NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एल्गार मामला : यूएपीए लगाए जाने के खिलाफ आरोपी सेन ने उच्च न्यायालय में अपील की
सेन को जून 2018 में गिरफ्तार किया गया था और वह तबसे यहां भायखला महिला कारावास में बंद हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Apr 2021
एल्गार मामला : यूएपीए लगाए जाने के खिलाफ आरोपी सेन ने उच्च न्यायालय में अपील की

एल्गार परिषद माओवादी संपर्क मामले में आरोपी प्रोफेसर शोमा सेन ने उन पर सख्त गैरकानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम के तहत आरोप लगाए जाने के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

सेन को जून 2018 में गिरफ्तार किया गया था और वह तबसे यहां भायखला महिला कारावास में बंद हैं।

उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में सेन ने अमेरिका स्थित एक डिजिटल फोरेंसिक संस्थान की रिपोर्ट का उल्लेख किया जिसमें दावा किया गया है कि कार्यकर्ता रोना विल्सन के लैपटॉप में साइबर हमले के जरिये घुसपैठ की गई और उनके कंप्यूटर पर कम से कम 10 आपत्तिजनक पत्र डाले गए।

विल्सन इस मामले में सेन की सह-आरोपी है और उन्होंने भी फरवरी में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी मामले में अपने और अन्य सह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट का हवाला देते हुए कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध किया था।

सेन ने कहा कि उनके खिलाफ पूरा मामला इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर आधारित है जिसे लेकर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का दावा है कि उसने उन्हें विल्सन के कंप्यूटर से बरामद किया।

याचिका में सेना ने कहा कि अमेरिकी संस्था की रिपोर्ट के मद्देनजर कानून की नजरों में ऐसे साक्ष्यों की कोई अहमियत नहीं होनी चाहिए।

उनके वकील राहुल अरोटे ने कहा कि उच्च न्यायालय में याचिका पर सुनवाई के लिये अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है।

इस तरह के मामलों में देश के कई बुद्धजीवियों, पत्रकारों, लेखकों सहित समाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी हुई है।  हालांकि, किसी भी मामले में पुलिस कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है। इसमें आनन्द तेलतुम्बड़े के अतिरिक्त, सुधा भारद्वाज, सोमा सेन, अरुण फरेरा, वेरनॉन गोंजाल्विस, फादर स्टेन स्वामी, सुधीर धावले वरवरा राव, रोना विल्सन, गौतम नवलखा, जैसे बुद्धिजीवी भी शामिल हैं। यह सभी, आम लोगों के सम्मानपूर्वक जीने के हक के पक्ष में, कोर्ट से लेकर सड़क तक संघर्षशील रहे हैं। ये लोग स्वास्थ्य-शिक्षा मुफ्त मिले, इसके लिए निजीकरण का विरोध करते रहे हैं और उन आदिवासियों के साथ खड़े हुए जिनकी जीविका के संसाधन को छीन कर पूंजीपतियों के हवाले किया जाता रहा है। इसलिए ये लोग शासक वर्ग के आंखों के किरकिरी बने हुए थे।

सुधा भरद्वाज, वरवरा राव , अरुण फरेरा, वेरनॉन गोंजाल्विस, फादर स्टेन स्वामी, सुधीर धावले, वरवरा राव, रोना विल्सन भीमा कोरेंगांव केस में जून और सितम्बर, 2018 से ही महाराष्ट्र के जेलों में बंद हैं। जबकि उस केस के असली गुनाहगार संभाजी भिंडे और मिलिन्द एकबोटे बाहर हैं।

महाराष्ट्र में सरकार बदलने के बाद केन्द्र सरकार ने इस केस को एनआईए के हाथों में सुपुर्द कर दिया था। 18 माह बाद लम्बी कानूनी प्रक्रिया झेलने के बाद 14 अप्रैल 2020, को गौतम नवलखा और आनन्द तेलतुम्बड़े को एनआईए के समक्ष आत्मसमर्पण करना पड़ा। तब से ही ये दोनों भी जेल में है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Bhima Koregaon
Elgar case
UAPA
Professor Shoma Sen

Related Stories

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

भीमा कोरेगांव: HC ने वरवर राव, वर्नोन गोंजाल्विस, अरुण फरेरा को जमानत देने से इनकार किया

दिल्ली दंगा : अदालत ने ख़ालिद की ज़मानत पर सुनवाई टाली, इमाम की याचिका पर पुलिस का रुख़ पूछा

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 

कश्मीर यूनिवर्सिटी के पीएचडी स्कॉलर को 2011 में लिखे लेख के लिए ग़िरफ़्तार किया गया

अदालत ने वरवर राव की स्थायी जमानत दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज की

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए


बाकी खबरें

  • इज़रायल ने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों की इमारतों को गिराया
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल ने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों की इमारतों को गिराया
    05 Aug 2021
    इज़रायली अधिकारियों ने फ़िलिस्तीनियों की कई संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया और बिल्डिंग परमिट की कमी का हवाला देते हुए इस विध्वंस को उचित ठहराया।
  • विरोध प्रदर्शन ने बाइडेन को नया एविक्शन बैन लागू करने के लिए मजबूर किया
    पीपल्स डिस्पैच
    विरोध प्रदर्शन ने बाइडेन को नया एविक्शन बैन लागू करने के लिए मजबूर किया
    05 Aug 2021
    अमेरिका में विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ-साथ प्रगतिशील सदस्य कोरी बुश के नेतृत्व में राजधानी में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच नई एविक्शन मोरेटोरियम लागू किया गया।
  • दिल्ली बलात्कार कांड: जनसंगठनों का कई जगह आक्रोश प्रदर्शन; पीड़ित परिवार से मिले केजरीवाल, राहुल और वाम दल के नेता
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली बलात्कार कांड: जनसंगठनों का कई जगह आक्रोश प्रदर्शन; पीड़ित परिवार से मिले केजरीवाल, राहुल और वाम दल के नेता
    05 Aug 2021
    दिल्ली कैंट के पुराना नांगल गांव की 9 वर्षीय दलित बच्ची के सामूहिक बलात्कार, हत्या और जबरन दाह संस्कार के विरोध में  बुधवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर दलित शोषण मंच व वाम छात्र और महिला संगठनों ने…
  • ग़रीब देशों को कोविड-19 वैक्सीन की अधिक आपूर्ति के लिए अमीर देशों से बूस्टर खुराक रोकने को डब्ल्यूएचओ ने कहा
    पीपल्स डिस्पैच
    ग़रीब देशों को कोविड-19 वैक्सीन की अधिक आपूर्ति के लिए अमीर देशों से बूस्टर खुराक रोकने को डब्ल्यूएचओ ने कहा
    05 Aug 2021
    कुछ देशों ने अपनी आधी से अधिक आबादी को पहले ही टीका लगा लिया है जबकि कई देशों में टीकाकरण अभी शुरू ही हुआ है।
  •  उच्चतम न्यायालय
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खोरी गांव पर उच्चतम न्यायालय: जिनके घर तोड़े गए, उनके पुनर्वास के लिए जल्द कदम उठाए हरियाणा सरकार"
    05 Aug 2021
    याचिकाकर्ता सरीना सरकार ने बताया कि उसे किसी प्रकार की कोई भी पुनर्वास संबंधी सहायता नगर निगम की ओर से प्रदत्त नहीं की जा रही है। उल्टा नगर निगम बेदखल परिवारों को खोरी गांव की जमीन से जबरन भगाना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License