NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईजिप्ट : एक और महिला पत्रकार शाइमा समी गिरफ़्तार
उनकी गिरफ़्तारी की वजह और जगह के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। यह गिरफ़्तारी एक अन्य महिला पत्रकार लीना अत्ताला की गिरफ़्तारी के एक हफ़्ते के भीतर होती है, जिन्हें बहुत हंगामे के बाद ज़मानत पर रिहा किया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
22 May 2020
journalist Shaima Sami

एक महिला पत्रकार और Arabic Network for the Human Rights Information (ANHRI) में पूर्व रिसर्चर राह चुकीं शाइमा समी  को 21 मई को अलेक्सांद्रिया में उनके घर से ईजिप्ट के सुरक्षा बलों ने गिरफ़्तार किया है।

ANHRI के अनुसार समी को Alexandria Security Directorate में ले जाया गया है। हालांकि उनके आधिकारिक ट्विटर एकाउंट ने कहा है कि उनके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। उनकी गिरफ़्तारी के कई घंटे बाद भी अलेक्सांद्रिया या कैरो की किसी अदालत में उन्हें पेश नहीं किया गया था।

यह गिरफ़्तारी एक अन्य महिला पत्रकार लीना अत्ताला की 17 मई को हुई गिरफ़्तारी के एक हफ़्ते के भीतर होती है, जिन्हें बहुत हंगामे के बाद ज़मानत पर रिहा किया गया था। लीना Mada Masr की एडिटर-इन/चीफ़ हैं।

ईजिप्ट उन देशों में से एक है जहाँ सबसे ज़्यादा पत्रकारों को जेल हुई है। पूर्व जनरल अब्दल फ़तह अल-सीसी की सरकार ने सिविल सोसाइटी और मीडिया में अपने आलोचकों को दबाने के हर संभव प्रयास किये हैं। रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स के अनुसार ईजिप्ट की जेलों में 29 पत्रकार क़ैद हैं और सरकार ने 500 से ज़्यादा वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है।

Regional Coalition for Women Human Rights Defenders ने समी की गिरफ़्तारी पर ट्वीट कर कहा है, 

"इस गिरफ़्तारी से साबित हो गया है कि पत्रकारों की गिरफ़्तारी का कैंपेन अभी भी जारी है। @RSF_en के अनुसार ईजिप्ट उन देशों में शामिल है जहाँ सबसे ज़्यादा पत्रकार जेल में हैं। इसने 2019 में प्रेस फ़्रीडम में ईजिप्ट को 180 में ज़े 163 रैंक पर रखा था।"

Middle East Monitor के अनुसार, अप्रैल में सरकार ने सिनाई में सरकार की नीतियों पर आलोचनात्मक लेख प्रकाशित करने के लिए अरबी दैनिक अल-मसरी अल-यूएम पर 16000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया। अख़बार के चीफ़ एडिटर सलाहा दीब को लिखने से तीन महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

egypt
journalist Shaima Sami
journalist

Related Stories

नागरिकों से बदले पर उतारू सरकार, बलिया-पत्रकार एकता दिखाती राह

बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है

जीत गया बलिया के पत्रकारों का 'संघर्ष', संगीन धाराएं हटाई गई, सभी ज़मानत पर छूटे

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

तिरछी नज़र: कुछ भी मत छापो, श..श..श… देश में सब गोपनीय है

सीधी प्रकरण: अस्वीकार्य है कला, संस्कृति और पत्रकारिता पर अमानवीयता

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

यूपी बोर्डः पेपर लीक प्रकरण में "अमर उजाला" ने जेल जाने वाले अपने ही पत्रकारों से क्यों झाड़ लिया पल्ला?

उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार


बाकी खबरें

  • yogi bulldozer
    सत्यम श्रीवास्तव
    यूपी चुनाव: भाजपा को अब 'बाबा के बुलडोज़र' का ही सहारा!
    26 Feb 2022
    “इस मशीन का ज़िक्र जिस तरह से उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियानों में हो रहा है उसे देखकर लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसे स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”
  • Nagaland
    अजय सिंह
    नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”
    26 Feb 2022
    आफ़्सपा और कोरोना टीकाकरण को नगालैंड के लिए बाध्यकारी बना दिया गया है, जिसके ख़िलाफ़ लोगों में गहरा आक्रोश है।
  • women in politics
    नाइश हसन
    पैसे के दम पर चल रही चुनावी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी नामुमकिन
    26 Feb 2022
    चुनावी राजनीति में झोंका जा रहा अकूत पैसा हर तरह की वंचना से पीड़ित समुदायों के प्रतिनिधित्व को कम कर देता है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व नामुमकिन बन जाता है।
  • Volodymyr Zelensky
    एम. के. भद्रकुमार
    रंग बदलती रूस-यूक्रेन की हाइब्रिड जंग
    26 Feb 2022
    दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ख़ुद भी फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे पुतिन को संदेश देने का अनुरोध किया है।
  • UNI
    रवि कौशल
    UNI कर्मचारियों का प्रदर्शन: “लंबित वेतन का भुगतान कर आप कई 'कुमारों' को बचा सकते हैं”
    26 Feb 2022
    यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने अपने फोटोग्राफर टी कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई पत्रकार संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद थे। कुमार ने चेन्नई में अपने दफ्तर में ही वर्षों से वेतन न मिलने से तंग आकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License