NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईजिप्ट के मशहूर पत्रकार ख़ालिद दाऊद 18 महीने की हिरासत के बाद रिहा
ख़ालिद दाऊद "आतंकवादी संगठन के साथ सहयोग", "गलत सूचना प्रकाशित करने" और "सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने" जैसे आरोपों का सामना कर रहे हैं और इन आरोपों को लेकर जांच लंबित है।
पीपल्स डिस्पैच
14 Apr 2021
ईजिप्ट

ईजिप्ट के पत्रकार और विपक्षी नेता खालिद दाऊद को मिस्र की राजधानी काहिरा की एक जेल में 18 महीने से अधिक समय बिताने के बाद अवैध हिरासत से रिहा कर दिया गया है। मिड्ल ईस्ट आई ने मंगलवार 13 अप्रैल को ये रिपोर्ट प्रकाशित की। उन्हें विभिन्न आपराधिक आरोपों को लेकर हिरासत में रखा गया था।

दाऊद के वकील गमल ईद के एक बयान के अनुसार, दाउद कथित तौर पर "आतंकवादी संगठन के साथ सहयोग", "गलत जानकारी प्रकाशित करने" और "सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने" के आरोपों का सामना कर रहे हैं और इन आरोपों की जांच लंबित है।

लिबरल दस्तूर (संविधान) पार्टी के महत्वपूर्ण व्यक्ति और पूर्व प्रमुख के साथ साथ नेशनल सालवेशन फ्रंट (एनएसएफ) के प्रवक्ता दाऊद मिश्र की अंग्रेजी भाषा के अल-अहराम विकली के असिस्टेंट एडिटर इन चीफ थे। एनएसएफ 2012 में स्थापित उदार, धर्मनिरपेक्ष, और वामपंथी समूहों का गठबंधन है। वह अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ कायरो में पत्रकारिता के सहायक प्रोफेसर भी थे और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ बोलने वाले मशहूर व्यक्ति थे। वे मिश्रवासियों के नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक अधिकारों के पक्ष में बोलने के लिए जाने जाते थे।

पिछले दशकों के दौरान वह ईजिप्ट के पूर्व राष्ट्रपतियों होस्नी मुबारक, मोहम्मद मुर्सी, के साथ-साथ वर्तमान सेना अध्यक्ष से राष्ट्रपति बने अब्दुल फत्ताह अल-सिसी सरकार के दमनकारी और तानाशाही नीतियों और आदेशों के प्रति बेहद मुखर और आलोचनात्मक थे। उन्होंने मिस्र में किसी भी अन्य प्रकार की निरंकुश सरकार के साथ-साथ देश पर शासन करने वाले सैन्य शासन का लगातार विरोध किया था।

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के खिलाफ सैन्य तख्तापलट और राष्ट्रपति सिसी के साथ देश में सैन्य शासन की वापसी के बाद दाऊद ने देश में सिसी शासन के अधीन एक बार फिर व्यापक व व्यवस्थित तरीके से मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ मुखर हुए। इन उल्लंघनों में मुस्लिम ब्रदरहुड के नेताओं और सदस्यों के उत्पीड़न और उन पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई, सिसी विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी हिंसा जिसके चलते बड़ी संख्या में मिश्रवासियों की हत्या, आम मिश्रवासियों, वकीलों, पत्रकारों, ब्लॉगरों, मानवाधिकार और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गैरकानूनी गिरफ्तारी और हिरासत के साथ साथ सरकार के विरोधियों और आलोचकों को निशाना बनाने और दंडित करने में न्यायपालिका का दुरुपयोग करना शामिल है।

egypt
khaled dawoud
Egyptian journalist
journalists in egypt
khaled dawoud granted bail

Related Stories

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

इजिप्ट : राजनीतिक क़ैदियों के समर्थन में मशहूर हस्तियों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

इजिप्ट की संसद ने आतंकवादी समूहों से कथित संबंधों वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्ख़ास्त करने के लिए क़ानून पारित किया

इतिहासकार की हिरासत को लेकर व्यापक आलोचना के बाद इजिप्ट ने ज़मानत पर रिहा किया

ईजिप्ट की आयरन एंड स्टील कंपनी बेचने का विरोध करने पर कर्मचारियों से सख़्ती

युद्धविराम की घोषणा के बाद गाज़ा में इज़रायली हमले समाप्त

ईजिप्ट : पुलिस स्टेशन पर 2013 के हमले के मामले में एक ही दिन में 17 लोगों को फांसी

मिस्र में मानवाधिकार उल्लंघन के रिकॉर्ड को देख अधिकार संगठनों का अमरीका से उसकी सैन्य सहायता रोकने का आह्वान

जॉर्डन में तख़्तापलट की कोशिशों ने छोड़े सबूत

ईजिप्ट की मशहूर कार्यकर्ता सना सैफ़ को 18 महीने जेल की सज़ा सुनाई गई


बाकी खबरें

  • indian freedom struggle
    आईसीएफ़
    'व्यापक आज़ादी का यह संघर्ष आज से ज़्यादा ज़रूरी कभी नहीं रहा'
    28 Jan 2022
    जानी-मानी इतिहासकार तनिका सरकार अपनी इस साक्षात्कार में उन राष्ट्रवादी नायकों की नियमित रूप से जय-जयकार किये जाने की जश्न को विडंबना बताती हैं, जो "औपनिवेशिक नीतियों की लगातार सार्वजनिक आलोचना" करते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2.5 लाख नए मामले, 627 मरीज़ों की मौत
    28 Jan 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 6 लाख 22 हज़ार 709 हो गयी है।
  • Tata
    अमिताभ रॉय चौधरी
    एक कंगाल कंपनी की मालिक बनी है टाटा
    28 Jan 2022
    एयर इंडिया की पूर्ण बिक्री, सरकार की उदारीकरण की अपनी विफल नीतियों के कारण ही हुई है।
  • yogi adityanath
    अजय कुमार
    योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड: अर्थव्यवस्था की लुटिया डुबोने के पाँच साल और हिंदुत्व की ब्रांडिंग पर खर्चा करती सरकार
    28 Jan 2022
    आर्थिक मामलों के जानकार संतोष मेहरोत्रा कहते हैं कि साल 2012 से लेकर 2017 के बीच उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर हर साल तकरीबन 6 फ़ीसदी के आसपास थी। लेकिन साल 2017 से लेकर 2021 तक की कंपाउंड आर्थिक…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    रेलवे भर्ती: अध्यापकों पर FIR, समर्थन में उतरे छात्र!
    28 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं रेलवे परीक्षा में हुई धांधली पर चल रहे आंदोलन की। क्या हैं छात्रों के मुद्दे और क्यों चल रहा है ये आंदोलन, आइये जानते हैं अभिसार से
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License