NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरीया को 8 साल की जेल
पूर्व समाजवादी राष्ट्रपति राफेल कोरीया को इक्वाडोर में भारी समर्थन हासिल है और इसी के चलते वे मौजूदा नवउदारवादी राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो के कार्यकाल में राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार होते रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
08 Apr 2020
राफेल कोरीया

इक्वाडोर के नेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों में पूर्व समाजवादी राष्ट्रपति राफेल कोरीया को आठ साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ये सजा गत 7 अप्रैल को सुनाई है। जेल की सजा के अलावा अदालत ने कोरीया पर 25 साल का राजनीतिक प्रतिबंध भी लगा दिया है।

अदालत ने कोरीया, पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज ग्लेस और 18 अन्य पूर्व मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों को निजी कंपनियों से रिश्वत के तौर पर 8 मिलियन अमरीकी डॉलर प्राप्त करने के आरोप में दोषी ठहराया। आरोप है कि सार्वजनिक अनुबंध के बदले उन्होंने ये रिश्वत ली और 2012 से 2016 के बीच अपनी पार्टी पीएआईएस गठबंधन के चुनावी प्रचार के लिए इस धन का इस्तेमाल किया।

उधर कोरीया ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है और इस सजा को राजनीतिक उत्पीड़न बताते हुए कहा कि ये सजा उन्हें और उनके सहयोगियों को भविष्य में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों में न शामिल होने के इरादे से सुनाई गई है। कोरीया ने एक ट्वीट में कहा, "यही वह चीज थी जिसे वे तलाश रहे थे: वे उन चीजों को हासिल करने के लिए फैसले में हेरफेर कर रहे हैं जो वे चुनावों में कभी हासिल नहीं कर सकते।"

वर्तमान में अपने परिवार के साथ बेल्जियम के ब्रुसेल्स में रह रहे कोरीया के पास इस सजा के लिए अपील करने के दो मौके होंगे।

इक्वाडोर में कोरीया को भारी समर्थन हासिल है और वर्तमान नवउदारवादी राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो के कार्यकाल में राजनीतिक उत्पीड़न का लगातार शिकार होते रहे हैं। जुलाई 2018 में अदालत ने दक्षिणपंथी विपक्षी नेता फर्नांडो बालदा के अपहरण की कोशिश का दोषी ठहराते हुए कोरीया के ख़िलाफ़ प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश दिया था। अगस्त 2019 में एक झूठे भ्रष्टाचार के मामले में उनके ख़िलाफ़ एक और प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश दिया गया था।

मोरेनो के दक्षिणपंथी और साम्राज्यवादी राजनीति से प्रेरित इस अदालती फैसले की लैटिन अमेरिका के कई नेताओं ने निंदा की है और प्रगतिशील नेता कोरीया के साथ एकजुटता व्यक्त की है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Ecuador
President Correa
Rafael Correa
Pablo Escobar

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

दुनिया भर की: अमेरिकी महाद्वीप में समाजवादी व्यवस्थाओं का इम्तिहान

दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

विजेता वाम उम्मीदवार ने इक्वाडोर में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनावों में बाधा डालने की योजना की चेतावनी दी

इक्वाडो : राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में एंड्रेस अराउज के प्रतिद्वंद्वी को लेकर अनिश्चितता बरक़रार

इक्वाडोर में 11 अप्रैल को राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर का मतदान

पैसा पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक व्यवस्था को तबाह कर रहा है!


बाकी खबरें

  • पश्चिम बंगाल : लॉकडाउन में कमाई नहीं, हौज़री कर्मचारी कर रहे ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल : लॉकडाउन में कमाई नहीं, हौज़री कर्मचारी कर रहे ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष
    22 Jun 2021
    केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद उत्पादक लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहे हैं, इसकी वजह से कई कर्मचारी अब जीवनयापन कर लिए फल और सब्ज़ियां बेचने को मजबूर हो गए हैं।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को बोलते हुए सुनते अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन। बाइडेन रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ 16 जून 2021 को स्विटजरलैंड के जिनेवा में शिखर सम्मेलन के बाद मीडिया से मुखातिब हुए।
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन-पुतिन शिखर सम्मेलन का होहल्ला  ख़त्म
    22 Jun 2021
    अमेरिकी-रूस के बीच जब भी संबंध की बात आती है तो एक ठहराव का लौट आना अवश्यम्भावी हो जाता है। इसके कुछ आरंभिक संकेत पहले से मौजूद हैं। अफगानिस्तान और म्यांमार को लेकर बाइडेन को रूस से कुछ मदद मिलने की…
  • तस्वीर में जयप्रकाश नारायण (बाएं), महात्मा गांधी (मध्य में), विनोबा भावे (दाएं)। इन तीनों नेताओं ने हमेशा कश्मीर में प्यार और सद्भाव के साथ हस्तक्षेप की वकालत की।
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    “मज़हब और सियासत से हल नहीं होगा कश्मीर का मसला”
    22 Jun 2021
    पिछले सात सालों और विशेषकर दो सालों में कश्मीर के मसले पर शेष भारत में कश्मीर विजय का जो आख्यान चलाया गया वह गहरी सियासत के साथ बदले की भावना से प्रेरित था।  
  • इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    22 Jun 2021
    इज़रायल की हिंसा के परिणामस्वरूप कम से कम 20 फिलिस्तीनियों को चोटें आईं, जिसमें इज़रायली सुरक्षा बलों ने उन पर बदबुदार पानी, काली मिर्च स्प्रे, आंसू गैस के साथ-साथ रबर कोटेड मेटल की गोलियों से हमला…
  • कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    संदीपन तालुकदार
    कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    22 Jun 2021
    विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में बड़े स्तर पर महामारी के फैलाव को रोकने के लिए भारत को कोरोना जांच, आइसोलेशन और जीनोम सीक्वेंसिंग में तेज़ी लानी होगी। इसके अलावा टीकाकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License