NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुजरात में संपादक पर मुकदमा, दिल्ली में पत्रकार को नोटिस, एडिटर्स गिल्ड ने की निंदा
संस्था ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को स्वतंत्र मीडिया को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए।
भाषा
13 May 2020
गुजरात में संपादक पर मुकदमा
प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो साभार: DW

नयी दिल्ली: एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक पर राजद्रोह का मामला दर्ज किये जाने तथा एक अंग्रेजी अखबार के पत्रकार से दिल्ली पुलिस द्वारा तबलीगी जमात नेता मौलाना साद के ऑडियो क्लिप के मामले में जांच में शामिल होने के लिए कहे जाने की बुधवार को निंदा की।

संस्था ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को स्वतंत्र मीडिया को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए।

गिल्ड ने एक बयान में कहा कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों को डराने-धमकाने के लिए अपराध कानूनों के दुरुपयोग के बढ़ते चलन से चिंतित है।

गिल्ड ने गुजरात समाचार पोर्टल ‘फेस ऑफ नेशन’ के संपादक और मालिक धवल पटेल पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने और उन्हें एक खबर प्रकाशित करने के मामले में 11 मई को राज्य पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने की घटना का उल्लेख किया। खबर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर हो रही आलोचनाओं के कारण राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना व्यक्त की गयी थी।

इसे पढ़ें : गुजरातः सीएम पद में बदलाव की अटकलों वाली ख़बर के लिए पत्रकार पर राजद्रोह का मुक़दमा और गिरफ़्तारी

पटेल पर आईपीसी की धारा 124ए के तहत देशद्रोह का मामला और आपदा प्रबंधन कानून की धारा 54 के तहत झूठी अफवाह फैलाने का मामला दर्ज किया गया है।

गिल्ड ने कहा कि यह विशेष कानूनों का दुरुपयोग है।

उसने कहा कि दूसरा मामला दिल्ली पुलिस की अनुचित कार्रवाई से जुड़ा है।

बयान के अनुसार, ‘‘दिल्ली पुलिस ने 10 मई को इंडियन एक्सप्रेस के विशेष संवाददाता महेंद्र सिंह मनराल को अखबार के शहर संपादक तथा मुख्य संवाददाता के माध्यम से नोटिस भेजकर तबलीग़ी जमात के नेता मौलाना साद की ऑडियो क्लिप में छेड़छाड़ की संभावना का पुलिस जांच में पता चलने संबंधी खबर के मामले में पत्रकार के जांच में शामिल होने की जरूरत बताई। ’’

गिल्ड ने कहा, ‘‘मनराल पर किसी कानून के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें धमकाया गया कि जांच में शामिल नहीं होने पर आईपीसी की धारा 174 के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है जिसमें कैद और जुर्माने का प्रावधान है।’’

बयान के अनुसार गिल्ड ने इन कार्रवाइयों की निंदा करते हुए राज्य और केंद्र की सरकारों से स्वतंत्र प्रेस को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचने को कहा है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने भी इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार के संबंध में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है।

Gujrat
notice to journalist
journalism
Freedom of Press
Editors Guild

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

मेवानी की सज़ा पर कांग्रेस ने पूछा, क्या गुजरात में दलितों के मुद्दे उठाना अपराध है?

पत्रकारिता की पढ़ाई के नाम पर महाविद्यालय की अवैध वसूली

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

गणेश शंकर विद्यार्थी : वह क़लम अब खो गया है… छिन गया, गिरवी पड़ा है

यूपी चुनावः कॉरपोरेट मीडिया के वर्चस्व को तोड़ रहा है न्यू मीडिया!

RSF ने कश्मीर प्रेस क्लब को बंद करने की जम्मू-कश्मीर प्रशासन की कार्रवाई की निंदा की

क़ानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारे जा रहे सफाईकर्मी

गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License