NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईजिप्ट : पिछले साल हुए प्रदर्शनों के मौक़े पर सरकार विरोधी प्रदर्शन
सरकार द्वारा कार्रवाई के बावजूद मिस्र के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति सीसी सरकार की निंदा करते हुए सड़कों पर उतर गए।
पीपल्स डिस्पैच
21 Sep 2020
ईजिप्ट

सरकार की सख़्त कार्रवाई का विरोध करते हुए सैकड़ों मिस्रवासी राष्ट्रपति अब्देल फत्तह अल-सीसी से रविवार 20 सितंबर को इस्तीफ़ा मांगते हुए गिज़ा और स्वेज़ सहित विभिन्न शहरों और कस्बों में सड़कों पर उतर गए। ये विरोध प्रदर्शन पिछले साल इसी तरह के हुए विरोध प्रदर्शनों के मौक़े पर किए गए। पिछले साल का प्रदर्शन मिस्र में सबसे बड़ा सरकार-विरोधी प्रदर्शन था।

ये प्रदर्शनकारी मोहम्मद अली द्वारा किए गए आह्वान के बाद प्रदर्शन करने उतरे। कॉन्ट्रैक्टर और एक्टर से व्हिस्लब्लोअर बने अली स्पेन में स्व-निर्वासित ज़िंदगी जी रहे है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पेज के अनुयायियों से पिछले साल के विरोध की सालगिरह की याद में "20 सितंबर को बाहर जाने" को कहा था। यूट्यूब पर उनके वीडियो में सीसी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाए गए जिसे लाखों बार देखे गए और इसके परिणामस्वरुप सितंबर 2019 में सीसी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए।

पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर सरकार की तरफ से की गई कार्रवाई में देश भर से हज़ारों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था। साल 2013 में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को पदच्युत करते हुए सैन्य तख्तापलट के बाद सत्ता में आने के बाद सीसी सरकार ने प्रदर्शनों को ग़ैरक़ानूनी घोषित कर दिया। बाद में मुर्सी की जेल में मृत्यु हो गई।

मिस्र के ऑनलाइन समाचार पोर्टल मैडामस्र ने 16 सितंबर को बताया था कि कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते अधिकारियों ने कैफे बंद कर दिए और कुछ वामपंथी बुद्धिजीवियों और एक्टिविस्टों सहित सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया। अधिकारियों ने पिछले वर्षों के विरोध प्रदर्शन की सालगिरह से कुछ दिन पहले सभी महत्वपूर्ण विरोध स्थलों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया था। अल-जज़ीरा के अनुसार, देश में सरकार-समर्थक मीडिया ने विरोध प्रदर्शनों को "बाहरी साजिश का हिस्सा" बताने के लिए 20 सितंबर से पहले बड़े पैमाने पर मीडिया अभियान शुरू किया।

अब्देल फत्ताह अल-सीसी की सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को अवैध करके तानाशाही रुख अख्तियार कर लिया है। इसने श्रमिकों द्वारा बुलाई जाने वाली सभी प्रकार की हड़तालों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। सैकड़ों कार्यकर्ता और पत्रकार जिन्होंने किसी भी तरह से सरकार की आलोचना की है वे वर्षों से जेलों में बंद हैं।

egypt
Egypt Protest
Anti-government protesters
Abdel Fattah Al-Sisi

Related Stories

ईजिप्ट में सरकार-विरोधी प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी

अल्जीरिया में सुरक्षा बलों ने 10 सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया


बाकी खबरें

  • Supreme Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश ओबीसी सीट मामला: सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला अप्रत्याशित; पुनर्विचार की मांग करेगी माकपा
    20 Dec 2021
    मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण समाप्त करने, अन्य पिछड़े समुदायों के लिए निर्धारित और आरक्षित पदों पर चुनाव रोकने, उनकी बहुसंख्या को सामान्य सीटों में परिवर्तित करने का निर्देश देने वाले…
  • CAA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    CAA हिंसा के 2 साल: मायूसियों के बीच इंसाफ़ की जद्दोजहद करते मृतकों के परिजन!
    20 Dec 2021
    20 दिसंबर 2019 को पूरे देश मे CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए, उसी प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश में 23 लोगों की जान गई। आज 2 साल बाद मृतकों के परिवारों का क्या हाल है, कैसे जी रहे हैं वो, उनकी न्याय की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,563 नए मामले, ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 157 हुए
    20 Dec 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 47 लाख 46 हज़ार 838 हो गयी है। देश में ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। ओमिक्रॉन अब तक 12 राज्यों में फैल चुका है।
  • Modi rally
    राज कुमार
    दो टूक: ओमिक्रॉन का ख़तरा लेकिन प्रधानमंत्री रैलियों में व्यस्त
    20 Dec 2021
    जैसे ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को ओमिक्रॉन के ख़तरे से सावधान किया तो प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट करके लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने की सीख दे डाली। लेकिन अगले ही पल विशाल…
  • agri
    डॉ सुखबिलास बर्मा
    कृषि उत्पाद की बिक़्री और एमएसपी की भूमिका
    20 Dec 2021
    भारत सरकार ने 2000 के दशक की शुरुआत में किसानों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एमएसपी तय करके बाज़ार हस्तक्षेप नीति का पालन किया था। इस तरह,एमएसपी सरकार की परिकल्पित मूल्य नीति का प्रमुख घटक बन गयी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License