NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इजिप्ट : राजनीतिक क़ैदियों के समर्थन में मशहूर हस्तियों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान
इजिप्ट के 60,000 राजनीतिक क़ैदियों के समर्थन में भूख हड़ताल करने वालों में पत्रकार करीम येहिया, मानवाधिकार कार्यकर्ता मुहम्मद ज़री और एंटी-टॉर्चर कार्यकर्ता आईदा सैफ़ अल-दवला शामिल हैं।
पीपल्स डिस्पैच
15 Jul 2021
इजिप्ट : राजनीतिक क़ैदियों के समर्थन में मशहूर हस्तियों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

मंगलवार, 13 जुलाई को, इजिप्ट में कई प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों ने देश में राजनीतिक क़ैदियों के साथ एकजुटता से भूख हड़ताल शुरू करने और अवैध और मनमानी गिरफ़्तारियों के विरोध में भूख हड़ताल शुरू करने की योजना की घोषणा की। पिछले कुछ हफ़्तों में कुछ राजनीतिक क़ैदियों ने अपनी नज़रबंदी का विरोध करने के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

इजिप्ट में सैकड़ों राजनीतिक कैदियों को एक अवैध समूह बनाने, झूठी खबरें फैलाने और एक आतंकवादी समूह में शामिल होने जैसे संदिग्ध आरोपों के तहत हिरासत में लिया जा रहा है। उनमें से कई को कानूनी रूप से अनुमत दो साल की सीमा से अधिक के लिए मिस्र के अधिकारियों द्वारा जबरन हिरासत में रखा गया है।

एकजुटता भूख हड़ताल की घोषणा करने वाले सार्वजनिक नामों में पत्रकार करीम येहिया, अल नदीम सेंटर फॉर द रिहैबिलिटेशन ऑफ वायलेंस एंड टॉर्चर के सह-संस्थापक आईदा सैफ़ अल-दवला और काहिरा इंस्टीट्यूट फ़ॉर ह्यूमन राइट्स स्टडीज़ के निदेशक मोहम्मद जरी शामिल हैं। येहिया ने कल अपने फेसबुक पेज पर जेल में बंद पत्रकार हिशाम फौद के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू करने की योजना की घोषणा की थी। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, "मैंने हिशाम और मेरे दर्जनों साथी पत्रकारों, बंदियों और सभी धारियों की अंतरात्मा की आवाज के कैदियों की स्वतंत्रता के लिए यह धरना और हड़ताल शुरू की," और हजारों अन्य राजनीतिक बंदियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की, जिन्हें अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया था।

सैन्य तानाशाह से राष्ट्रपति बने अब्देल फत्ताह अल-सीसी के नेतृत्व वाली इजिप्ट सरकार द्वारा वर्तमान में क़रीब 60,000 राजनीतिक कैदियों को हिरासत में रखा गया है। लगभग एक दशक तक चली सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर और व्यवस्थित अभियान ने देश में सभी विरोध और असंतोष को कुचलने की कोशिश की है। सरकार ने मानवाधिकार रक्षकों, पत्रकारों, शिक्षाविदों और बुनियादी राजनीतिक और नागरिक अधिकारों जैसे कि प्रेस की स्वतंत्रता, भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, और असहमति और सरकार की आलोचना करने के अधिकार के लिए लड़ने में शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की है।

egypt
hunger strike
Political Prisoners

Related Stories

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

एल्गार परिषद : बंबई उच्च न्यायालय ने वकील सुधा भारद्वाज को ज़मानत दी

एल्गार परिषद मामला : कोर्ट ने कहा वरवरा राव को 18 नवंबर तक सरेंडर करने की ज़रूरत नहीं

जतिन दास से फादर स्टेन स्वामी तक: राजनैतिक क़ैदियों की दुर्दशा

112 दिनों की भूख हड़ताल के बाद जेल में बंद मोरक्को के पत्रकार सुलेमान रायसूनी की तबीयत बिगड़ी

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

इजिप्ट की संसद ने आतंकवादी समूहों से कथित संबंधों वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्ख़ास्त करने के लिए क़ानून पारित किया

इतिहासकार की हिरासत को लेकर व्यापक आलोचना के बाद इजिप्ट ने ज़मानत पर रिहा किया


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    रिपोर्टर्स कलेक्टिव का खुलासा: कैसे उद्योगपतियों के फ़ायदे के लिए RBI के काम में हस्तक्षेप करती रही सरकार, बढ़ती गई महंगाई 
    07 Apr 2022
    द रिपोर्टर्स कलेक्टिव के पत्रकार सोमेश झा ने सूचना के अधिकार के तहत हासिल दस्तावेज़ों की छानबीन कर यह पता लगाया है कि कैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की स्वायत्तता को खत्म किया गया। कैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़…
  • विजय विनीत
    सारनाथ के धमेक स्तूप की पूजा-प्रार्थना रोके जाने से पुरातत्व विभाग और बौद्ध धर्मावलंबियों में बढ़ा विवाद
    07 Apr 2022
    "अधीक्षण पुरातत्वविद अबिनाश मोहंती ने धमेक स्तूप की पूजा-ध्यान को धंधा बना लिया है। सख़्ती सिर्फ़ उन लोगों के साथ की जाती है जो सुविधा शुल्क नहीं देते। इनके दुर्व्यवहार से तंग आकर ताइवान, चीन, जापान,…
  • मनु मौदगिल
    भारतीय कैंपस के होस्टलों में ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए अब भी जगह नहीं
    07 Apr 2022
    जेंडर स्पेसिफिक छात्रावास की ग़ैरमौजूदगी का मतलब ट्रांसजेंडर छात्रों को आवास सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना होता है, और इस वजह से उनमें से कई छात्र कॉलेज छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
  • सोमा मारला
    ईंधन की क़ीमतों में बढ़ोतरी से ग़रीबों पर बोझ न डालें, अमीरों पर लगाएं टैक्स
    07 Apr 2022
    केंद्र सरकार ग़रीबों पर टैक्स लगाकर अमीरों से वसूले जाने वाले टैक्स में कटौती कर रही है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    डीएपी और एनपीके खाद महंगी हुई, माकपा ने बताया मोदी सरकार का एक और किसान विरोधी फ़ैसला
    07 Apr 2022
    "कभी कभी तो लगता है जैसे यह सरकार किसानों से किसान आंदोलन का बदला ले रही हो।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License