NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इजिप्ट की संसद ने आतंकवादी समूहों से कथित संबंधों वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्ख़ास्त करने के लिए क़ानून पारित किया
संसद ने 2017 से लागू देश की आपात स्थिति को 24 जुलाई से अगले तीन महीनों के लिए बढ़ा दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
14 Jul 2021
इजिप्ट की संसद ने आतंकवादी समूहों से कथित संबंधों वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्ख़ास्त करने के लिए क़ानून पारित किया

इजिप्ट की संसद ने एक नए कानून को मंजूरी दी जिसके अनुसार सरकार सरकारी कर्मचारियों और अन्य सिविल सेवकों को बर्खास्त कर सकती है यदि उन पर "आतंकवादी समूहों" से संबंध होने का संदेह है और सरकार के आर्थिक हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया जाता है। संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव द्वारा पारित नया कानून सरकार की आतंकवाद सूची जैसे मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ-साथ कुछ उदारवादी और वामपंथी समूहों से कथित संबंध वाले लोक सेवकों की "गैर-अनुशासनात्मक बर्खास्तगी" की अनुमति देता है। बर्खास्त किए जाने के साथ-साथ विचाराधीन कर्मचारी की संपत्ति जब्त की जाएगी और 60 दिनों तक यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा।

आतंकवाद विरोधी कानून के साथ हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने 24 जुलाई 2021 को सुबह 1 बजे से शुरू देश में आपातकाल को और तीन महीने के लिए बढ़ा दिया। राष्ट्रपति सिसी द्वारा इस आशय का एक आदेश जारी करने के बाद यह निर्णय लिया गया। ईजिप्ट में सुरक्षा को संरक्षित करने का हवाला दिया गया कि सभी सरकारी और निजी संपत्ति की रक्षा करना और इजिप्ट की सेना और अन्य सुरक्षा बलों को आतंकवाद से लड़ने के लिए सभी उपाय करने की अनुमति देना है। इस देश में 2017 से आपातकाल है।

मानवाधिकार समूहों और एक्टिविस्टों ने चिंता व्यक्त की कि राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी की सरकार की आलोचना करने वाले किसी भी व्यक्ति को लक्षित करने के लिए सरकार द्वारा नए कानून का दुरुपयोग किया जा सकता है। 2013 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने मानवाधिकार एक्टिविस्टों, पत्रकारों, लेखकों, विपक्षी समूहों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ उत्पीड़न के एक लंबे समय तक चलने वाले, व्यवस्थित अभियान की शुरुआत की है।

60,000 से अधिक राजनीतिक कैदी अभी भी सरकार द्वारा बिना किसी आरोप या मुकदमे के कैद हैं। कैदियों को प्रताड़ित किया जाता है और अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता है, जबकि उन्हें उचित हेल्थकेयर से भी वंचित किया जाता है। इनमें से कई हिरासत में मर जाते हैं। मानवाधिकार समूह कमेटी फॉर जस्टिस के अनुसार जुलाई 2013 में ईजिप्ट के पहले लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के खिलाफ सैन्य तख्तापलट में सिसी के सत्ता संभालने के बाद से कम से कम 1000 राजनीतिक कैदी हिरासत में मारे जा चुके हैं। फांसी की सजा देने वालों में इजिप्ट दुनिया के उन शीर्ष देशों में जिसमें सऊदी अरब और ईरान शामिल हैं। यहां मृत्यूदंड में तीनगुना इजाफा हो गया है है। 2019 में 32 मृत्युदंड की सजा दी गई जो बढ़ाकर 2020 में 107 हो गई।

egypt
egypt parliament
emergency in egypt

Related Stories

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

इजिप्ट : राजनीतिक क़ैदियों के समर्थन में मशहूर हस्तियों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

इतिहासकार की हिरासत को लेकर व्यापक आलोचना के बाद इजिप्ट ने ज़मानत पर रिहा किया

ईजिप्ट की आयरन एंड स्टील कंपनी बेचने का विरोध करने पर कर्मचारियों से सख़्ती

युद्धविराम की घोषणा के बाद गाज़ा में इज़रायली हमले समाप्त

ईजिप्ट : पुलिस स्टेशन पर 2013 के हमले के मामले में एक ही दिन में 17 लोगों को फांसी

मिस्र में मानवाधिकार उल्लंघन के रिकॉर्ड को देख अधिकार संगठनों का अमरीका से उसकी सैन्य सहायता रोकने का आह्वान

ईजिप्ट के मशहूर पत्रकार ख़ालिद दाऊद 18 महीने की हिरासत के बाद रिहा

जॉर्डन में तख़्तापलट की कोशिशों ने छोड़े सबूत

ईजिप्ट की मशहूर कार्यकर्ता सना सैफ़ को 18 महीने जेल की सज़ा सुनाई गई


बाकी खबरें

  • रवि शंकर दुबे
    यूपी; नोट करें: आपके आस-पड़ोस में कब पड़ेंगे वोट, किस दिन आएगी आपकी बारी
    10 Jan 2022
    इस बार उत्तर प्रदेश के चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाले हैं। नोट कीजिए सात चरणों का पूरा ब्योरा, किस ज़िले और विधानसभा में कब होगा मतदान।
  • Manual scavenging
    एम.ओबैद
    क़ानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारे जा रहे सफाईकर्मी
    10 Jan 2022
    गुजरात के गांधीनगर के नवरात्रि चौक के पास एक दलित व्यक्ति अमर सिंह वसावा को बंद पड़े सीवर की सफाई करने के लिए मजबूर किया गया और उसे साफ करने के लिए गहरे सीवर में उतरना पड़ा।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    विधानसभा चुनाव अपडेट, 24 घंटे में कोरोना के मामले 2 लाख के क़रीब और अन्य ख़बरें
    10 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव अपडेट, कोरोना के 7 लाख से ज़्यादा एक्टिव मरीज़ और अन्य ख़बरों पर।
  • virtual rally
    सोनिया यादव
    यूपी: क्या चुनावी रैलियों पर रोक से बीजेपी को हो सकता है बड़ा फ़ायदा?
    10 Jan 2022
    आयोग के नए नियमों का सीधा लाभ बीजेपी को मिल सकता है क्योंकि उसके पास अथाह पैसा है और वो टेक्नॉलजी के मामले में देश के किसी भी अन्य राजनीतिक दल के मुकाबले कहीं आगे है।
  • VHP and Bajrang Dal
    विजय विनीत
    विहिप और बजरंग दल नेताओं से भरवाया गया निजी मुचलका, संगठनों ने चुपके से बाहर किया
    10 Jan 2022
    गंगा घाट पर 'गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंध' के पोस्टर लगाने के मामले में पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर निजी मुचलके पर छोड़ा। ख़ूब छीछालेदर के बाद आरएसएस-भाजपा से जुड़े इन संगठनों से बाहर किए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License