शरण दी थी।

बीनी पर पहले "कंप्यूटर सिस्टम की अखंडता पर हमला करने" के काफी गंभीर आरोप लगाए गए थे जिसे बाद में काफी ज़्यादा स्पष्टीकरण के बिना बदल दिया गया था। बंदी प्रत्यक्षीकरण की रिट का कारण इस मामले की अनियमितता और राजनीतिक हस्तक्षेप था जिसे उनकी रिहाई और पिछले पीठासीन न्यायाधीश के पुनर्विचार के लिए पारित किया गया था।

Ola Bini
Ecuador
Ola Bini Ecuador

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

दुनिया भर की: अमेरिकी महाद्वीप में समाजवादी व्यवस्थाओं का इम्तिहान

दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

विजेता वाम उम्मीदवार ने इक्वाडोर में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनावों में बाधा डालने की योजना की चेतावनी दी

इक्वाडो : राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में एंड्रेस अराउज के प्रतिद्वंद्वी को लेकर अनिश्चितता बरक़रार

इक्वाडोर में 11 अप्रैल को राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर का मतदान

पैसा पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक व्यवस्था को तबाह कर रहा है!


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: पश्चिम से चली बदलाव की हवा के पूर्वांचल में आंधी में तब्दील होने के आसार
    02 Mar 2022
    वैसे तो हर इलाके की और हर फेज के चुनाव की अपनी विशिष्ठतायें हैं, लेकिन सच यह है कि इस चुनाव में-किसानों की तबाही, बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक न्याय, बुलडोजर राज का आतंक- कुछ ऐसे कॉमन मुद्दे उभर गए हैं…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022 : सामाजिक ध्रुवीकरण, जातीय विभाजन और नज़रअंदाज़ होते मुद्दे
    01 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के चुनावों में सामाजिक ध्रुवीकरण और जातीय विभाजन के नाम पर वोट मांगने की ज़ोरदार कोशिश की गई वहीँ दूसरी तरफ जनता के बुनियादी मुद्दे नज़रअंदाज़ किए गए. आखिर किन मुद्दों पर जनता ने डाला है…
  • modi
    विजय विनीत
    बनारस की जंग: क्या टूट रहा पीएम मोदी का जादू!
    01 Mar 2022
    "बनारस और इस शहर की तहजीब बुद्ध, कबीर, रैदास, और तुलसीदास की सोच पर खड़ी हुई है। भाजपा के लोग उसे मज़हब के संकीर्ण दायरों में बांधने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते पीएम का जादू बेअसर होता जा रहा है।"
  • SWIFT
    आशुतोष पाण्डेय
    स्विफ्ट भुगतान प्रणाली वास्तव में क्या है?
    01 Mar 2022
    रूस को वैश्विक भुगतान प्रणाली से अलग नहीं करने के लिए यूरोपीय संघ की आलोचना की गई थी। लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन के साथ,  इस ब्लॉक ने अब यूक्रेन में रूस के युद्ध के आलोक में यह कठोर कदम उठाने का फैसला…
  • strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, घेराव और हड़ताल पर लगाई रोक, विपक्ष ने बताया तानाशाही फ़ैसला
    01 Mar 2022
    इस चेतावनी के अनुसार जिस दिन कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे, उस दिन का उनका वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। कानून का उल्लंघन करने पर तो उसी दिन संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License