NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनाव सुधार बिल दोनों सदनों में पास, विपक्ष ने उठाया निजता के अधिकार का सवाल
20 दिसंबर को लोकसभा में पास होने के बाद आज 21 दिसंबर को चुनाव सुधार बिल राज्यसभा में भी बिना किसी बहस के पास कर दिया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Dec 2021
Election reform bill passed in both houses

5 राज्यों में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे ठीक पहले विवादित चुनाव सुधार बिल को दोनों सदनों में पारित कर दिया गया है। आज 21 दिसंबर को यह बिल राज्यसभा में भी बिना किसी बहस के पास कर दिया गया। बता दें कि कल 20 दिसंबर को ही इसे लोकसभा में भी बिना किसी बहस के पास कर दिया गया था। राष्ट्रपति की मंज़ूरी के बाद इसे क़ानून बना दिया जाएगा।

चुनाव सुधार बिल को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। दरअसल इस बिल में आधार कार्ड को वोटर आईडी से जोड़ने का प्रावधान है, जिसका विरोध करते हुए विपक्षी दलों ने निजता के अधिकार क़ानून की बात की है।

संसद में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़े जाने के प्रावधान वाले विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित करने का प्रयास करार दिया जबकि सरकार ने कहा कि इस विधेयक से देश में फर्जी मतदान रोकने में मदद मिलेगी और मतदाता सूची की शुचिता को सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बिल को ध्वनिमत से पारित किया गया। 12 विपक्षी सदस्यों के निलंबन को रद्द करने और निर्वाचन विधि (संशोधन) विधेयक पर सदस्यों को संशोधन लाने के लिए समुचित समय नहीं दिये जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने सदन से वाकआउट किया। 

आधार कार्ड को लेकर विपक्ष की आपत्तियों का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि मतदान अधिकारी मतदाता की पहचान स्थापित करने मात्र के लिए आधार कार्ड का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित डेटा बेस सिर्फ चुनाव आयोग के पास रखा जाएगा और इसे सार्वजनिक स्तर पर नहीं रखा जाएगा।

इससे पहले एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि आधार और वोटर कार्ड को जोड़ना सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन है, जिसमें अदालत ने निजता को मौलिक अधिकार बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा होने से लोगों की निजता और सुरक्षा को खतरा है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि आधार कार्ड निवास का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं. उन्होंने कहा कि अगर आधार को वोटर कार्ड से जोड़ा जाता है तो इससे गैर-नागरिकों को भी वोटिंग का अधिकार मिल जाएगा. थरूर ने कहा कि इसके जरिए सरकार संभावित रूप से गैर-नागरिकों को वोटिंग का अधिकार दे रही है।

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Election reform bill
voter card
Aadhar card
Aadhar link with Voter card

Related Stories

आधार को मतदाता सूची से जोड़ने पर नियम जल्द जारी हो सकते हैं : मुख्य निर्वाचन आयुक्त

कैसे भारतीय माताओं के लिए निर्धारित 84,000 करोड़ रुपयों से उन्हें वंचित रखा गया

चुनाव 2022: अब यूपी में केवल 'फ़ाउल प्ले' का सहारा!

वोटर आईडी और आधार लिंकिंग : वोट कब्ज़ाने का नया हथियार!

मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने की संसदीय समिति ने पैरवी की

आधार कानून में निजी कंपनियों को जोड़ने के मामले में केंद्र से जवाब तलब

आधार संशोधन विधेयक को मंत्रिमंडल की मंजूरी, संसद के अगले सत्र में होगा पेश

दिल्ली की स्कूली शिक्षा में बाधा बन रहा है "आधार कार्ड"

दिल्ली: स्कूलों में आधार कार्ड और बैंक खातों न होने के कारण 60,000 से अधिक छात्रों की पात्रता अस्वीकार

झारखंड में मौतें : क्या आधार कार्ड की कोई भूमिका थी ?


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License