NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इक्वाडोर के शिक्षकों की भूख हड़ताल चौथे हफ़्ते में भी जारी
पिछले तीन सप्ताह में देश के चार शहरों में शुरू हुआ भूख हड़ताल देश के ग्यारह प्रांतों में फैल गया है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Aug 2021
इक्वाडोर के शिक्षकों की भूख हड़ताल

3 अगस्त को कोटोपैक्सी, तुंगुरहुआ, गुआयाकिल के शहरों के साथ-साथ इक्वाडोर में एल ओरो, गुयास और पस्ताज़ा प्रांतों के कुछ हिस्सों में यह मांग करते हुए शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों ने लामबंदी की कि संवैधानिक न्यायालय ऑर्गेनिक लॉ ऑफ इंटरकल्चरल एजुकेशन (एलओईआई) की संवैधानिकता को अंगीकार करे और इस कानून के कार्यान्वयन का आदेश दे। इन प्रदर्शनकारियों ने एलओईआई को रद्द करने के लिए अदालत पर सरकार द्वारा डाले गए दबाव को भी खारिज कर दिया।

गुआयाकिल में सैन फ्रांसिस्को प्लाजा के पास शिक्षकों के एक समूह ने सरकारी शिक्षा की रक्षा में और चार मिलियन छात्रों के भविष्य के लाभ के लिए भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के साथ एकजुटता में प्रतीकात्मक तरीके से सूली पर चढ़ाने की प्रक्रिया का आयोजन किया।

12 जुलाई से इक्वाडोर के 30 से अधिक शिक्षक एलओईआई को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। पिछले तीन हफ्तों में देश के चार शहरों में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देश के ग्यारह प्रांतों तक फैल गया है और अब 80 से अधिक शिक्षक भूख हड़ताल पर हैं। नेशनल यूनियन ऑफ एजुकेटर्स (यूएनई) ने इस हड़ताल का आह्वान किया था। इसे विभिन्न छात्र संघों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों का समर्थन मिला है।

एलओईआई शिक्षा संबंधी सुधार से जुड़ा है जो मौजूदा शिक्षा प्रणाली के लगभग 80% को संशोधित करता है। ये मार्च 2011 से लागू है। यह 100 से अधिक शैक्षिक संगठनों और युनियनों के 12 वर्षों के व्यापक कार्य के बाद अस्तित्व में आया है। ये कानून शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट को देश के सकल घरेलू उत्पाद के 6% तक बढ़ाता है, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा की गारंटी देता है, जिसमें कलात्मक और सांस्कृतिक शिक्षा शामिल है, सभी शैक्षिक स्तरों पर विकलांग छात्रों के लिए विशेष शिक्षकों को नियुक्त करता है, सभी सरकारी शिक्षा संस्थानों में मुफ्त इंटरनेट प्रदान करता है, शिक्षकों के मूल वेतन को 817 अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 1,086 अमेरिकी डॉलर करता है, COVID-19 महामारी के कारण हेल्थ इमर्जेंसी के दौरान निकाल दिए गए या बर्खास्त किए गए शिक्षकों की बहाली को सुगम बनाता है।

इसे 9 मार्च को नेशनल असेंबली में सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी और यह इसी महीने लागू हो गया होता। हालांकि, आईईएसएस द्वारा इसके खिलाफ दायर एक मुकदमे के कारण इसे निलंबित कर दिया गया। यूएनई ने संवैधानिक न्यायालय के नौ न्यायाधीशों से मुकदमा खारिज करने और इस कानून लागू करने का आग्रह किया है।

ecuador teachers protest
ecuador teachers

Related Stories


बाकी खबरें

  • नाइश हसन
    मेरे मुसलमान होने की पीड़ा...!
    18 Apr 2022
    जब तक आप कोई घाव न दिखा पाएं तब तक आप की पीड़ा को बहुत कम आंकता है ये समाज, लेकिन कुछ तकलीफ़ों में हम आप कोई घाव नहीं दिखा सकते फिर भी भीतर की दुनिया के हज़ार टुकड़े हो चुके होते हैं।
  • लाल बहादुर सिंह
    किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़
    18 Apr 2022
    किसानों पर कारपोरेटपरस्त  'सुधारों ' के अगले डोज़ की तलवार लटक रही है। जाहिर है, हाल ही में हुए UP व अन्य विधानसभा चुनावों की तरह आने वाले चुनाव भी भाजपा अगर जीती तो कृषि के कारपोरेटीकरण को रोकना…
  • सुबोध वर्मा
    भारत की राष्ट्रीय संपत्तियों का अधिग्रहण कौन कर रहा है?
    18 Apr 2022
    कुछ वैश्विक पेंशन फंड़, जिनका मक़सद जल्द और स्थिर लाभ कमाना है,  ने कथित तौर पर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति को लीज़ पर ले लिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,183 नए मामले, 214 मरीज़ों की मौत हुई
    18 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 517 नए मामले सामने आए है |
  • भाषा
    दिल्ली में सीएनजी में सब्सिडी की मांग को लेकर ऑटो, टैक्सी संगठनों की हड़ताल
    18 Apr 2022
    दिल्ली में ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों के विभिन्न संगठन ईंधन की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर सीएनजी में सब्सिडी और भाढ़े की दरों में बदलाव की मांग को लेकर सोमवार को हड़ताल पर हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License